32 साल बाद राजस्थान को जल हक: यमुना जल प्रोजेक्ट; 29 जून को शाह के सामने अंतिम समझौता, शेखावाटी के 3 जिलों में पहुंचेगा पानी - Jaipur News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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32 साल बाद राजस्थान को जल हक:यमुना जल प्रोजेक्ट; 29 जून को शाह के सामने अंतिम समझौता, शेखावाटी के 3 जिलों में पहुंचेगा पानी
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- 4 जुलाई को बाड़मेर से पीएम कर सकते हैं ऐलान
यमुना जल प्रोजेक्ट को लेकर 29 जून (सोमवार) को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान व हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर होगा। इस दौरान जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। एमओए में यमुना जल प्रोजेक्ट को लेकर राजस्थान व हरियाणा के बीच जल मात्रा, प्रोजेक्ट की लागत, निर्माण, संचालन और जल वितरण की अंतिम शर्तें निर्धारित होंगी।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की 4 जुलाई को बाड़मेर में रिफाइनरी के उद्घाटन के दौरान इसकी घोषणा कर सकते हैं। समझौते के तहत 1994 में राजस्थान को यमुना जल आवंटित हुआ था, लेकिन पानी नहीं मिल पाया। 32 साल बाद राजस्थान को यमुना जल का हक मिलने जा रहा है। पानी को पाइपलाइन से पहुंचाने का प्रस्ताव है।
सीएम भजनलाल शर्मा ढाई प्रोजेक्ट को लागू करवाने के लिए प्रयासरत हैं। यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों व गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। प्रोजेक्ट की लागत 33, 379 करोड़ रुपए है। इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे। 3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी।
राजस्थान-हरियाणा के बीच सभी पॉइंटों पर सहमति बनी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ यमुना जल परियोजना क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में एमओए के सभी पॉइंट को अंतिम रूप दिया गया।
चुनौतियां : भूमि अधिग्रहण और रेल ट्रैक के किनारे पाइप लाइन बिछाना
- बजट: ₹3,900 करोड़ रुपये सिर्फ भूमि अवाप्ति (जमीन अधिग्रहण) पर खर्च होने हैं, जिसके लिए समय पर वित्तीय प्रबंधन करना जरूरी होगा।
- पाइपलाइन नेटवर्क: जल लाने को रेलवे ट्रैक के किनारे 302 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है।
- रेलवे यार्ड: पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे केवल 68 किलोमीटर लंबाई ही उपलब्ध है।
- भूमि अधिग्रहण : 95 किमी लूप लंबाई सहित 252 किमी के लिए नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और निजी भूमि की जरूरत होगी।
एमओए में यह तय होगा - पानी से लेकर लागत तक की शर्तें
- राजस्थान को मिलने वाले यमुना जल की मात्रा और पानी छोड़ने की अवधि।
- पानी लाने के लिए पाइपलाइन और उसके सटीक रूट का निर्धारण।
- महा-परियोजना की कुल निर्माण लागत का दोनों राज्यों के बीच आपसी बंटवारा।
- प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसके संचालन और देखरेख की जिम्मेदारियां तय करना।
- हरियाणा, राजस्थान और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों की जवाबदेही व भूमिकाएं स्पष्ट करना। इसके अलावा कई और शर्तों पर भी बातचीत की गई।
दूसरी बार प्रदेश में 1 लाख करोड़ के विकास कार्यों की मंजूरी
रिफाइनरी, जयपुर में मेट्रो फेज 2 और जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात भी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान को 3 बड़ी सौगात देंगे। पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन के साथ-साथ जयपुर में मेट्रो फेज 2 का शिलान्यास और जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल भी जनता को समर्पित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश में 1 साल में हुई भर्तियों के 34 हजार चयनितों को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान को दूसरी बार एक लाख करोड़ से अधिक की सौगातें देंगे। पिछले सितंबर में बांसवाड़ा में 1.22 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। अब 79,450 करोड़ की रिफाइनरी, 14 हजार करोड़ के मेट्रो फेज-2, 500 करोड़ के जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल सहित 1 लाख करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
भास्कर इनसाइट
12 साल के जश्न का सबसे बड़ा तोहफा राजस्थान को
केंद्र में 12 साल होने का सबसे बड़ा तोहफा प्रधानमंत्री ने राजस्थान को दिया है। 1 लाख करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स मिलने जा रहे हैं।
- ओडिशा: 21 जून को प्रधानमंत्री ने ओडिशा को 47,600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
- पश्चिम बंगाल: भाजपा ने यहां पहली बार जीत दर्ज की है। प्रधानमंत्री ने यहां ‘जल जीवन मिशन’ का रुका हुआ 40,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया। इसके साथ ही, 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली के तारकेश्वर में 1,492 करोड़ के मेगा विकास प्रोजेक्ट्स की सौगात दी।
- महाराष्ट्र: मुंबई और ठाणे के प्रोजेक्ट्स के लिए 32,800 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल प्रोजेक्ट’ की नींव रखी गई।
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