छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर ABVP का प्रदर्शन, जयपुर, जोधपुर और अजमेर में कई छात्र हिरासत में
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर ABVP का प्रदर्शन, जयपुर, जोधपुर और अजमेर में कई छात्र हिरासत में छात्र नेताओं का कहना है जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं कराए जाते, आंदोलन जारी रहेगा. Published : August 6, 2026 at 3:25 PM…

सौजन्य से:- ETV Bharat
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर ABVP का प्रदर्शन, जयपुर, जोधपुर और अजमेर में कई छात्र हिरासत में
छात्र नेताओं का कहना है जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं कराए जाते, आंदोलन जारी रहेगा.
Published : August 6, 2026 at 3:25 PM IST
जयपुर/जोधपुर/अजमेर: प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेशभर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदर्शन किया. राजस्थान विश्वविद्यालय, जोधपुर की जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के बाहर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र जुटे और छात्रसंघ चुनाव जल्द कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की. प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया. बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटाया.
जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता कमल मीणा ने बताया कि प्रदेश में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि छात्रों की आवाज है. ऐसे में चुनावों को लगातार टालना छात्रों के अधिकारों का हनन है.
पढ़ें: उदयपुर: MLSU में छात्रसंघ चुनाव बहाली पर हंगामा, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प
आंदोलन करेंगे: छात्र नेता गजराज राठौड़ का कहना है कि सरकार छात्र हितों की अनदेखी कर रही है. कई बार ज्ञापन देने और आंदोलन करने के बावजूद अब तक चुनाव बहाल करने को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. यदि सरकार जल्द सकारात्मक फैसला नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. हाल ही में छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने भी अनशन किया था. उनके अनशन के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया और विभिन्न छात्र संगठनों ने भी चुनाव कराने की मांग को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र लगातार चुनाव बहाल करने की मांग उठा रहे हैं.
एक दर्जन से अधिक हिरासत में: प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर कई छात्रों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया. छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
'चुनाव नहीं करवाने के कारण बताए सरकार': जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र नेता मोती सिंह जोधा ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव प्रदेश में पिछले चार साल से बंद पड़े हैं. लेकिन सरकार इसको लेकर सक्रिय नहीं हो रही है. सरकार यह नहीं बता रही है कि इस चुनाव को नहीं करवाने के क्या कारण हैं? क्या नेताओं को इस बात का डर है कि अगर युवा आगे आ गए, तो उनके बेटे नेता कैसे बनेंगे? विश्वविद्यालय के नेता ही छात्रों के साथ साथ आमजन खासकर ग्रामीण परिवेश की आवाज उठाते हैं. अगर सरकार चुनाव नहीं करवाती है, तो छात्र सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
'चुनाव का वादा किया था भाजपा ने': एबीवीपी के प्रांत मीडिया संयोजक ललित दाधिच ने बताया कि गत सरकार ने चुनाव बंद किए थे. गत विधानसभा चुनाव में भाजपा छात्रसंघ चुनाव करवाने का वादा कर सत्ता में आई थी, लेकिन आने के बाद यह भी पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही काम कर रही है. लेकिन अब छात्रों ने तय किया है कि चुनाव करवाने है, इसलिए सड़कों पर उतर रहे हैं.
पुलिस को करनी पड़ी मशक्क्त: एबीवीपी के प्रदर्शन को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस जाब्ता लगाया गया. रातानाडा थानाधिकारी मोहम्मद शफिक अहमद खान अपने पुलिसकर्मियों के साथ डटे रहे. पुलिस को रास्ता रोकने वाले प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. प्रदर्शनकारी बार–बार वापस आकर रास्ते पर बैठते रहे. आखिरकार पुलिस ने वाहन बुलाकर छात्रों को हिरासत में लेना पड़ा.
हिरासत में लिए कार्यकर्ता: अजमेर में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार बंद कर दिया और उस पर चढ़ गए. बाद में कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी के बाहर की सड़क पर जा बैठे. इससे सड़क के दोनों और जाम लग गया. जाम में एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला भी फंस गए. जाम खुलवाने के लिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. पुलिस ने सड़क पर प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं से समझाइश की, लेकिन जाम खोलने को वे तैयार नहीं हुए. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक खींचकर और लाठिया फटकारकर हिरासत में लिया. हिरासत में लिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं को सिविल लाइन थाने ले जाया गया.
पांच सूत्रीय मांग को लेकर कर रहे थे विरोध प्रदर्शन: एबीवीपी की प्रांतीय कार्य समिति सदस्य अदिति गाबा ने बताया कि एबीवीपी कार्यकर्ता पांच सूत्रीय मांग कर रहे थे. इनमें छात्रसंघ चुनाव करवाने, यूनिवर्सिटी और महाविद्यालय में एकेडमिक कैलेंडर जारी करने, यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती करने, विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में प्राचार्य पद के रिक्त स्थान को भरने और राजस्थानी भाषा के विभाग यूनिवर्सिटी और महाविद्यालय में स्थापित करने की मांग है. उन्होंने बताया कि सांकेतिक रूप से कार्यकर्ता रोड जाम कर रहे थे. इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए 25 से 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
समझाइश से खुला रास्ता: एबीवीपी के पूर्व प्रदेश सहमंत्री मेहुल गर्ग ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता छात्रसंघ चुनाव की बहाली समेत पांच सूत्री मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. गर्ग का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के कुलपति का व्यवहार विद्यार्थियों के प्रति नकारात्मक है. एबीवीपी के कार्यकर्ता कुलपति को मांग पत्र सौंपने पहुंचे. उन्होंने कुलपति से सबके सामने आकर मांग पत्र लेने और विद्यार्थियों को उचित आश्वासन देने की मांग की. कुलपति ने मांग पत्र लेने से इनकार कर दिया और कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार उन्हें बाहर निकाल दिया. एबीवीपी कार्यकर्ता और विद्यार्थी मानव श्रृंखला के रूप में अपना विरोध यूनिवर्सिटी गेट के बाहर जाता रहे थे. समझाइश से कार्यकर्ता और विद्यार्थियों ने रास्ता खोल दिया था.
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