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जयपुर पुलिस के 22 पुलिसकर्मी सस्पेंड, एक सिपाही ऐसा भी जो 4 साल से गायब, 38 बार नोटिस के बाद भी नहीं आया

राजस्थान में जयपुर पुलिस कमिश्नर की सख्ती देखने को मिली है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते नजर आए। पुलिस मुख्यालय की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं आए और ना ही कोई स…

Navbharat Times के अनुसार11 अगस्त 2026 को 10:15 am बजे
जयपुर पुलिस के 22 पुलिसकर्मी सस्पेंड, एक सिपाही ऐसा भी जो 4 साल से गायब, 38 बार नोटिस के बाद भी नहीं आया

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में जयपुर पुलिस कमिश्नर की सख्ती देखने को मिली है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते नजर आए। पुलिस मुख्यालय की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं आए और ना ही कोई सूचना दी।

जयपुर: वर्दी की नौकरी में अनुशासन सबसे जरूरी है। अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाती है। पुलिस में भले ही लचीला व्यवहार नजर आ सकता है लेकिन आर्मी में तो बिल्कुल नहीं। वर्दी की अहमियत जानते हुए भी जयपुर के 22 पुलिसकर्मी पिछले लंबे समय से अपने ही अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते रहे। आखिर पुलिस कमिश्नर ने सख्ती दिखाई और 22 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

बिना सूचना के लंबे समय से गैरहाजिर

जयपुर आयुक्तालय में तैनात कई पुलिसकर्मी बिना सूचना के गैरहाजिर चल रहे थे। कोई एक साल से गैरहाजिर था तो कोई दो साल से। कुछ लापरवाह पुलिसकर्मी ऐसे भी थे जो तीन चार साल से बिना सूचना के गैरहाजिर चल रहे थे। मुख्यालय की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं आए और ना ही कोई सूचना दी। डीसीपी मुख्यालय अनुष्ठा कालिया ने ऐसे लापरवाह 22 पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की ओर कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर के पास भेजी। बाद में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए।

इन पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड

डीसीपी मुख्यालय अनुष्ठा कालिया ने बताया कि निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में राकेश कुमार, दीपेंद्र प्रसाद, बृजेश कुमार, रामसिंह, लाल सिंह, भूरी सिंह, मनोज मीणा, श्रवण कुमार, रोहित जांगिड़, मुरारीलाल खीचड़, गिरीश कुमार, सियाराम, भैरूराम गुर्जर, देवेन्द्र सिंह, रवि शंकर, दिनेश कुमार, सुनिल कुमार, सुरेश चौधरी, ललित कुमार शर्मा, मालीराम, प्रियंका सिहाग और राजेंद्र शामिल हैं। इन 6 पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो आदतन गैरहाजिर हैं।

38 नोटिस दिए, लेकिन कोई परवाह नहीं

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में से राकेश कुमार नाम के कांस्टेबल का मामला हैरानजनक है। वह अक्टूबर 2022 से गैरहाजिर चल रहा है। उसे बुलाने के लिए संबंधित अधिकारी ने 38 बार नोटिस जारी किए लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं आया। इतना ही नहीं उसने नोटिस का कोई जवाब भी नहीं दिया और नहीं आने का कारण तक नहीं बताया। दीपेंद्र नाम का कांस्टेबल अप्रैल 2023 से गैर हाजिर है। दीपेंद्र को भी 10 बार नोटिस दिए गए लेकिन ना तो वह ड्यूटी पर आया और ना ही नहीं आने का कारण बताया।

4 कांस्टेबल दो साल से गायब

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में 4 कांस्टेबल ऐसे हैं जो पिछले दो साल से गायब हैं। जानकारी के मुताबिक कांस्टेबल ब्रजेश कुमार, रामसिंह, लाल सिंह और भूरी सिंह वर्ष 2024 से गैर हाजिर हैं। इन तीनों को तीन चार बार नोटिस जारी किए लेकिन उन नोटिसा का उन पर कोई असर नहीं हुआ। कांस्टेबल मनोज मीणा, श्रवण कुमार, रोहित जांगिड़, मुरारीलाल खिचड़, गिरीश कुमार और सियाराम पिछले एक साल से गायब चल रहे हैं। भैरूराम गुर्जर, देवेन्द्र सिंह, रविशंकर, दिनेश कुमार, सुनील कुमार, सुरेश चौधरी, ललित कुमार शर्मा, मालीराम, प्रियंका सिहाग और राजेन्द्र भी पिछले कई महीनों से लापता हैं।

नियमित ड्यूटी और दायित्वों का निर्वहन अनिवार्य

पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि पुलिस बल में प्रत्येक कार्मिक का नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहना और अपने दायित्वों का निर्वहन करना अनिवार्य है। अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बिना अनुमति लंबे समय तक गैरहाजिर रहना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिससे पुलिस बल की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। डीसीपी मुख्यालय अनुष्ठा कालिया ने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कार्मिक की अनधिकृत गैरहाजिरी से ड्यूटी व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस फोर्स के अनुशासन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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