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संवाद, सत्यापन और सख्ती से अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश

जयपुर राज्य में तीन दिन का खास अभियान चलाया गया, जिसमें संवाद, सत्यापन और सख्ती के जरिए अपराध पर काबू करने की कवायद की गई।

ETV Bharat के अनुसार20 जुलाई 2026 को 01:33 pm बजे
संवाद, सत्यापन और सख्ती से अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश

सौजन्य से:- ETV Bharat

Crime Control : संवाद, सत्यापन और सख्ती से क्राइम कंट्रोल की कवायद, जयपुर रेंज के 8 जिलों में तीन दिन चला खास अभियान

जयपुर रेंज आईजी कार्यालय से मॉनिटरिंग, जिलों में एसपी ने संभाली कमान.

Published : July 20, 2026 at 6:02 PM IST

जयपुर: राजस्थान में जयपुर रेंज के आठ जिलों में अपराध के आंकड़ों को काबू करने के लिए तीन दिन तक खास अभियान चलाया गया. जिसमें संवाद, सत्यापन और सख्ती के जरिए अपराध के आंकड़ों को काबू करने की कवायद की गई. इस अभियान के पहले दिन सभी जिलों में एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई कर 800 से ज्यादा बदमाशों पर नकेल कसी गई.

जबकि, दूसरे दिन सभी जिलों में बाहरी लोगों का सत्यापन किया गया. वहीं, तीसरे दिन आमजन से संवाद किया गया. जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर रेंज में जयपुर ग्रामीण, अलवर, दौसा, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और झुंझुनू में तीन दिन तक खास अभियान चलाया गया.

सीएम और डीजीपी के निर्देश पर चलाया अभियान : आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने के साथ ही साइबर अपराध, मादक पदार्थ की तस्करी और संगठित माफिया पर लगाम लगाना है. बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों के मूवमेंट पर भी नजर रखने के निर्देश हैं. कई बार आपराधिक प्रवृत्ति के बदमाश भी छिपे होते हैं. इनके मद्देनजर कड़ी कार्रवाई करना प्राथमिकता है, ताकि धरातल पर असर दिखाई दे. इसके साथ ही आमजन से जुड़ाव रखने के भी निर्देश दिए गए, ताकि उनकी बात सीधे पुलिस तक पहुंचे.

संवाद से अपराध पर काबू करने का प्रयास : वे बोले- आमजन और पुलिस के बीच सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी और पुलिस मित्र एक सेतु का काम करते हैं. इनसे संवाद बने रहने से भी आपराधिक गतिविधियों पर असर पड़ता है. उनसे सुझाव मिलते रहते हैं और लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी मिलती रहती है. जिनके आधार पर पुलिस अपना एक्शन प्लान तैयार करती रहती हैं. इसी के मद्देनजर तीन दिन का विशेष अभियान चलाया गया.

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पहले दिन बदमाशों पर कसी नकेल : उन्होंने बताया कि अभियान के पहले दिन एरिया स्पेसिफिक क्राइम को प्राथमिकता पर रखते हुए एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई की. जहां साइबर अपराध ज्यादा था, वहां इससे जुड़ी कार्रवाई की गई. जहां संगठित अपराध ज्यादा है, वहां गैंगस्टर्स के नेटवर्क को खंगाला गया. जिन इलाकों में हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले ज्यादा हैं, वहां उन पर फोकस किया गया. जिलों में टीमों का गठन कर छापेमारी की गई. इस दौरान 803 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया. कई नए मुकदमे भी दर्ज किए गए.

दूसरे दिन बाहरी लोगों का किया सत्यापन : उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे दिन सभी जिलों में रहने वाले बाहरी लोगों का सत्यापन किया गया. इसके लिए व्यापक वैरिफिकेशन अभियान चलाया गया. थड़ी-ठेलों, सराय, ईंट-भट्टों, फार्म हाउस, क्रशर जैसी जगहों पर रह रहे बाहरी लोगों के दस्तावेजों की जांच की गई. इस दौरान कई संदिग्ध लोग पाए गए. जिनके दस्तावेजों की जांच कर उनकी जानकारी जुटाई गई. अब संबंधित थानों में उनके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में पता करवाया जा रहा है.

आईजी ने चार थानों में ली सीएलजी बैठक : उन्होंने बताया कि अभियान के तीसरे दिन थाना और सर्किल स्तर पर सीएलजी बैठक रखी गई. इनमें से कई मीटिंग्स में एसपी पहुंचे. वे खुद भी चार जगह सीएलजी बैठक में शामिल हुए और लोगों से बातचीत की. वे बोले- अपराध नियंत्रण के लिए आमजन से पुलिस का सतत संवाद आवश्यक है. सीएलजी, सुरक्षा सखी और पुलिस मित्र पुलिस और आमजन के बीच एक सेतु का काम करता है. इसलिए समय-समय पर उनसे संवाद करने से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी मिलती है.

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संदिग्ध लोगों का जांच रहे आपराधिक रिकॉर्ड : उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान जिन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं. उनके दस्तावेजों का रिकॉर्ड लेकर संबंधित थानों को भिजवाया गया है. जहां उनके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों को पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है.

जयपुर रेंज पुलिस का एक्शन :

- जयपुर रेंज के आठ जिलों में तीन दिन तक चलाया गया विशेष अभियान.

- दिन एरिया डोमिनेशन, बाहरी लोगों के दस्तावेजों की जांच और आमजन से किया गया संवाद.

- पहले दिन एरिया डोमिनेशन में 803 बदमाशों को किया गिरफ्तार.

- 80 नए मुकदमे दर्ज कर आरोपियों को दबोचा, 130 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट से 56 संदिग्ध पकड़े.

- पुलिस की 350 टीमों ने 2062 संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी.

- एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज कर की गई जब्ती.

एरिया वैरिफिकेशन में 13,838 लोगों की जांच :

- एरिया वैरिफिकेशन के दौरान जिलों में रह रहे बाहरी लोगों के दस्तावेजों की की गई जांच.

- इस दौरान 13,838 लोगों के दस्तावेजों की जांच की गई, 1426 लोग संदिग्ध पाए गए.

- एसपी ने पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की, एएसपी और सीओ भी उतरे फील्ड में.

- पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ियों के साथ ही औद्योगिक संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान में रहने वाले लोगों की जांच की.

- थड़ी-ठेले पर और फेरी लगाकर सामान बेचने वाले लोगों के दस्तावेजों का भी किया सत्यापन.

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