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50वां स्थापना दिवस: ICAI जोधपुर ब्रांच से निकले सात हजार CA...केवल बैलेंस शीट्स नहीं देखते, आईएएस एवं हाईकोर्ट जज भी बने

50वां स्थापना दिवस: ICAI जोधपुर ब्रांच से निकले सात हजार CA...केवल बैलेंस शीट्स नहीं देखते, आईएएस एवं हाईकोर्ट जज भी बने आईसीएआई के पहले गोल्डमेडलिस्ट अजीत भंडारी भी जोधपुर ब्रांच से थे. विभिन्न क्षेत्रों में गाड़ रहे का…

ETV Bharat के अनुसार16 सितंबर 2026 को 06:04 am बजे
50वां स्थापना दिवस: ICAI जोधपुर ब्रांच से निकले सात हजार CA...केवल बैलेंस शीट्स नहीं देखते, आईएएस एवं हाईकोर्ट जज भी बने

सौजन्य से:- ETV Bharat

50वां स्थापना दिवस: ICAI जोधपुर ब्रांच से निकले सात हजार CA...केवल बैलेंस शीट्स नहीं देखते, आईएएस एवं हाईकोर्ट जज भी बने

आईसीएआई के पहले गोल्डमेडलिस्ट अजीत भंडारी भी जोधपुर ब्रांच से थे. विभिन्न क्षेत्रों में गाड़ रहे कामयाबी के झंडे.

Published : September 16, 2026 at 10:41 AM IST

जोधपुर: देश को हजारों चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) देने वाली दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टड एकाउंटे्टस ऑफ इंडिया (ICAI) की जोधपुर ब्रांच 16 सितंबर को अपना 50वां स्थापना दिवस मना रही है. आईसीएआई की सेंट्रल रीजन की यह ब्रांच प्रदेश की दूसरी ब्रांच थी. आज इस सेंटर रीजन में कुल 62 ब्रांचेज हैं.

आईसीएआई जोधपुर ब्रांच के वर्तमान अध्यक्ष महिपाल लढ्ढा ने बताया कि 50 साल में करीब सात हजार सीए हमारी ब्रांच से निकले हैं. इनमें 2500 से ज्यादा अभी यहां रजिस्टर्ड है, जबकि बाकी देश दुनिया के अन्य हिस्सों में काम कर रहे हैं. लढ्ढा ने कहा, देश के नामी व्यवसायियों ने सीए यहां से किया है. कई सीए भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर देशभर में सेवाएं दे रहे हैं. कुछ सीए राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी हैं. लढ्ढा ने बताया कि आईसीएआई के पहले गोल्डमेडलिस्ट अजीत भंडारी भी जोधपुर से थे.

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1998 में मिला स्थायी कार्यालय: 16 सितंबर 1976 को जोधपुर में पहला पेशेवर संस्थान आईसीएआई के रूप में शुरू हुआ था. पहले अध्यक्ष जेठानंद शारदा थे. धीरे धीरे संस्थान ने गति पकड़ी. हर वर्ष 100 से ज्यादा सीए देने लगा. इसके चलते जोधपुर सीए की मंडी कहलाने लगी. स्थापना के बीस साल से ज्यादा समय तक संस्थान अस्थायी परिसर में चला. 1998 में स्थायी कार्यालय बना, जहां आज सीए की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं हैं.

राजनीति, न्यायिक और प्रशासन में मौजूदगी: लढ्ढा ने बताया कि जोधपुर के सीए सिर्फ खाता बही तक सीमित नहीं हैं. इन्होंने राजनीतिक में भी पहचान बनाई है. सीए कैलाश भंसाली यहीं से निकले थे, जो दो बार विधायक बने. वर्तमान विधायक अतुल भंसाली भी सीए हैं. आयकर अपीलीय अधिकरण सदस्य बीएम बियानी भी सीए हैं. शेयर बाजार में बड़ा नाम आनंद राठी व सुरेश राठी भी जोधुपर से सीए बने हैं. राजस्थान के आबकारी सचिव एवं आईएएस नमित मेहता ने भी जोधपुर से सीए की. इसी ब्रांच के पुनीत डागा, पंकज सोनी, अंशुल यूपीएससी क्रेक कर देश सेवा कर रहे हैं. राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस विनीत कोठारी भी यहां से सीए बने थे.

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खाता बही से एआई तक सफर: जोधपुर ब्रांच की वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्य योगेश व्यास ने बताया कि एक दौर था जब सीए खाता बही के हिसाब देखकर बैलेंस शीट्स बनाते थे. सबकुछ मेन्यूअल होता था. धीरे धीरे तकनीक आई तो आज एआई का दौर आ गया. आईसीएआई एआई का उपयोग भी सीए को बता रही हैं. सीए की भूमिका मेन्यूअल से डिजिटल एकाउंटिंग के दौर तक महत्वूपर्ण हो रही हैं. काम बढ़ रहा है. देश में अभी भी सीए की कमी है. वर्ष 2047 तक देश में लाखों सीए की जरूरत होगी. वर्तमान में पूरे देश में 4 लाख 56 सीए हैं. इनमें भी कई सर्विसेज में हैं.

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