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उदयपुर के बच्चों ने जताई धर्मांतरण की आशंका, बीजेपी सांसद मांगे उच्चस्तरीय जांच

उदयपुर के आदिवासी बच्चों को गोवा में पुलिस ने बचाया था, अब सांसद मन्नालाल रावत ने जांच मांगी है. सांसद का कहना है कि आरोप है कि बच्चों को धर्मांतरण के लिए ले जाया जा रहा था. उन्होंने NIA, CBI और SIT जांच की मांग की है. सूत्र: Aaj Tak

ABP News के अनुसार20 जुलाई 2026 को 04:48 am बजे
उदयपुर के बच्चों ने जताई धर्मांतरण की आशंका, बीजेपी सांसद मांगे उच्चस्तरीय जांच

सौजन्य से:- ABP News

उदयपुर के बच्चों का हुआ धर्मांतरण? गोवा से रेस्क्यू के बाद BJP सांसद का बड़ा दावा

Udaipur Children Rescue News: गोवा में रेस्क्यू किए गए उदयपुर के आदिवासी बच्चों के मामले में BJP सांसद मन्नालाल रावत ने धर्मांतरण की आशंका जताते हुए NIA, CBI और SIT जांच की मांग की है.

उदयपुर के आदिवासी बच्चों को गोवा में रेलवे पुलिस द्वारा रेस्क्यू किए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है. उदयपुर से बीजेपी सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. साथ ही कहा है कि अगर जरूरत पड़े तो इस मामले की जांच एनआईए, सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी कराई जाए.

गोवा में रेस्क्यू के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, कुछ दिन पहले उदयपुर के आदिवासी क्षेत्र के कई बच्चों को तमिलनाडु ले जाया जा रहा था. गोवा में रेलवे पुलिस ने बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में रेस्क्यू किया था. इसके बाद सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाया गया.

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इस पूरे मामले में आरोप लगे कि बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य का झांसा देकर ले जाया जा रहा था और धर्मांतरण की आशंका भी जताई गई. इसी घटनाक्रम के बाद अब इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.

सांसद मन्नालाल रावत ने अपने पत्र में कहा है कि प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर इस पूरे मामले के तार केवल राजस्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु जैसे राज्यों के साथ-साथ पाकिस्तान और नेपाल तक जुड़े होने की आशंका है. ऐसे में पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जानी चाहिए.

डिजिटल लेन-देन की जांच की मांग

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार की आड़ में कथित अवैध धर्मांतरण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. सांसद ने इस मामले से जुड़े संगठनों, एनजीओ, उनकी फंडिंग, डिजिटल लेन-देन और अन्य आर्थिक स्रोतों की भी जांच कराने की मांग की है. साथ ही विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और आवश्यकता पड़ने पर एनआईए, सीबीआई व अन्य केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने का आग्रह किया है.

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मन्नालाल रावत का कहना है कि जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान व संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने इसे लेकर वीडियो बयान भी जारी किया है. इस बयान में उन्होंने पत्र के जरिए की गई मांगों को दोहराया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत लोगों को बरगलाने का काम भी किया जा रहा है.

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