वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकली; जयपुर में 50 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व
वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकली; जयपुर में 50 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में OBC के लिए 30, SC के लिए 20 और ST के लिए 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं 63 वार्ड अनारक्षित ओपन कैटेगरी में रखे गए…

सौजन्य से:- Hindustan
वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकली; जयपुर में 50 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में OBC के लिए 30, SC के लिए 20 और ST के लिए 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं 63 वार्ड अनारक्षित ओपन कैटेगरी में रखे गए हैं। इसके अलावा 31 वार्ड अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस तरह कुल 150 में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
जयपुर जिले के निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में वर्गवार और महिला आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। आरक्षण तय होने के साथ ही चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों के समीकरण भी बदल गए हैं। अब कई दावेदारों को अपने मौजूदा वार्ड के बजाय दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में OBC के लिए 30, SC के लिए 20 और ST के लिए 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं 63 वार्ड अनारक्षित ओपन कैटेगरी में रखे गए हैं। इसके अलावा 31 वार्ड अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस तरह कुल 150 में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। यानी आगामी निकाय चुनाव में जयपुर नगर निगम में 50 महिला पार्षद चुनी जाएंगी।
आरक्षण के साथ बदलेंगे कई दावेदारों के समीकरण
वार्डों के आरक्षण की लॉटरी का सबसे ज्यादा असर उन संभावित प्रत्याशियों पर पड़ेगा, जो पिछले कई महीनों से अपने वार्ड में चुनाव की तैयारी कर रहे थे। जनसंपर्क, सामाजिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए दावेदारी मजबूत करने वाले कई नेताओं के वार्ड अब आरक्षित हो सकते हैं।
खास तौर पर महिला आरक्षण के चलते मौजूदा पार्षदों और पुरुष दावेदारों के सामने नई चुनौती खड़ी होगी। वहीं OBC, SC और ST के लिए आरक्षित वार्डों में इन वर्गों से आने वाले दावेदारों के लिए चुनावी मैदान खुल गया है।
जोधपुर नगर निगम में OBC के 20 वार्ड
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया भी शुरू हुई। यहां 20 वार्ड OBC के लिए आरक्षित होंगे, जबकि 65 वार्ड अनारक्षित ओपन कैटेगरी में रखे गए हैं। बाकी वार्डों का आरक्षण वर्गवार तय किया जा रहा है। किस वार्ड को किस श्रेणी के लिए आरक्षित किया जाएगा, इसके लिए लॉटरी प्रक्रिया जारी रही।
नगर निगम के बाद नगर परिषद और नगर पालिकाओं की बारी
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों की लॉटरी पूरी होने के बाद जिले की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की गई। इनमें वर्गवार आरक्षण के साथ महिला आरक्षण भी तय किया गया।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जयपुर जिले के अलग-अलग नगरीय निकायों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की स्थिति भी काफी हद तक साफ हो गई। अब संभावित प्रत्याशी अपने वार्ड की आरक्षण श्रेणी के हिसाब से आगे की रणनीति बनाएंगे।
लॉटरी शुरू होते ही विवाद, अधिकारियों ने संभाला मामला
जयपुर में आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विवाद की स्थिति भी बन गई। ST और SC के वार्ड अलग करने के बाद सामान्य श्रेणी के वार्डों में से OBC आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को लेकर कुछ प्रतिनिधियों ने विरोध जताया।
मामला बढ़ता देख जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें समझाया। अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और लॉटरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
टिकट की दौड़ होगी तेज
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पार्टियां वार्डवार संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक लेने और जीत की संभावना वाले चेहरों की तलाश में जुटेंगी।
सामान्य वार्डों में पहले से तैयारी कर रहे नेताओं की दावेदारी मजबूत होगी। वहीं आरक्षित वार्डों में पार्टियों को संबंधित वर्ग के मजबूत प्रत्याशी तलाशने होंगे। महिला आरक्षण वाले वार्डों में भी राजनीतिक दलों को नए चेहरों पर दांव लगाना पड़ सकता है।
6 साल बाद जयपुर में सामान्य वर्ग का मेयर
जयपुर नगर निगम के मेयर पद का आरक्षण सामान्य वर्ग के लिए होने से भी राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। करीब छह साल बाद जयपुर में मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। इससे सामान्य वर्ग के कई संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
अब पार्षद चुनाव लड़ने वाले नेता भी मेयर पद के आरक्षण को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनाएंगे। राजनीतिक दलों में मेयर पद के संभावित चेहरों को लेकर चर्चा तेज होगी। ऐसे में वार्ड आरक्षण की लॉटरी के बाद जयपुर की निकाय राजनीति में टिकट से लेकर मेयर पद तक की दौड़ और दिलचस्प होने वाली है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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