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खुली ठगी की पोल: जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नाम से साइबर ठगी की कोशिश, फर्जी मैसेज भेजकर मांगे रुपए - राजस्थान से जुड़े तार | Cyber ​​fraud attempted using the District Magistrate and Municipal Commissioner's name, sending fake messages demanding money - links to Rajasthan

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bhaskarhindi.com के अनुसार3 अगस्त 2026 को 04:15 am बजे
खुली ठगी की पोल: जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नाम से साइबर ठगी की कोशिश, फर्जी मैसेज भेजकर मांगे रुपए - राजस्थान से जुड़े तार | Cyber ​​fraud attempted using the District Magistrate and Municipal Commissioner's name, sending fake messages demanding money - links to Rajasthan

सौजन्य से:- bhaskarhindi.com

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खुली ठगी की पोल: जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नाम से साइबर ठगी की कोशिश, फर्जी मैसेज भेजकर मांगे रुपए - राजस्थान से जुड़े तार

Nagpur News. साइबर अपराधियों ने इस बार जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नाम का दुरुपयोग कर सरकारी अधिकारियों से ठगी करने की कोशिश की। आरोपियों ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी मोबाइल नंबर से कई अधिकारियों को संदेश भेजे और रुपए की मांग की। मामले का खुलासा होने के बाद शनिवार को साइबर पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

डीपी में अधिकारियों की फोटो लगाकर बनाया भरोसा

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी ने नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद और मनपा आयुक्त डॉ. विपिन की फोटो अपने मोबाइल नंबर की डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) पर लगाई। इसके बाद उनके नाम से नागपुर शहर और जिले में कार्यरत कई शासकीय अधिकारियों को संदेश भेजे गए, ताकि उन्हें यह विश्वास हो जाए कि संदेश वास्तव में जिलाधिकारी या मनपा आयुक्त ने ही भेजा है।

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कहीं फर्नीचर बेचने का बहाना, तो कहीं पैसों की मांग

फर्जी संदेशों में कुछ अधिकारियों को दूसरे शहर में तबादला होने के कारण पुराना फर्नीचर बेचने का झांसा दिया गया, जबकि कुछ अधिकारियों से अचानक आर्थिक जरूरत बताकर रुपए भेजने के लिए कहा गया।

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संदेह होने पर खुली ठगी की पोल

ऐसे ही संदेश 28 और 31 जुलाई 2026 को नायब तहसीलदार प्रफुल साखरकर और शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य हेमंत आवारे को भी मिले। दोनों अधिकारियों को संदेश संदिग्ध लगा, जिसके बाद उन्होंने इसकी जांच की। पड़ताल में पता चला कि संदेश फर्जी नंबर से भेजे गए थे। इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

राजस्थान के अलवर से जुड़े मिले तार

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस साइबर ठगी के तार राजस्थान के अलवर जिले से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। साइबर पुलिस मामले की तकनीकी जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Created On : 2 Aug 2026 7:25 PM IST

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