राजस्थान नगर निकाय चुनावः BJP में टिकट को लेकर मचा घमासान, महिला कार्यकर्ताओं की ओर से आत्मदाह की धमकी
Bhilwara Municipal Corporation Election 2026- राजस्थान नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बीजेपी के अंदर टिकट को लेकर घमासान मचा है और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर विरोध प्रदर्शन कर…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Bhilwara Municipal Corporation Election 2026- राजस्थान नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बीजेपी के अंदर टिकट को लेकर घमासान मचा है और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह तक की धमकी दे डाली
हाइलाइट्स
पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने दी आत्मदाह की चेतावनी
महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग
महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
भीलवाड़ा: राजस्थान में भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में इस बार सामान्य महिला महापौर के लिए आरक्षित है। इसे लेकर महिलाएं अपना पूरा दमखम दिखा रही है, मगर भाजपा में टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। भाजपा जिला कार्यालय के बाहर महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह तक की धमकी तक दे डाली।
पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने दी आत्मदाह की चेतावनी
नगर परिषद की पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने आरोप लगाया कि पुरुष कार्यकर्ताओं की पत्नियों को टिकट दिया जा रहा है मगर जो असल महिला कार्यकर्ता है उनको नकारा जा रहा है। नगर परिषद् की पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने तो कार्यकर्ताओं को टिकट प्रदान नहीं करने पर आत्मदाह करने की चेतावनी तक दे डाली है।
महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग
पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने कहा कि उनकी मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि इस बार नगर निकाय चुनाव में महिला महापौर की सीट पर किसी पुरुष कार्यकर्ता की पत्नी को नहीं बल्कि एक महिला कार्यकर्ता को मौका दिया जाए। लेकिन दुख है कि टिकट वितरण में महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए पुरुष कार्यकर्ताओं की पत्नियों को टिकट दिए गए हैं। उनकी मांग है कि जो भी महिला कार्यकर्ता वार्ड से टिकट की दावेदारी कर रही हैं, उनको प्राथमिकता दी जाए।
मंजू चेचाणी ने कहा कि महापौर पद पर भी महिला मोर्चे की सक्रिय और सामान्य महिला कार्यकर्ता को मौका मिलना चाहिए। यदि उनकी मांग पर कल दोपहर 3 बजे तक निर्णय नहीं लिया गया तो वो अपनी महिला कार्यकर्ताओं के हक के लिए आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगी।
महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
वहीं महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रेखापुरी गोस्वामी ने कहा कि भाजपा में पिछले 25 वर्षों से कार्य कर रही हूं और महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हूं। संगठन में भी पूरी निष्ठा के साथ काम किया है और प्रदेश स्तर पर भी दो बार जिम्मेदारी निभाई है। जब भी टिकट का मौका आता है तो हम महिला कार्यकर्ता टिकट की उम्मीद करती हैं मगर हर बार किसी ओर को मौका दे दिया जाता है। ऐसे में हम भाजपा में वर्षों से मेहनत कर रही महिला कार्यकर्ताओं का क्या होगा। एक तरफ सरकार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है, तो दूसरी तरफ जब महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का अवसर आता है तो उनकी अनदेखी की जाती है।
लेखक के बारे मेंरवि सिन्हारवि प्रकाश सिन्हा नवभारत टाइम्स डिजिटल (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस हैं। वर्तमान में झारखंड और बिहार की टीम में शामिल है। रवि प्रकाश सिन्हा सितंबर, 2022 में नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। वह एनबीटी डिजिटल में बिहार और झारखंड से संबंधित सेक्शन में तथ्य आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं जिससे रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंच सकें।
रवि प्रकाश सिन्हा की प्राथमिकता झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों को बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने की रही है। दोनों राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 25 साल के करियर में रवि प्रकाश सिन्हा को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।
रवि प्रकाश सिन्हा ने अक्टूबर 2000 में भोपाल में न्यूज़ एजेंसी ईएमएस से पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर की शुरुआत की। एक साल बाद उन्होंने ईएमएस के रांची प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, जेएमएम, आरजेडी और विभिन्न राजनीतिक दल, झारखंड सचिवालय, सीएम, मंत्रियों और विधानसभा रिपोर्टिंग से लेकर तमाम छोटी-बड़ी और स्पेशल खबरों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया।
इस दौरान झारखंड की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। रवि प्रकाश सिन्हा के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही- आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।
अपने दो दशक के लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित इन डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरीफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए हमेशा ऑथेंटिक सोच पर ही भरोसा करते हैं।
झारखंड के छोटे से शहर चतरा में जन्मे और पले-बढ़े रवि प्रकाश सिन्हा ने बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से B.A. और M.A. की डिग्री हासिल की। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पीजीडीएनएम में एक साल का डिप्लोमा किया। इसके बाद रिपोर्टिंग करते हुए रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी की डिग्री हासिल की।
पत्रकारिता जगत में 25 साल का अनुभव
रवि प्रकाश सिन्हा प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत है। पिछले 25 साल में रवि प्रकाश सिन्हा को कई प्रतिष्ठित अखबारों में अपना स्किल दिखाने का मौका मिला। न्यूज एजेंसी यूएनआई के हिन्दी सर्विस यूनीवार्ता के लिए अप्रैल 2004 से दिसंबर 2005 तक रांची में रिपोर्टिंग करने का अवसर भी मिला। दूरदर्शन रांची और आकाशवाणी केंद्र के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक सहायक संपादक के रूप में 17 साल का काम करने का अनुभव है। राजस्थान पत्रिका में दिसंबर 2005 से लेकर अप्रैल 2020 तक झारखंड प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का मौका मिला। इसके बाद जून 2020 से अगस्त 2022 तक एनबीटी डिजिटल के लिए रांची से रिपोर्टर के रूप में भी काम करने का मौका मिला।
इससे पहले उन्होंने करियर की शुरुआत न्यूज एजेंसी एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (ईएमएस) के साथ की। रांची एक्सप्रेस, आज, देशप्राण, आवाज, बिहार ऑब्जर्वर, प्रत्यूष नवबिहार, नव प्रदेश, दबंद हिंद, राष्ट्रीय खबर हमारी नजर, फ्रीडम फाइटर, पंच, मेट्रो रेज, श्वेत पत्र, उत्कल मेल, कोयलांचल संवाद, राष्ट्रीय सागर, राष्ट्रीय नवीन मेल, झारखंड जागरण, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल, संताल एक्सप्रेस, कौमी तंजीम, फारुकी तंजीम, जम्हूरियत टाइम्स, सियासी उफुक, जदीद भारत समेत कई अन्य हिन्दी और उर्दू अन्य समाचार पत्रों और वेबपोर्टल के लिए लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से लेखन। पत्रकारिता की शुरुआत के बाद 2001 से झारखंड की राजधानी रांची कर्म स्थल। सामाजिक और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि। पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन और चाहत।
पुस्तक लेखन
झारखंड विधानसभा, रांची के सहयोग से बिहार-झारखंड के सांसदों की जीवनी से संबंधित दो पुस्तकों (संसदीय राजनीतिक कोश, भाग-1 और भाग-2)के लेखन में समन्वयक की भूमिका
स्पेशल कवरेज
2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009, 2014, 2019 और 2024 के झारखंड विधानसभा और लोकसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।
2024 में बिहार लोकसभा चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।... और पढ़ें
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