जयपुर में पकड़ा गया फर्जी कॉल सेंटर, 4 हजार लोगों के साथ की ठगी, जानें कैसा बना रहे थे शिकार
जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़ा बड़ा भंडाफोड़ किया है। यहां पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो रोजगार दिलाने का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करते थे। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जयपुर: जयपुर सहित…

सौजन्य से:- Navbharat Times
जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़ा बड़ा भंडाफोड़ किया है। यहां पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो रोजगार दिलाने का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करते थे। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जयपुर: जयपुर सहित कई शहरों में ऐसे फर्जी कॉल सेंटर संचालित है जो लोगों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी की वारदातें करते हैं। पिछले दिनों जयपुर पुलिस ने तीन फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जहां से करीब 40 युवक युवतियों को गिरफ्तार किया। अब जयपुर के जवाहर नगर क्षेत्र में एक और फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने दबिश दी। इस कॉल सेंटर से भी 5 युवतियों सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई
जयपुर में फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देने की कार्रवाई स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश की टीम ने की। जवाहर नगर स्थित सिंधी कॉलोनी में रॉयल अपार्टमेंट के थर्ड फ्लोर पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना मिली थी। गोपनीय सूत्रों से सूचना की तस्दीक कराई गई और फिर सूचना की पुष्टि होने के बाद गुरुवार दोपहर को अचानक दबिश दी। इस दौरान इस फर्जी कॉल सेंटर में कई युवक और युवतियां काम कर रहे थे जिन्हें पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया। मौके से ही फर्जी कॉल सेंटर संचालक सलमान को गिरफ्तार भी किया गया।
ई मित्र की आईडी दिलाने का झांसा
स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि इस फर्जी कॉल सेंटर में ईमित्र की आईडी उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। लोगों को कॉल करके बताया जाता कि अगर वे ई मित्र आईडी लेते हैं तो वे अपने घर बैठे ऑनलाइन कार्य करते हुए हर महीने 50 से 60 हजार रुपए कमा सकते हैं। लालच में आकर लोग उनके झांसे में आ जाते थे। आईडी उपलब्ध कराने की एवज में वे 40 से 50 हजार रुपए चार्ज करते थे। इनमें कंप्यूटर और प्रिंटर देने का वादा भी किया जाता था। एडवांस रुपए लेने के बाद उन मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर देते जिनसे रुपए प्राप्त होते थे।
कई राज्यों में फैला जाल, 4000 से ज्यादा शिकार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला था। राजस्थान के अलावा अन्य कई राज्यों के लोगों को भी रोजगार प्रदान करने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि रॉयल अपार्टमेंट में यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले 2-3 साल से संचालित था। पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर संचालक के खिलाफ साइबर ठगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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