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जयपुर मेयर चुनाव: बीजेपी का एकजुटता के साथ 95 वोटों का दावा, कांग्रेस बोली- 20 बीजेपी पार्षद हमारे संपर्क में

जयपुर मेयर चुनाव: बीजेपी का एकजुटता के साथ 95 वोटों का दावा, कांग्रेस बोली- 20 बीजेपी पार्षद हमारे संपर्क में जयपुर महापौर चुनाव में बीजेपी के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के नामांकन से मुकाबला रोचक हो गया है.…

ETV Bharat के अनुसार19 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
जयपुर मेयर चुनाव: बीजेपी का एकजुटता के साथ 95 वोटों का दावा, कांग्रेस बोली- 20 बीजेपी पार्षद हमारे संपर्क में

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर मेयर चुनाव: बीजेपी का एकजुटता के साथ 95 वोटों का दावा, कांग्रेस बोली- 20 बीजेपी पार्षद हमारे संपर्क में

जयपुर महापौर चुनाव में बीजेपी के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के नामांकन से मुकाबला रोचक हो गया है.

Published : September 19, 2026 at 5:45 PM IST

|Updated : September 19, 2026 at 6:15 PM IST

जयपुर : नगर निगम को 25 सितंबर को नया महापौर मिलेगा. महापौर पद के लिए शनिवार को चार प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए. बीजेपी की ओर से सुनील कोठारी और कांग्रेस की ओर से सुनीता मावर मैदान में हैं. इनके अलावा कांग्रेस की ही सुनीता मैठी और निर्दलीय पार्षद दशरथ अटल ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोकी है. नामांकन के साथ ही महापौर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी जहां अपने पार्षदों की एकजुटता और निर्दलीयों के समर्थन के साथ जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने 20 भाजपा पार्षदों के संपर्क में होने का दावा करते हुए बहुमत से महापौर बनाने का दावा कर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है.

नामांकन के दौरान बीजेपी ने दिखाई एकजुटता : बीजेपी की ओर से महापौर पद के प्रत्याशी घोषित किए गए सुनील कोठारी ने शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान महापौर पद की दावेदारी से जुड़े चर्चित चेहरे शैलेंद्र भार्गव, पुनीत कर्णावट और विमल अग्रवाल भी उनके साथ मौजूद रहे. इन नेताओं की मौजूदगी के जरिए बीजेपी ने पार्टी में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की. पार्टी ने यह संकेत दिया कि महापौर पद के लिए सुनील कोठारी के नाम पर सभी प्रमुख दावेदार और पार्षद एक साथ हैं. नामांकन के दौरान नगरीय निकाय चुनाव में जयपुर संभाग प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, बालमुकुंद आचार्य सहित बीजेपी के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. पार्टी की ओर से नामांकन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया.

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पिछली बार क्रॉस वोटिंग से हारी थी बीजेपी : जयपुर नगर निगम में महापौर चुनाव के दौरान बीजेपी 2019 में क्रॉस वोटिंग का सामना कर चुकी है. उस वक्त बहुमत होने के बावजूद बीजेपी के मनोज भारद्वाज को हार का सामना करना पड़ा था और क्रॉस वोटिंग के चलते विष्णु लाटा महापौर चुने गए थे. ऐसे में इस बार बीजेपी ने प्रत्याशी चयन से लेकर नामांकन तक सावधानी बरतने की रणनीति अपनाई है. महापौर पद की दावेदारी कर रहे प्रमुख चेहरों को साथ लेकर सुनील कोठारी का नामांकन दाखिल कराना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी की कोशिश है कि 2019 की तरह इस बार क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने और सभी बीजेपी पार्षद एकजुट होकर मतदान करें.

सुनील कोठारी बोले- बीजेपी के आंकड़े से ज्यादा मिलेंगे वोट : नामांकन के बाद सुनील कोठारी ने केंद्र, राज्य और जयपुर शहर बीजेपी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जयपुर के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है. वे प्रधानमंत्री के विजन और योजनाओं को प्रत्येक घर, जन और मन तक पहुंचाने के साथ संगठन और शहर को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे. कोठारी ने कहा कि राजा जयसिंह ने जिस गौरवपूर्ण जयपुर की स्थापना की थी, उसके वैभव और गौरव को फिर से स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी. शहर की सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा. वहीं क्रॉस वोटिंग की आशंका पर उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन मिलेगा. उनका कहना था कि सभी जनप्रतिनिधि जयपुर का विकास चाहते हैं और इसी सोच के साथ शहर को आगे बढ़ाएंगे. कोठारी ने दावा किया कि उन्हें बीजेपी पार्षदों की संख्या से भी ज्यादा वोट मिलेंगे.

