फर्जी फसल बीमा के खिलाफ राजस्थान सरकार का सख्त! होने लगी FIR, कृषि विभाग लेगा ये एक्शन
Kisan Fasal Bima: राजस्थान कृषि विभाग ने टोंक और जयपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में भूमि रिकॉर्ड फेरबदल और फर्जी पॉलिसियों के खेल का पर्दाफाश किया है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने दोषी किसानों, सीएससी सं…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Kisan Fasal Bima: राजस्थान कृषि विभाग ने टोंक और जयपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में भूमि रिकॉर्ड फेरबदल और फर्जी पॉलिसियों के खेल का पर्दाफाश किया है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने दोषी किसानों, सीएससी संचालकों और दलालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में फर्जी पॉलिसी बनाने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाई गई। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल की ओर से फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी और जयपुर जिले के दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी, सीएससी (ई-मित्र) एवं अन्य किसानों के विरूद्व पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाकर कठोर कार्यवाही के लिए निर्देश जारी किये गये हैं।
फर्जीवाड़े के लिए अपनाया गए ये तरीके
जांच में सामने आया है कि भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाई जा रही थी, बिना खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा करवाया जा रहा था, एक ही खसरा पर अनेक पॉलिसी जारी की जा रही थीं, खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र पर बीमा करवाया जा रहा था तथा वास्तविक बोई गई फसल के बजाय दूसरी फसल का बीमा करवाया जा रहा था। विभाग का मानना है कि इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
वास्तविक किसानों के हितों की होगी रक्षा
कृषि आयुक्त गोयल ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए विभाग दृढ़ है। फर्जी पॉलिसी जारी करने में शामिल सीएससी (ई-मित्र), सहयोगी किसानों, सक्रिय दलालों, बीमा कंपनी के कर्मचारियों तथा वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
कृषि आयुक्त के साफ निर्देश होगी कार्रवाई
गोयल ने सभी सीएससी (ई-मित्र) संचालकों, किसानों, दलालों, बीमा कर्मचारियों और वित्तीय संस्थाओं को आगाह किया है कि यदि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा। फर्जी तरीके से बनाई गई फसल बीमा पॉलिसियों को तत्काल निरस्त करवा लिया जाए, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कृषि विभाग ईमानदार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और योजना का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
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पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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