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अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे राजस्थान के ये मंत्री, IAS अर्तिका शुक्ला के खिलाफ खोला मोर्चा, जानें वजह

राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा अपनी ही सरकार में प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ धरने पर बैठ गए। जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरुका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए…

Navbharat Times के अनुसार12 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे राजस्थान के ये मंत्री, IAS अर्तिका शुक्ला के खिलाफ खोला मोर्चा, जानें वजह

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा अपनी ही सरकार में प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ धरने पर बैठ गए। जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरुका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

अलवर : भजनलाल सरकार में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बाद पर्यावरण वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी सुर्खियों में हैं। दरअसल, वन मंत्री संजय शर्मा अलवर की कलेक्टर अर्तिका शुक्ला और नगर परिषद आयुक्त सोहन सिंह नरुका की कार्यशैली से बेहद खफा है। इसको लेकर संजय शर्मा बुधवार को धरने पर बैठ गए। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है कि जब तक सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की फाइल का निपटारा नहीं होगा।तब तक वह धरना से नहीं हटेंगे।

सफाई कर्मियों की भर्ती अटकने से नाराज वन मंत्री

दरअसल, यह मामला अलवर नगर निगम से जुड़ा हुआ है, जहां सफाई कर्मियों की नियुक्ति पत्र देने को लेकर यह विवाद शुरू हुआ है। इसको लेकर वन मंत्री संजय शर्मा अलवर की जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से बेहद नाराज हैं। उन्होंने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही यहां तक कह दिया कि कलेक्टर को समाज का भला करना चाहिए, लेकिन उनको लूट कर खाना हैं। कलेक्टर बनकर यहां हरामखोर कर रखी है।

यह है पूरे विवाद की वजह

दरअसल, अलवर नगर निगम में सफाई कर्मियों की भर्ती का मामला काफी समय से चल रहा है। 329 अभ्यर्थियों को योग्य माने जाने के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इसको लेकर वन मंत्री नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त जानबूझकर इस मामले को अटका रहे हैं। जबकि अभ्यर्थी कोर्ट से यह मामला जीत चुके हैं। और स्वायत्त शासन विभाग ने भी 329 अभ्यर्थियों को योग्य माना हैं।

कमिश्नर को कहा, क्या तुम सरकार से भी बड़े हो

सफाई कर्मियों की भर्ती के मामले को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा बुधवार को धरने पर बैठ गए। उनके साथ बीजेपी के नेता और सफाई कर्मचारी भी मौजूद थे। इस दौरान मामले की सूचना मिलते ही नगर परिषद आयुक्त सोहन सिंह नरूका मंत्री के पास पहुंचे, तो संजय शर्मा ने उन्हें जमकर लताड़ा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि 'क्या तुम सरकार से भी बड़े हो, ना तो मेरी सुन रहे हो, ना नगरीय विकास मंत्री के सुन रहे हो। इस दौरान जिला कलेक्टर के मौके पर नहीं आने से नाराज संजय शर्मा का पारा और गर्म हो गया। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं होंगे। वह धरने से नहीं उठेंगे।

वन मंत्री ने आर्तिका शुक्ला के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए

वन मंत्री ने अलवर की जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर का व्यवहार ऐसा है, जैसे वह खुद को राजा समझती हैं और हम उनकी प्रजा हैं। जबकि वह इस मामले में जिला प्रशासन से कई बार आग्रह कर चुके हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान वन मंत्री ने कहा कि पिछले करीब 7 महीने से जिला प्रशासन और नगर परिषद आयुक्त की ओर से उन्हें इस मामले में गुमराह किया जा रहा है।

किरोड़ी लाल मीणा भी कर चुके हैं ऐसा धरना

बता दें कि वन मंत्री संजय शर्मा से पहले कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी पिछले साल अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह का धरना कर चुके हैं, जो सियासत में काफी चर्चा में रहा। इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले को लेकर अपनी सरकार को जमकर घेरा था। उन्होंने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करवाने के लिए सरकार पर दबाव भी बनाया। इस बीच उनका एक हैरान कर देने वाला बयान भी सामने आया कि 'मेरा फोन टेप करवाया जा रहा है और सीआईडी के लोग मेरा पीछा कर रहे हैं।' इसी तरह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर हुए आंदोलन में इंस्पेक्टर कविता शर्मा के साथ उनकी तीखी नोंक झोंक हुई थी। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कविता शर्मा को अपनी ही सरकार में बैठे हुए कुछ प्रभावशाली लोगों के शह देने का बड़ा आरोप लगाया था।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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