CM भजनलाल, वसुंधरा राजे और भूपेंद्र यादव... राजस्थान निकाय चुनाव ने BJP के बड़े नेताओं की निकाल दी हवा
Sign In Advertisement X राजस्थान में हुए निकाय चुनाव पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई थी. यह चुनाव लोकसभा और विधानसभा चुनाव से भी बड़ा नजर आया. निकाय चुनाव ने…

सौजन्य से:- AajTak
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राजस्थान में हुए निकाय चुनाव पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई थी. यह चुनाव लोकसभा और विधानसभा चुनाव से भी बड़ा नजर आया. निकाय चुनाव ने राजस्थान में बीजेपी के बड़े नेताओं को आइना दिखा दिया. नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं. लेकिन पार्टी के बड़े नेता अपने ही क्षेत्र में पार्टी को नहीं जीता पाए. राजस्थान के मुख्यमंत्री की बात को या पूर्व मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री की बात हो या प्रदेश के गृहमंत्री की सभी के क्षेत्र में बीजेपी को निराशा मिली.
जनता ने बीजेपी के बड़े नेताओं की निकाल दी हवा
पार्टी के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे थे. प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क पर उतरकर निकाय चुनाव में रोड शो किया. लेकिन उसके बाद भी पार्टी केवल जीत के आंकड़े तक पहुंच पाई. कुछ जगह तो निर्दलीयों के भरोसे पार्टी को अपना बोर्ड बनाना पड़ेगा. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा निकाय चुनाव में दाव पर लगी हुई थी. जो नेता चुनाव से पहले शत प्रतिशत सीट जीतने और बोर्ड बनाने का दावा कर रहे थे. उन सभी दावों की चुनाव परिणामों ने हवा निकाल दी.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर का परिणाम बीजेपी के लिए चिंता बढ़ने वाला रहा. 65 वार्ड वाले भरतपुर नगर निगम में 36 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते. जबकि बीजेपी 20 सीटों पर सीमट कर रह गई. वहीं कांग्रेस को केवल 7 वार्डो पर जीत मिली. बीएसपी और आरएलपी को एक-एक सीट मिली. निर्दलीयों ने पूरा समीकरण बदल दिया. मोदी कैबिनेट के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रवास वाले शहर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा.
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भूपेंद्र यादव के क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई बीजेपी
100 वार्ड वाले जोधपुर नगर निगम में कांग्रेस और बीजेपी को 44-44 सीट मिली. जबकि 11 सीटों पर निर्दलीयों ने बाजी मारी. यहां किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. मोदी कैबिनेट के मंत्री भूपेंद्र यादव के संसदीय क्षेत्र अलवर में बीजेपी 28 सीट जीत पाई. जबकि कांग्रेस को 23 सीट पर जीत मिली. 13 सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर बीएसपी प्रत्याशी जीता. जहां राजस्थान सरकार में प्रधानमंत्री संजय शर्मा की भी प्रतिष्ठा दाव पर लगी रही.
राजस्थान के बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई. 65 वार्डों में से कांग्रेस को 29 जीत मिली. जबकि बीजेपी ने 21 सीट पर जीत दर्ज की व 15 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीते. बहुमत के लिए 34 सीटों की आवश्यकता होती है. ऐसे में निर्दलीयों के भरोसे पाली नगर निगम में बोर्ड बनेगा. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रवास वाले क्षेत्र झालावाड़ में भी बीजेपी को बड़ा झटका लगा. झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में से कांग्रेस ने 29 पर जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. ऐसे में बीजेपी को यहां सत्ता से बाहर होना पड़ा.
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वसुंधरा का भी नहीं चला जादू
वसुंधरा राजे को मजबूत राजनीतिक नेता माना जाता रहा है. लेकिन यहां भी क्षेत्र में उनका जादू नहीं चल पाया. मोदी केबिनेट के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर क्षेत्र से आते हैं. बीकानेर की तस्वीर भी बिल्कुल उलट रही. यहां कुल 80 वार्ड नगर निगम में है. कांग्रेस ने 42 सीटों पर स्पष्ट की दर्ज करते हुए बहुमत हासिल किया. जबकि बीजेपी 27 सीटों पर सीमेंट कर रह गई ऐसे में कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए किसी भी के सहयोग की आवश्यकता नहीं हैं.
भरतपुर पाली अजमेर जोधपुर अलवर उदयपुर और बीकानेर जैसे शहरों में आए परिणाम के बाद बीजेपी कि उन नेताओं को जनता ने आइना दिखा दिया. जो बड़े-बड़े जीत के दावे कर रहे थे. ऐसे में यह साफ है कि पार्टी को प्रदेश में काम करने की आवश्यकता है. क्योंकि राजस्थान में 2028 में विधानसभा चुनाव होंगे. ऐसे में प्रदेश के हालातो से साफ है कि जनता परेशान है और बदलाव चाहती है और जनता के इस परिणाम से सरकार को सबक लेने की आवश्यकता है.
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