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जोधपुर में सीईटीपी की समस्या से 308 टेक्सटाइल इकाइयां बंद हुई - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार21 अगस्त 2026 को 12:55 am बजे
जोधपुर में सीईटीपी की समस्या से 308 टेक्सटाइल इकाइयां बंद हुई - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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जोधपुर में सीईटीपी की समस्या से 308 टेक्सटाइल इकाइयां बंद हुई

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पर्यावरणीय अनुपालन और औद्योगिक व्यवस्थाओं से जुड़ी दिक्कतें अब प्रदेश में उद्योग संचालन में मुश्किलें पैदा कर रही है। मसलन, जोधपुर में सीईटीपी संचालन से जुड़ी समस्या से 308 टेक्सटाइल इकाइयां बंद हो चुकी। इसके मद्देनजर अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) ने सरकार से समस्या के समाधान के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है। आरतिया के अध्यक्ष विष्णु भूत के साथ आशीष सर्राफ, मधुसूदन शर्मा, संजय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि उद्योगों से नियमों की पालना की अपेक्षा है, लेकिन सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। अन्यथा, निवेश, रोजगार और कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।

एसोसिएशन के अनुसार सांगानेर में अवशिष्ट जल निस्तारण की समस्या के चलते 814 औद्योगिक इकाइयों को क्लोजर नोटिस और 65 को सीज किया गया है। बालोतरा के अंबे वैली क्षेत्र में करीब 20 करोड़ लीटर जमा अवशिष्ट जल के निस्तारण के लिए भी समयबद्ध कार्ययोजना जरूरी है। इससे टेक्सटाइल उद्योग को अनिश्चितता से बाहर निकाला जा सकेगा। संगठन के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में पर्यावरणीय नियम और अनुमतियों को शुरुआत से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एजेंसियां प्रारंभिक स्तर पर सभी अनुपालन पूरे करेंगी तो बाद में न्यायालय और नियामकीय संस्थाओं के स्तर पर विवाद की स्थिति नहीं बनेगी। रीको की भूमिका उद्योगों के लिए फेसिलिटेटर की है, इसलिए औद्योगिक विस्तार में नियामकीय अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उद्योगों के लिए बने उच्चस्तरीय समिति : आरतिया ने एनजीटी के निर्देश के अनुसार उद्योगों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए तत्काल उच्चस्तरीय समिति गठित करने का सुझाव दिया है। इसमें संबंधित सरकारी विभागों के साथ उद्यमियों और औद्योगिक विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग है। संगठन का कहना है कि उद्यमी का काम निवेश करना, उद्योग चलाना, रोजगार देना, कर राजस्व में योगदान करना और प्रतिस्पर्धा के बीच कारोबार बढ़ाना है।

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