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बुरी फंसी जयपुर पुलिस! चोरों से करवाई चोरी फिर बाईक बरामद की, CCTV ने खोल दी पोल

Jaipur Police News: जयपुर के महेश नगर थाने की अजीबोगरीब करतूत उजागर हुई है। पुलिस ने पकड़े गए चोरों के कहने पर घर के बाहर खड़ी राजेंद्र शर्मा की बाइक लोडिंग टेंपो में उठवा ली और फिर उसे झाड़ियों से बरामद होना बता दिया। प…

Navbharat Times के अनुसार8 सितंबर 2026 को 02:32 pm बजे
बुरी फंसी जयपुर पुलिस! चोरों से करवाई चोरी फिर बाईक बरामद की, CCTV ने खोल दी पोल

सौजन्य से:- Navbharat Times

Jaipur Police News: जयपुर के महेश नगर थाने की अजीबोगरीब करतूत उजागर हुई है। पुलिस ने पकड़े गए चोरों के कहने पर घर के बाहर खड़ी राजेंद्र शर्मा की बाइक लोडिंग टेंपो में उठवा ली और फिर उसे झाड़ियों से बरामद होना बता दिया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पोल खुलने पर पुलिस ने इसे 'गलतफहमी' बताया।

जयपुर: राजधानी जयपुर में पुलिस का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। पुलिस ने दो शातिर चोरों को पकड़ा था। फिर चोरी की बाइक बरामद करने में पुलिस ने गलती कर दी। हुआ यूं कि पुलिस ने चोरों के कहने पर एक घर के बाहर खड़ी मोटर साइकिल को चोरी की समझ कर उठा लिया। बाद में उसी बाइक को झाड़ियों से बरामद करना बताया। पुलिस ने अपनी मनमर्जी से कहानी गढ़ी थी लेकिन सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस की पोल खोल दी।

बाइक चोरी हुई नहीं फिर भी उठा ले गई पुलिस

चोरी हुए बिना ही पुलिस द्वारा बाइक को उठवाना, लोडिंग पिकअप में डालकर ले जाना और फिर झाड़ियों से बरामद होने की कहानी गढी लेकिन सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस की करतूत को उजागर कर लिया। घटना गुर्जर की थड़ी स्थित शांति नगर निवासी राजेंद्र शर्मा के साथ हुई। राजेंद्र शर्मा की मोटरसाइकिल उनके घर के बाहर खड़ी थी। 3 सितंबर की सुबह जब मोटर साइकिल गायब मिली तो राजेंद्र ने सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज में देखा कि पुलिस कुछ युवकों के साथ आई और बाइक को उठाकर लोडिंग टेंपो में डालकर ले गई। यानी बाइक चोरी हुई नहीं बल्कि पुलिस ने ही चोरी करवाई और फिर उसे झाड़ियों से बरामद होना बता दिया।

महेश नगर पुलिस का कारनामा

बाइक चोरी और फिर उसकी बरामदगी की फिल्मी कहानी महेश नगर थाना पुलिस ने गढ़ी थी। दरअसल दो सितंबर को पुलिस गश्त के दौरान दो संदिग्ध बदमाशों को गिरफ्तार किया था। चोरों ने चोरी की तीन चार वारदातें करना स्वीकार किया। चोरी की बाइक बरामद करने के चक्कर में पुलिस ने शांति नगर स्थित एक मकान के बाहर खड़ी बाइक उठवाई और फिर उसी बाइक को झाड़ियों से बरामद करना बता दिया। चोरी होने के अगले दिन 3 सितंबर को राजेंद्र ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल करके बाइक चोरी होने की सूचना भी दे दी।

थाने बुलाकर पुलिस बोली- गलतफहमी हो गई

राजेंद्र शर्मा का कहना है कि जब उसकी बाइक चोरी हुई और सीसीटीवी फुटेज में चोर खाकी वर्दी में नजर आया तो उन्होंने मानसरोवर थाने में फोन किया। मानसरोवर पुलिस ने किसी भी बाइक को जब्त करने से इनकार किया। बाद में पुलिस का कॉल आया और उसे महेश नगर थाने बुलाया गया। राजेंद्र के मुताबिक महेश नगर पुलिस ने कहा कि उन्होंने दो चोर पकड़े थे लेकिन गलतफहमी में आपकी बाइक उठा ली गई। पुलिस ने यह भई कहा कि आप एक शिकायत दे दो ताकि जब्त की गई बाइक को कोर्ट से रिलीज करा कर वापस सुपूर्द कर देंगे।

झूठी कहानी में शामिल होने को कहा पुलिस ने

बाइक मालिक राजेंद्र का कहना है कि महेश नगर पुलिस ने उसे कहा कि बाइक गलती से उठ गई लेकिन अब आप चोरी की रिपोर्ट लिखा दो। चोरी की एफआईआर होने पर जब्त की गई बाइक तुरंत कोर्ट से छूट जाएगी। राजेंद्र का कहना है कि वह झूठ नहीं बोलेगा क्योंकि बाइक तो खुद पुलिस ने उठवाई है। ऐसे में वह इस झूठी कहानी में शामिल नहीं होगा। जब गलती पुलिस ने की है तो कोर्ट से बाइक छुड़ाकर भी पुलिस ही दे।

डीसीपी ने भी किया बचाव

महेश नगर थााने पुलिस की इस फिल्मी कहानी का डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने भी बचाव किया। डीसीपी ने पुलिस की झूठी कहानी पर कोई एक्शन लेने की बात नहीं की। उन्होंने कहा कि महेश नगर पुलिस ने जो बाइक उठाई थी। वह बाइक चोरों की निशानदेही पर उठाई थी। जिन दो चोरों को पकड़ा गया था। उन्होंने ही पुलिस को बताया था कि चोरी की बाइक वहां पर खड़ी है। इसी वजह से पुलिस बाइक को उठाकर लाई थी। डीसीपी ने यह भी कहा कि बाइक मालिक राजेंद्र को कोई परेशानी नहीं होने देंगे। जो गलतफहमी हुई, उसे दूर किया जा रहा है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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