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डीजीपी ने पेश किया पुलिस रिपोर्ट कार्ड, बोले- 6 महीने में 4.65 फीसदी कम हुआ क्राइम, हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध घटे

डीजीपी ने पेश किया पुलिस रिपोर्ट कार्ड, बोले- 6 महीने में 4.65 फीसदी कम हुआ क्राइम, हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध घटे डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि संगठित अपराध और ड्रग माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा, उनकी संपत्तियां होंगी…

ETV Bharat के अनुसार7 जुलाई 2026 को 10:29 am बजे
डीजीपी ने पेश किया पुलिस रिपोर्ट कार्ड, बोले- 6 महीने में 4.65 फीसदी कम हुआ क्राइम, हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध घटे

सौजन्य से:- ETV Bharat

डीजीपी ने पेश किया पुलिस रिपोर्ट कार्ड, बोले- 6 महीने में 4.65 फीसदी कम हुआ क्राइम, हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध घटे

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि संगठित अपराध और ड्रग माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा, उनकी संपत्तियां होंगी कुर्क.

Published : July 6, 2026 at 4:00 PM IST

जयपुर: राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस का बीते छह महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने राजस्थान पुलिस अकादमी में एक प्रेस वार्ता में कहा कि राजस्थान पुलिस ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट, पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई, नशा तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान तथा नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन ने प्रदेश की पुलिसिंग को नई पहचान दी है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राजस्थान पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. पिछले दिनों में 117 भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाई गई हैं.

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स्थानीय और विशेष अधिनियम के मुकदमे बढ़े: डीजीपी ने बताया कि साल 2025 के पहले छह महीने की तुलना में इस साल के पहले छह महीने (जनवरी से जून तक) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज होने वाले कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की गिरावट आई है. साल 2025 में 99,272 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2026 के पहले छह महीने में यह संख्या घटकर 94,652 रह गई है. पुलिस द्वारा की गई स्वतः स्फूर्त कार्रवाई के कारण स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि (49,087 से बढ़कर 51,172 केस) दर्ज हुई है, जो अपराधियों के खिलाफ पुलिस की आक्रामक रणनीति को प्रदर्शित करती है.

हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो के मामले घटे: उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में हत्या के मामलों में 4.41 फीसदी की कमी आई है. यह संख्या 703 से घटकर 672 रही. हत्या के प्रयास में 11.17 फीसदी की कमी आई है, जो 1288 से घटकर 1145 रह गए. डकैती में 16.28 फीसदी (43 से घटकर 36) और लूट की वारदातों में 19.93 फीसदी (577 से घटकर 462 प्रकरण) की गिरावट आई है. इसी तरह अपहरण के मामलों में 4.72 फीसदी (5211 से घटकर 4965 प्रकरण), बालिग दुष्कर्म के मामलों में 13.36 फीसदी (2088 से घटकर 1809) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों में 20.90 प्रतिशत (1651 से घटकर 1306) की कमी देखी गई है.

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एससी-एसटी एक्ट के मामलों में भी आई कमी: उन्होंने बताया कि कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर भी पुलिस का फोकस है. एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में समग्र रूप से 18.81 फीसदी की कमी आई है. ऐसे मामले 3121 से घटकर 2534 रह गए. उन्होंने बताया कि लूट के मामलों में बरामदगी का प्रतिशत 71 से बढ़कर 79.09 और नकबजनी जैसे मामलों में माल बरामदगी 9.58 फीसदी से बढ़कर 58.24 हुई है. इसके साथ ही चोरी के माल की रिकवरी भी 10.34 फीसदी से सुधरकर 24.79 प्रतिशत हो गई है.

नशे और हथियारों के तस्करों पर सख्ती: उन्होंने कहा, नशे और अवैध हथियारों के सौदागरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. पिछले साल के शुरुआती छह महीने की तुलना में इस साल आबकारी अधिनियम में 2.06 फीसदी (24,310 से 24,811), आर्म्स एक्ट में 4.23 फीसदी (6,428 से 6,700) तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में रिकॉर्ड 29.94 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए कुल 7,195 मामले दर्ज कर बड़े ड्रग सिंडिकेट्स को ध्वस्त किया गया है.

