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एमपी से राजस्थान में रिश्वत लेने गया रतलाम पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल, एसीबी ने 50000 रुपए लेते दबोचा

Ratlam Police Head Constable: रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल को भिलवाड़ा में 50000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने रिश्वत की राशि एक फरियादी से मांगी थी। भीलवाड़ा के होटल से रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ…

Navbharat Times के अनुसार30 जून 2026 को 09:25 am बजे
एमपी से राजस्थान में रिश्वत लेने गया रतलाम पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल, एसीबी ने 50000 रुपए लेते दबोचा

सौजन्य से:- Navbharat Times

Ratlam Police Head Constable: रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल को भिलवाड़ा में 50000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने रिश्वत की राशि एक फरियादी से मांगी थी। भीलवाड़ा के होटल से रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम से एक हे़ड कॉन्स्टेबल रिश्वत लेने के लिए राजस्थान गया। भीलवड़ा के एक होटल में एसीबी ने रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद रतलाम पुलिस भी मामले को अपने तरीके से देख रही है।

ये है आरोप

दरअसल, गिरफ्तार आरोपी का नाम तपेश गोसाई है। वह रतलाम पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल है। धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी के भाई के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग के बदले एक लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

50000 रुपए लेने भीलवाड़ा पहुंचा

आरोपी 10 हजार रुपए पहले एडवांस में ले चुका था। 50000 रुपए की शेष राशि लेने के लिए भीलवाड़ा के होटल में पहुंचा। वही हेड कॉन्स्टेबल जिल होटल में ठहरा था, उसी होटल में गोपनीय रूप से एसीबी ने डेरा डाल रहा था। तपेश गोसाई ने जैसे ही रिश्वत की राशि ली एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया है।

ये है मामला

दरअसल, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद पड़े ऑयल मिल और जमीन का सौदा करवाया। इसके लिए उसने 25 लाख रुपए ले लिए। लेकिन रतलाम निवासी रतन जांगिड़ की मुलाकात उसने जमीन मालिक से नहीं करवाई। न की कोई अनुबंध साइन किया। रतन जांगिड़ ने इसकी शिकायत औद्योगिक थाने में करवाई।

हेड कॉन्स्टेबल कर रहा था मामले की जांच

इस मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई कर रहा था। लियाकत को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ मारपीट नहीं करने की एवज में उसके भाई से रिश्वत की मांग की थी। हेड कॉन्स्टेबल लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। उसके भाई को धमकी दी थी कि रुपए नहीं दिए तो उसके हाथ में हथकड़ी डालकर शहर में घुमाएगा।

इसे लेकर फरियादी ने राजस्थान एसीबी से शिकायत की थी। शिकायत सत्यापित होने के बाद एसीबी ने ट्रैप करने का जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

लेखक के बारे मेंमुनेश्वर कुमारमुनेश्वर कुमार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (प्रमुख संवाददाता) हैं । वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को कवर करते हैं। इसके अलावे दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर कर देते हैं। पत्रकारिता की शुरुआत टीवी रिपोर्टिंग से हुई है। बीते 10 सालों से डिजिटल मीडिया में हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। चार साल तक टीवी में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हूं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हूं। डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी करता हूं। मध्य प्रदेश में दो लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और नगर निकाय चुनाव को कवर किया। साथ ही कई बड़े इवेंट में ग्राउंड जीरो पर मौजूदगी रही है। टीवी और डिजिटल के बिहार में विधानसभा चुनाव को ग्राउंड से कवर किया हूं।

इसके साथ ही बिहार, राजस्थान, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में रहकर टीवी और डिजिटल पत्रकारिता के अलग-अलग गुर सीखे है। एमपी में रहते हुए सीएम मोहन यादव से लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान तक का इंटरव्यू किया हूं। इसके साथ ही एमपी के बड़े मंत्रियों, सेलिब्रिटी और अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं। इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी इंटरव्यू किए। अन्ना आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे का इंटरव्यू किया। मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिरने के पूरे प्रकरण को ग्राउंड जीरो से कवर किया।

विशेषता: पॉलिटिक्ल और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। इसकी शुरुआत महुआ न्यूज टीवी चैनल से हुई थी। फिर अलग-अलग टीवी चैनलों में काम करते हुए। ईनाडु इंडिया में पहुंचे जो अब ईटीवी भारत है। वहां लंबे समय तक रहने के बाद राजस्थान पत्रिका भोपाल में पहुंचे। पत्रिका में एक करीब एक साल तक रहने के बाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हूं।... और पढ़ें

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