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साइबर ठगी का नेशर्क: पुलिस ने छह ठगों को गिरफ्तार कर मोबाइल, फर्जी सिम और वाहन जब्त किए

गिरोह के सदस्य मोबाइल से अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को कॉल और मैसेज कर ठगते थे. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल, फर्जी सिम और वाहन जब्त किए हैं.

ETV Bharat के अनुसार7 जुलाई 2026 को 10:28 am बजे
साइबर ठगी का नेशर्क: पुलिस ने छह ठगों को गिरफ्तार कर मोबाइल, फर्जी सिम और वाहन जब्त किए

सौजन्य से:- ETV Bharat

मोबाइल, फर्जी सिम और 'सेक्सटॉर्शन' का जाल: गांवों से चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क, पुलिस ने 6 ठग दबोचे

गिरोह के सदस्य मोबाइल से अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को कॉल और मैसेज कर ठगते थे.

Published : July 6, 2026 at 3:19 PM IST

भरतपुर: डीग जिले की जुरहरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह युवकों को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड के जरिए देशभर के लोगों को अपना निशाना बना रहा था. गिरोह का तरीका इतना सुनियोजित था कि पहले लोगों का विश्वास जीता जाता, फिर उन्हें ब्लैकमेल या झूठे बैंक ट्रांजेक्शन के जाल में फंसाकर रकम ऐंठी जाती थी. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, फर्जी सिम और वाहन जब्त किए हैं. जिलेभर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत यह कार्रवाई की गई. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 7 फर्जी सिम कार्ड, एक एसयूवी, एक ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल जब्त की है.

ऐसे चलता था साइबर ठगी का खेल: डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी केवल साइबर ठगी ही नहीं करते थे, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराते थे. गिरोह के सदस्य फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन की व्यवस्था करते थे, जिससे अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को कॉल और मैसेज किए जाते थे. आरोपी कई मामलों में सेक्सटॉर्शन का सहारा लेते थे. वहीं दूसरी ओर वे लोगों के परिचित या रिश्तेदार बनकर उनके खाते में रुपए भेजने का झूठा दावा करते थे. इसके बाद फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज भेजकर कहते थे कि गलती से पैसे आपके खाते में चले गए हैं, कृपया वापस भेज दें. कई लोग बिना बैंक से पुष्टि किए ही रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर देते थे और ठगी का शिकार बन जाते थे.

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ऐसे पकड़ में आया गिरोह: 4 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं. सूचना मिलते ही जुरहरा थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी. पुलिस को देखकर एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि छह आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया. पूछताछ के दौरान उनके पास से मिले मोबाइल और सिम कार्डों ने पूरे साइबर नेटवर्क की परतें खोल दीं. पुलिस ने कंचननेर, उंचेडा और कटलरिया गांव के रहने वाले छह युवकों को गिरफ्तार किया है. इनमें सकील खान, मुन्फेद, आदिल, अफलातून, हारिस और हासम शामिल हैं. सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा देश के किन-किन राज्यों में इनकी साइबर ठगी फैली हुई है.

वाहन भी जब्त : पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक एसयूवी, एक ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल भी जब्त की है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन वाहनों का इस्तेमाल साइबर अपराध के संचालन, सिम कार्ड की सप्लाई या ठगी से जुड़े अन्य कामों में किया जाता था या नहीं. थाना जुरहरा में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस-2023 की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी.

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