अजमेर के दर्जी को सूरत आयकर विभाग ने भेजा 974 करोड़ से अधिक की टैक्स रिकवरी का नोटिस, जानिए पूरा मामला
अजमेर के दर्जी को सूरत आयकर विभाग ने भेजा 974 करोड़ से अधिक की टैक्स रिकवरी का नोटिस, जानिए पूरा मामला पीड़ित रेखराज का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग किया है. Published : August 20, 2026 at…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर के दर्जी को सूरत आयकर विभाग ने भेजा 974 करोड़ से अधिक की टैक्स रिकवरी का नोटिस, जानिए पूरा मामला
पीड़ित रेखराज का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग किया है.
Published : August 20, 2026 at 10:13 AM IST
अजमेर : अजमेर के गोविंदगढ़ क्षेत्र में रहने वाले एक दर्जी को 974 करोड़ 97 लाख 25 हजार 457 रुपए की टैक्स रिकवरी का नोटिस मिला है. परिवादी का दावा है कि वह दर्जी का काम करके बमुश्किल 15 हजार रुपए मासिक कमा पाता है. दर्जी रेखराज को जब इतनी बड़ी रकम का आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिला तो उनके होश उड़ गए. उनका कहना है कि न तो उन्होंने कभी कोई कंपनी खोली है और न ही वे कभी सूरत गए हैं. दर्जी रेखराज को सूरत से आयकर विभाग का नोटिस 13 अगस्त 2026 को मिला है.
अजमेर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लाल चंद ने बताया कि पीसांगन क्षेत्र के गोविंदगढ़ निवासी रेखराज की ओर से परिवाद प्राप्त हुआ है. परिवाद थाने में दर्ज करवाकर मामले में जांच की जा रही है. जांच के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. दर्जी रेखराज ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने एक परिचित चार्टर्ड अकाउंटेंट से मिलकर उनके दस्तावेजों की जांच करवाई. आयकर विभाग के मिले नोटिस के अनुसार वे सूरत में एक डायमंड कंपनी के डायरेक्टर हैं. एक अन्य कंपनी जय बाबेरी डायमंड प्राइवेट कंपनी के भी डायरेक्टर हैं. सूरत से आयकर विभाग की ओर से मिले नोटिस में उन पर 974 करोड़ 97 लाख 25 हजार 457 रुपए की टैक्स रिकवरी का मामला बनता है.
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उन्होंने बताया कि पीसांगन थाने में शिकायत भी दी थी, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की जगह उससे परिवाद ले लिया. बाद में रेखराज अपनी फरियाद लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लाल चंद के कार्यालय में मिलने अजमेर पहुंचे. यहां एएसपी ग्रामीण ने परिवाद को दर्ज करने और मामले में जांच करने का आश्वासन उसे दिया है. वहीं, रेखराज ने 13 अगस्त को मिले सूरत आयकर विभाग के नोटिस का जवाब ईमेल के जरिए भिजवाया है.
पीड़ित रेखराज का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग किया है और उनके नाम से सन 2011 से फर्जी डायमंड कंपनियां बनाकर अवैध रूप से कारोबार किया गया है. इससे पहले उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं थी. सूरत से आयकर विभाग का नोटिस 13 अगस्त 2026 को उन्हें मिला तब जाकर उन्हें पता चला. नोटिस मिलने के बाद उनका पूरा परिवार तनाव में है. उनके दो बेटे और एक भाई अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं.
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