राजस्थान निकाय चुनाव: जयपुर में शहरी सरकार बनाने में Gen Z का रहेगा कितना रोल, वोटिंग पूरा ब्यौरा समझें
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें 24.24 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल मतदाताओं में से लगभग 17 प्रतिशत आबादी युवाओं की है, जो तय करेंगे कि जयपुर निगम पर किस पार्…

सौजन्य से:- Navbharat Times
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें 24.24 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल मतदाताओं में से लगभग 17 प्रतिशत आबादी युवाओं की है, जो तय करेंगे कि जयपुर निगम पर किस पार्टी का बोर्ड बनेगा।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम चुनाव का चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही शहर में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें 24.24 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव के परिणाम 13 सितंबर को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। इसके बाद महापौर पद के लिए 21 सितंबर को नामांकन और 22 सितंबर को चुनाव व मतगणना संपन्न होगी। उपमहापौर का चुनाव 23 सितंबर को निर्धारित किया गया है।
17 प्रतिशत जेन-जी मतदाता तय करेंगे बोर्ड का भविष्य
इस निकाय चुनाव में युवा यानी जेन-जी (18 से 24 वर्ष की आयु वर्ग) मतदाता निर्णायक भूमिका निभाने जा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि कुल मतदाताओं में से लगभग 17 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 35 से 42 हजार युवा मतदाता हैं, जिनका रुझान यह तय करेगा कि जयपुर निगम पर किस पार्टी का बोर्ड बनेगा।
पुरुष मतदाताओं का दबदबा, थर्ड जेंडर भी शामिल
कुल 24,24,709 पंजीकृत मतदाताओं में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। शहर में महिला मतदाताओं की तुलना में 91,670 पुरुष मतदाता अधिक हैं। आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में 12,58,169 पुरुष, 11,66,479 महिलाएं और 61 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। शहर के वार्ड-26 में सबसे अधिक 20,403 मतदाता हैं, जबकि वार्ड-48 में सबसे कम मतदाता दर्ज किए गए हैं।
विधानसभा वार मतदाताओं के आंकड़ों को यहां समझिए
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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