राजस्थान: सिविल सेवा अपील अधिकरण में 3 सप्ताह में अध्यक्ष नियुक्त करे सरकार, हाईकोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
राजस्थान: सिविल सेवा अपील अधिकरण में 3 सप्ताह में अध्यक्ष नियुक्त करे सरकार, हाईकोर्ट ने दी सख्त चेतावनी राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल सेवा अपील अधिकरण में रिक्त अध्यक्ष पद पर तीन सप्ताह में स्थायी नियुक्ति के निर्देश दिए ह…

सौजन्य से:- Amar Ujala
राजस्थान: सिविल सेवा अपील अधिकरण में 3 सप्ताह में अध्यक्ष नियुक्त करे सरकार, हाईकोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल सेवा अपील अधिकरण में रिक्त अध्यक्ष पद पर तीन सप्ताह में स्थायी नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। समयसीमा में नियुक्ति नहीं होने पर कार्मिक विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना पड़ेगा।
विस्तार
राजस्थान उच्च न्यायालय ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में लंबे समय से रिक्त अध्यक्ष पद पर तीन सप्ताह के भीतर स्थायी नियुक्ति करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। न्यायमूर्ति इंद्रजीत सिंह और न्यायमूर्ति संदीप तनेजा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कार्मिक विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना पड़ेगा। अदालत ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व में अदालत की सख्ती के बाद ही सरकार ने अधिकरण में रिक्त सदस्य पदों को भरा था। पीठ ने सरकार से पूछा कि अध्यक्ष पद पर स्थायी नियुक्ति कब तक की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि नियुक्ति नहीं होने पर मुख्य सचिव को तलब किया जा सकता है। इसके जवाब में राज्य सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि तीन सप्ताह के भीतर अध्यक्ष पद पर नियुक्ति कर दी जाएगी।
19 मार्च से अध्यक्ष पद रिक्त
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अध्यक्ष का पद छह महीने से खाली है। पूर्व अध्यक्ष विकास सीताराम भाले के 19 मार्च को स्थानांतरण के बाद से यह पद रिक्त है। फिलहाल कार्यव्यवस्था के तहत पूर्व आईएएस अधिकारी प्रकाश शर्मा अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल रहे हैं।
इससे पहले 4 अगस्त को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष पद रिक्त होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। पीठ ने कहा था कि यदि सरकार अधिकरण का संचालन करने में असमर्थ है तो इसे बंद कर देना चाहिए। अदालत ने यह भी सवाल उठाया था कि बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं, ऐसे में कर्मचारी अपनी शिकायतें लेकर कहां जाएंगे।
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जोधपुर पीठ में सदस्य का पद भी खाली
अधिकरण में अध्यक्ष के अलावा चार सदस्यों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो पद लंबे समय से रिक्त थे। उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार ने 11 अगस्त को दो सदस्यों की नियुक्ति कर जयपुर पीठ में रिक्त पदों को भर दिया था। हालांकि, जोधपुर पीठ में प्रशासनिक सदस्य का एक पद अभी भी रिक्त है।
सरकार ने अदालत के समक्ष कहा था कि अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बावजूद अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं होने पर अदालत ने तीन सप्ताह की समयसीमा तय की है।
जनहित याचिका में उठाया गया सुनवाई प्रभावित होने का मुद्दा
अधिवक्ता दिलीप सिंह कुरका और अधिवक्ता संदीप कलवानिया सहित अन्य वकीलों की ओर से दायर जनहित याचिका में अधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त होने के कारण कर्मचारियों की सुनवाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि शीर्ष पद रिक्त होने से प्रशासनिक मामलों के निपटारे में देरी हो रही है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि तीन सप्ताह में अध्यक्ष की स्थायी नियुक्ति नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और संबंधित सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना होगा।
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