Cyber Crime : देश में हर दिन 1.3 लाख से ज्यादा साइबर हमले, मोबाइल में सेव डेटा बन सकता है साइबर ठगी का बड़ा कारण
Cyber Crime : देश में हर दिन 1.3 लाख से ज्यादा साइबर हमले, मोबाइल में सेव डेटा बन सकता है साइबर ठगी का बड़ा कारण पासवर्ड, बैंकिंग पिन और निजी दस्तावेज फोन में रखना पड़ सकता है भारी. Published : August 4, 2026 at 5:40 PM…

सौजन्य से:- ETV Bharat
Cyber Crime : देश में हर दिन 1.3 लाख से ज्यादा साइबर हमले, मोबाइल में सेव डेटा बन सकता है साइबर ठगी का बड़ा कारण
पासवर्ड, बैंकिंग पिन और निजी दस्तावेज फोन में रखना पड़ सकता है भारी.
Published : August 4, 2026 at 5:40 PM IST
|Updated : August 4, 2026 at 8:38 PM IST
जयपुर: देश में हर दिन औसतन 1.3 लाख से ज्यादा साइबर हमले (Cyber Attack) के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में मोबाइल में सुविधा के लिए सेव रखा गया डेटा साइबर ठगी का बड़ा कारण बन सकता है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो भूलने की दिक्कत के कारण महत्वपूर्ण पासवर्ड और बैंकिंग पिन मोबाइल में सेव करके रखते हैं तो सावधान और सतर्क होने की जरूरत है.
साइबर हमले के जरिए साइबर अपराधी आपके मोबाइल से ऐसे संवेदनशील जानकारी चुराकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे सकते हैं. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए स्मार्टफोन में निजी और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने को लेकर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है.
पढ़ें : CYBER CRIME : संस्थागत वेब पोर्टल्स की सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी जारी
पुलिस ने बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके : पुलिस ने चेतावनी दी है कि आज स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, निजी दस्तावेज, डिजिटल लॉकर और व्यक्तिगत जानकारी का केंद्र बन चुका है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर ठगी, पहचान चोरी और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. हाल ही में सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों का हवाला देते हुए साइबर अपराध विंग ने यह एडवाइजरी जारी की है. जिसमें साइबर ठगी की नई तरकीब और उससे बचने के उपाय बताए गए हैं.
1 टीबी डेटा डार्क वेब पर लीक : एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मचारी के ईमेल से करीब 1 टीबी डेटा डार्क वेब पर लीक होने का मामला सामने आया था. वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार 61 प्रतिशत लोग अपने निजी दस्तावेज, 60 प्रतिशत लोग फोटो-वीडियो, 38 प्रतिशत लोग बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, 48 प्रतिशत लोग ऑफिस ई-मेल, 37 प्रतिशत लोग एआई चैट हिस्ट्री और 34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड भी मोबाइल फोन में ही सेव रखते हैं. उन्होंने बताया कि भारत में रोजाना 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले होते हैं. इसलिए एक छोटी सी लापरवाही से आर्थिक नुकसान और पहचान चोरी का खतरा हो सकता है.
चार तरह की जानकारी रहती है निशाने पर :
- एडीजी सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी मुख्य रूप से चार तरह की जानकारी को निशाना बनाते हैं.
- पहचान चोरी (Identity Theft) में आधार, पैन, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम, बैंक खाते या लोन लिए जा सकते हैं.
- वित्तीय धोखाधड़ी में बैंकिंग एप, यूपीआई और ओटीपी तक पहुंच बनाकर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है.
- ब्लैकमेलिंग: निजी फोटो, वीडियो और एआई चैट हिस्ट्री के जरिए ब्लैकमेल या डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध किए जा सकते हैं.
- कॉरपोरेट जासूसी: ऑफिस ई-मेल और गोपनीय दस्तावेज चुराकर कंपनियों से फिरौती मांगी जा सकती है.
इन सावधानियों से मोबाइल को रखें सुरक्षित :
- सार्वजनिक वाईफाई पर बैंकिंग या संवेदनशील काम करने से बचें. भरोसेमंद वीपीएन का प्रयोग करें.
- फोन में स्टोरेज एन्क्रिप्शन और स्क्रीन लॉक हमेशा चालू रखें.
- विभिन्न एप को केवल आवश्यक परमिशन दें और अनावश्यक एक्सेस बंद करें.
- बैंकिंग एप और महत्वपूर्ण दस्तावेज होम स्क्रीन, गैलरी में खुला नहीं रखें.
- ऐसे एप और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सिक्योर फोल्डर या हिडेन फोल्डर में रखना ज्यादा सुरक्षित है.
- क्लाउड बैकअप को मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित रखें.
- एप केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें.
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें.
- मोबाइल में लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटो बैकअप और स्क्रीन लॉक हमेशा सक्रिय रखें.
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत : यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि का सामना करना पड़े तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें. साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज कराई जा सकती है. राजस्थान पुलिस ने साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए हैं.
अलवर में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार : जिले में साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए अलवर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे साइबर संग्राम अभियान 3.0 के अंतर्गत अलवर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक शातिर अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार साइबर ठग जम्मू कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश एवं हरियाणा के लोगों को अपना शिकार बनाता था. फिलहाल, अलवर पुलिस प्रकरण में अनुसंधान कर रही है.
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शौकीन (20) पुत्र इसब निवासी नौगांवा, जिला अलवर लोगों को सोशल मीडिया के जरिए अपने झांसे में लेकर ठगी करता था. उन्होंने बताया कि आरोपी कभी मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर लोगों से रुपए ऐंठता, कभी सस्ते दामों में लेडीज सूट सलवार बेचने के नाम पर खुद को कपड़ा फैक्ट्री का मालिक बता कर लोगों से खाते में ऑनलाइन भुगतान करवाता और फिर लोगों से दूरी बना लेता. पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बताया कि अनुसंधान में ज्ञात हुआ कि आरोपी जम्मू कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाता था.
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