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सर्वसम्मति से हुआ कोठारी के नाम का चयन : इस दौरान बीजेपी से मेयर पद के प्रबल दावेदार पुनीत कर्णावट ने कहा कि सुनील कोठारी सभी पार्षदों में वरिष्ठ हैं और सर्वसम्मति से उनका नाम चुना गया है. उनके पास अनुभव है और जयपुर से उनका गहरा लगाव है. कर्णावट ने विश्वास जताया कि कोठारी के नेतृत्व में जयपुर तेजी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के 78 वोट के साथ निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन है और उनके पास कुल 90 वोट हैं. कर्णावट ने कहा कि इस बार क्रॉस वोटिंग की कोई गुंजाइश नहीं है और सुनील कोठारी 90 से 95 वोट के साथ महापौर का चुनाव जीतेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बार महापौर पद का मौका नहीं मिलने का कोई मलाल नहीं है. वहीं, पार्षद विमल अग्रवाल भी इस बार मेयर पद के दावेदार थे. नॉमिनेशन के वक्त उन्होंने कहा कि सुनील कोठारी का नाम सर्वसम्मति से सामने आया है. पार्टी के सभी पार्षद उनके नेतृत्व में जयपुर को विकसित और सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने के लिए काम करेंगे. अग्रवाल ने भी क्रॉस वोटिंग की संभावना से इनकार करते हुए पूर्ण बहुमत से बीजेपी का महापौर चुने जाने का दावा किया.

कांग्रेस का दावा- 20 बीजेपी पार्षद संपर्क में : दूसरी ओर कांग्रेस ने भी महापौर चुनाव में जीत का दावा किया है. कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि पार्टी ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है और इस बार आंकड़े कांग्रेस के पक्ष में जाने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के 20 पार्षद कांग्रेस के संपर्क में हैं और 25 सितंबर को नतीजे चौंकाने वाले होंगे. शर्मा ने बीजेपी की बाड़ाबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर नहीं है तो पार्षदों की बाड़ाबंदी क्यों की गई है? उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस बहुमत के साथ महापौर बनाने जा रही है.

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सुनीता मावर बोलीं- जयपुर की बदहाली देखकर पार्षद करेंगे मतदान : वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मावर ने कहा कि वे आंकड़ों के खेल में नहीं उलझना चाहतीं. उनका कहना है कि चुनाव जीतकर आए सभी जनप्रतिनिधि जनसंपर्क के दौरान शहर की गलियों और मोहल्लों तक पहुंचे हैं. ऐसे में उन्हें जयपुर की जमीनी समस्याओं की जानकारी है. मावर ने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरे के ढेर, आवारा पशुओं और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जयपुर को विश्व विरासत शहर के रूप में मिले दर्जे और उसकी पहचान को बनाए रखने के लिए शहर की व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है. उन्होंने कहा कि वह खुद वर्ष 2004 से लगातार पार्षद हैं और शहर की समस्याओं से वाकिफ हैं. मावर ने दावा किया कि जो जनप्रतिनिधि जयपुर की दशा सुधारना चाहते हैं, वे उन्हें वोट देंगे.

25 सितंबर को सामने आएगा जीत-हार का गणित : महापौर चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपने-अपने आंकड़ों के साथ जीत का दावा कर रही हैं. सुनील कोठारी को बीजेपी के साथ निर्दलीय और कांग्रेस पार्षदों के समर्थन की उम्मीद है, जबकि सुनीता मावर का दावा है कि जयपुर के विकास और शहर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पार्षद उनके पक्ष में मतदान करेंगे. अब सबकी नजरें 25 सितंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं. देखना होगा कि बीजेपी अपने पार्षदों को एकजुट रखने में कितनी सफल रहती है, सुनील कोठारी को कितने वोट मिलते हैं और क्या कांग्रेस अपने दावों को मतों में बदल पाती है.

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