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महिला सुरक्षा के मामलों में अनुसंधान तेज: इसके अलावा महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से एडीजी सिविल राइट के अधीन अनुसंधान की गति को तेज किया गया है. इसके तहत पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों में पुलिस का औसत अनुसंधान समय वर्ष 2024-25 में 78.2 दिन था. वह 2025-26 में घटकर 51.2 दिन और दुष्कर्म के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गया है. छेड़छाड़ के मामलों में 6.44 फीसदी की कमी (5407 से घटकर 5059), दुष्कर्म के प्रकरणों में 13.36 फीसदी की कमी (2088 से घटकर 1809 प्रकरण) हुई है. पॉक्सो के मुकदमों में 20.90 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

साइबर अपराध पर लगाम लगाने की कवायद: साइबर अपराधों की रोकथाम व पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के लिए 2026-27 की बजट घोषणा में मुख्यमंत्री द्वारा 100 करोड़ रुपए से राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना एवं AI दक्ष 1930 कॉल सेंटर की स्थापना की घोषणा की, जो प्रक्रियाधीन है. साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमतावर्धन कर वर्तमान में कुल 53 लाइन 24×7 तीन शिफ्टों में कार्यरत हैं. शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त वाट्सएप नंबर 9256001930 और 9257510100 भी उपलब्ध कराए गए हैं. प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क गठित की गई है. 5 लाख रुपए तक के साइबर अपराधों के लिए जीरो-एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.

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डिजिटल अरेस्ट के 136 मुकदमे, 174 आरोपी पकड़े: उन्होंने बताया, साइबर शिकायतों की संख्या वर्ष 2025 में 1,47,384 रही, जबकि 30 जून 2026 तक 84,916 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. वर्ष 2025 में कुल 3,432 प्रकरण दर्ज हुए तथा 768.7 करोड़ रुपए की राशि होल्ड की गई. होल्ड राशि का आंकड़ा बढ़कर 23.54 प्रतिशत से 26.47 प्रतिशत हो गया. राजस्थान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसे उभरते साइबर अपराधों पर भी प्रभावी कार्रवाई की है. वर्ष 2023 से जून 2026 तक कुल 136 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 52.23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि होल्ड की गई.

1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल किए ट्रैस: राजस्थान पुलिस साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस, म्यूल हंटर एवं वज्र प्रहार जैसे विशेष अभियानों के जरिए साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इन अभियानों में बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. मोबाइल एवं सिम कार्ड जब्त करने के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की राशि फ्रीज कर पीड़ितों को लौटाई गई है. साइबर अपराधों के तहत 30 जून 2026 तक CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं. वहीं, साइबर अपराधों में प्रयुक्त 1.25 लाख से अधिक सिम एवं 1.19 लाख IMEI ब्लॉक किए गए हैं.

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नशे के तस्करों पर आर्थिक चोट: वे बोले, वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 69 तथा वर्ष 2026 में अब तक 23 इस्तगासों के माध्यम से अवैध मादक तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई. प्रदेश में वर्ष 2025-26 के दौरान 34 प्रकरण दर्ज कर 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही 20 जिलों में चिन्हित 224 हॉटस्पॉट (किंग पिन) के विरुद्ध विशेष कार्रवाई की गई. नशे के तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 66 प्रकरणों में 55.01 करोड़ रुपए की संपत्तियों की तथा वर्ष 2026 में अब तक 15 प्रकरणों में 7.36 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.

कैडर पुनर्गठन से खुली पदोन्नति की राह: डीजीपी शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग में वर्षों से उच्च पदों में वृद्धि नहीं होने से प्रमोशन अटके पड़े थे, अब पदों की संख्या बढ़ने से पदोन्नति अवसरों में इजाफा होगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैडर पुनर्गठन करते हुए चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं में पदोन्नतियों की राह खोली है और पुलिसकर्मियों को सेवा समर्पण का एक बड़ा उपहार दिया है. गृह विभाग, राजस्थान द्वारा 23 जून 2026 को एक स्वीकृति जारी की गई है, जिसमें संवर्ग के 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया गया है. इस कैडर पुनर्गठन के निर्णय से अब तकनीकी संवर्ग में भी सिविल संवर्ग की तरह समयानुसार पदोन्नतियों हो सकेंगी.

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यह है भविष्य का रोडमैप: उन्होंने भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट के बड़े तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को BNSS की धारा 107, BNS की धारा 111, 112 और PIT-NDPS के तहत कुर्क व जब्त करने की कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाएगी. इसके साथ ही, रंगदारी (फिरौती) के लिए फायरिंग करने वाले और धमकी देने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एजीटीएफ के विशेष ऑपरेशन्स जारी रहेंगे.

उन्होंने बताय कि जरूरत पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों को भी प्रत्यर्पित करने की कार्रवाई की जाएंगी. राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दृष्टि से R4C के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले मुख्यालय डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप ने राजस्थान पुलिस की पिछले 6 महीने की उपलब्धियों के बारे में एक प्रस्तुतिकरण दिया. इस प्रेस वार्ता में डीजी पुलिस प्रशिक्षण अनिल पालीवाल, सभी एडीजी और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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