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3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का भंडाफोड़, नागपुर से पकड़ा आरोपी, अंतरराज्यीय गिरोह को कराता था खाते मुहैया

3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का भंडाफोड़, नागपुर से पकड़ा आरोपी, अंतरराज्यीय गिरोह को कराता था खाते मुहैया मोटे रिटर्न का लालच देकर वर्चुअल पोर्टल पर फर्जी मुनाफा दिखाता था गिरोह. Published : July 11, 2026 at 8:…

ETV Bharat के अनुसार11 जुलाई 2026 को 04:08 pm बजे
3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का भंडाफोड़, नागपुर से पकड़ा आरोपी, अंतरराज्यीय गिरोह को कराता था खाते मुहैया

सौजन्य से:- ETV Bharat

3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का भंडाफोड़, नागपुर से पकड़ा आरोपी, अंतरराज्यीय गिरोह को कराता था खाते मुहैया

मोटे रिटर्न का लालच देकर वर्चुअल पोर्टल पर फर्जी मुनाफा दिखाता था गिरोह.

Published : July 11, 2026 at 8:32 PM IST

जयपुर: राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने 3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का भंडाफोड़ किया. सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बैंक खाता प्रदाता नागपुर से गिरफ्तार किया गया है. सोशल मीडिया के जरिए CMC Global CS कंपनी का फर्जी जाल बिछाकर जयपुर के डॉक्टर से ठगी की थी. मोटे रिटर्न का लालच देकर वर्चुअल पोर्टल पर फर्जी मुनाफा दिखाते थे. निकालने का प्रयास करते ही ग्रुप से रिमूव किया. आरोपी रक्षक राहुल गजभिये ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है.

एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम शाखा ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर देशव्यापी ठगी करने वाले बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. सोशल मीडिया पर ग्रुप CMC Global CS के जरिए 3 करोड़ 81 लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले गिरोह के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी रक्षक राहुल गजभिये को नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया.

गूगल से सीखा ठगी का खेल: गूगल सर्च से ठगी का खेल शुरू कर जयपुर के डॉक्टर को शिकार बनाया. महाघोटाले की शुरुआत तब हुई जब जयपुर के मालवीय नगर निवासी परिवादी डॉ. प्रेम रतन (45) ने इंटरनेट पर निवेश के विकल्प तलाशे. उन्होंने 5 अक्टूबर 2025 को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पर लिखित शिकायत दर्ज कराई. रिपोर्ट के अनुसार परिवादी ने जब गूगल सर्च इंजन पर निवेश और ट्रेडिंग के उद्देश्य से CMC Global CS नामक विदेशी फॉरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट को सर्च किया. साइबर ठगों के सिस्टम में उनकी जानकारी पहुंच गई. इसके तुरंत बाद भारत स्थित कथित 'कस्टमर केयर' से डॉक्टर के पास फोन आया.

सोशल मीडिया पर एंट्री और फर्जी आईडी: ठगों ने परिवादी को सोशल मीडिया का लिंक भेजकर अपने मुख्य ग्रुप CMC Global CS से जोड़ दिया. ग्रुप में भरोसा जीतने के बाद उनके रजिस्ट्रेशन के नाम पर आधार और पैन कार्ड जैसे व्यक्तिगत दस्तावेज ले लिए. इसके बाद फर्जी वर्चुअल ट्रेडिंग पोर्टल पर डॉक्टर का खाता खोलकर यूजर आईडी और पासवर्ड सौंप दिए.

3.81 करोड़ होते ही ग्रुप से डिलीट: साइबर अपराधियों ने डॉ. प्रेम रतन को जाल में फंसाने के लिए शातिर और मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया. शुरू में ठगों ने परिवादी से कम राशि का निवेश कराया. तुरंत छोटा लेकिन वास्तविक रिटर्न देकर भरोसा जीता. एक बार विश्वास बहाल होने के बाद पीड़ित को भारी रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपए का निवेश करने को उकसाया गया. ठगों के बनाए वर्चुअल पोर्टल के डेशबोर्ड पर डॉक्टर को निवेश किया पैसा लगातार बढ़ता दिखा, जो वास्तव में सॉफ्टवेयर की ओर से जनरेट किया महज फर्जी आंकड़ा था. जब निवेश की राशि 3 करोड़ 81 लाख रुपए तक पहुंच गई. डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने वर्चुअल पोर्टल से अपने पैसे वापस निकालने का प्रयास किया, जैसे ही उन्होंने निकासी की रिक्वेस्ट डाली. साइबर अपराधियों ने तुरंत डॉक्टर को अपने ग्रुप से रिमूव कर दिया. उनकी चैट डिलीट कर संपर्क पूरी तरह काट दिया.

तकनीकी विश्लेषण से नागपुर पहुंची पुलिस: करोड़ों रुपए की हाइटेक ठगी को चुनौती के रूप में लेते साइबर एसपी सुमित मेहरड़ा के नेतृत्व में विशेष तकनीकी टीम बनाई. टीम ने ठगों के इस्तेमाल किए दर्जनों संदिग्ध बैंक खातें, सोशल मीडिया ग्रुप्स के आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया. कड़ी से कड़ी जोड़ते पुलिस नागपुर पहुंची, जहां पूरे गिरोह को पैसे ट्रांसफर करने के लिए फर्जी खाते सप्लाई करने के आरोपी रक्षक राहुल को दबोचा. पुलिस उसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाई.

पढ़ें:जागते रहोः राजस्थान में हर दिन साइबर ठगी की छह हजार शिकायतें, 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी रोज

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