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'पापा मुझे बचा लो...' कोटा से अररिया आई जया श्री की वो आखिरी चीख, फिर फोन कटा और आ गई मौत की खबर - araria girl jaya shri suspicious death in kota

'पापा मुझे बचा लो...' कोटा से अररिया आई जया श्री की वो आखिरी चीख, फिर फोन कटा और आ गई मौत की खबर अररिया की एक छात्रा जया श्री की कोटा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जो JEE की तैयारी कर रही थी। मौत से कुछ घंटे पह…

Jagran के अनुसार29 जून 2026 को 03:57 am बजे
'पापा मुझे बचा लो...' कोटा से अररिया आई जया श्री की वो आखिरी चीख, फिर फोन कटा और आ गई मौत की खबर
 - araria girl jaya shri suspicious death in kota

सौजन्य से:- Jagran

'पापा मुझे बचा लो...' कोटा से अररिया आई जया श्री की वो आखिरी चीख, फिर फोन कटा और आ गई मौत की खबर

अररिया की एक छात्रा जया श्री की कोटा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जो JEE की तैयारी कर रही थी। मौत से कुछ घंटे पहले उसने पिता को फोन पर "मुझ ...और पढ़ें

HighLights

- अररिया की छात्रा जया श्री की कोटा में संदिग्ध मौत।

- मौत से पहले पिता को दर्दभरी अंतिम कॉल की थी।

- फ्लाईओवर के नीचे गंभीर हालत में मिली थी जया।

संवाद सूत्र, रानीगंज (अररिया)। आंखों में इंजीनियर बनने का हसीन सपना और दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा लेकर राजस्थान के कोटा गई अररिया की एक और मासूम बेटी जिंदगी की जंग हार गई। मौत के आगोश में सोने से कुछ ही घंटे पहले, अस्पताल के बिस्तर से उसने अपने पिता को फोन पर रोते हुए जो आखिरी शब्द कहे, उसने पूरे परिवार की रूह को झकझोर कर रख दिया है। बेटी ने तड़पते हुए गुहार लगाई थी— "पापा मुझे बचा लीजिए, मैं मरने वाली हूँ... मेरे पूरे शरीर में बहुत दर्द हो रहा है।" रविवार की सुबह जब उसकी मौत की मनहूस खबर घर पहुँची, तो पूरे परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि माँ-बाप के आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

मेस में खाना खाने गई थी, फिर आई अनहोनी की खबर

मृतका जया श्री (16 वर्ष) अररिया जिले के रानीगंज नगर पंचायत (वार्ड-16, पंजियार टोला) की रहने वाली थी। दसवीं में शानदार सफलता हासिल करने के बाद, पिछले छह महीने से वह कोटा में रहकर जेईई (JEE) की तैयारी कर रही थी।

पिता योगेश पंजियार ने रुंधे गले से बताया:

"शनिवार रात करीब नौ बजे जया से सामान्य बातचीत हुई थी। वह बहुत खुश थी, अपनी पढ़ाई के बारे में बता रही थी। उसने कहा कि वह मेस में खाना खाने जा रही है और लौटकर माँ से इत्मीनान से बात करेगी।"

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रात 10 बजे तक जब जया का फोन नहीं आया, तो माँ का दिल किसी अनहोनी की आशंका से घबरा उठा। परिजनों ने बार-बार फोन किया, घंटी बजती रही, लेकिन दूसरी तरफ सिर्फ सन्नाटा था।

वो 30 सेकेंड की आखिरी चीख... और सब खत्म

रात के करीब 11 बजे परिजनों के मोबाइल पर एक अनजान शख्स का फोन आया। उसने बताया कि उनकी बेटी एक फ्लाईओवर के नीचे बेहद गंभीर और बदहवास हालत में मिली है, जिसे अस्पताल ले जाया जा रहा है। इसके कुछ ही देर बाद जब दोबारा अस्पताल से फोन आया, तो दूसरी तरफ दर्द से कराहती जया थी। वह रो रही थी, तड़प रही थी। उसने महज 30 सेकेंड तक अपने पिता से बात की और अपनी जान बख्श देने की भीख मांगती रही। इससे पहले कि एक बेबस पिता अपनी लाडली को ढांढस बंधा पाता या पूरी बात समझ पाता, अस्पताल कर्मियों ने फोन ले लिया। रविवार सुबह बदहवास माता-पिता कोटा निकलने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी फोन की घंटी बजी और जया की मौत की खबर ने सब कुछ उजाड़ दिया।

हादसे और साजिश के बीच उलझे सवाल

जया की यह संदेहास्पद मौत अपने पीछे कई ऐसे सवाल छोड़ गई है, जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है:

- जो लड़की रात 9 बजे मेस में खाना खाने जाने की बात कह रही थी, वह अचानक रात के अंधेरे में फ्लाईओवर के नीचे कैसे पहुँच गई?

- क्या यह महज एक सड़क दुर्घटना है, या इसके पीछे कोई गहरी और खौफनाक साजिश छिपी है?

फिलहाल कोटा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

जया दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। वह सिर्फ अपने माता-पिता की ही नहीं, बल्कि पूरे पंजियार टोले की उम्मीद थी। उसकी इस असमय और रहस्यमयी मौत ने न सिर्फ एक परिवार के चिराग को बुझा दिया है, बल्कि पूरे रानीगंज को गहरे मातम और सन्नाटे में डुबो दिया है।

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