होमराजनीतिनितिन नवीन की टीम में वसुंधरा राजे की एंट्री, राजस्थान में 2028 के चुनाव से पहले क्या है BJP का गेमप्लान? - vasundhara raje bjp comeback 2028 rajasthan election strategy
राजनीति

नितिन नवीन की टीम में वसुंधरा राजे की एंट्री, राजस्थान में 2028 के चुनाव से पहले क्या है BJP का गेमप्लान? - vasundhara raje bjp comeback 2028 rajasthan election strategy

नितिन नवीन की टीम में वसुंधरा राजे की एंट्री, राजस्थान में 2028 के चुनाव से पहले क्या है BJP का गेमप्लान? भाजपा ने वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, जो 2028 के राजस्थान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति…

Jagran के अनुसार18 अगस्त 2026 को 03:55 am बजे
नितिन नवीन की टीम में वसुंधरा राजे की एंट्री, राजस्थान में 2028 के चुनाव से पहले क्या है BJP का गेमप्लान? - vasundhara raje bjp comeback 2028 rajasthan election strategy

सौजन्य से:- Jagran

नितिन नवीन की टीम में वसुंधरा राजे की एंट्री, राजस्थान में 2028 के चुनाव से पहले क्या है BJP का गेमप्लान?

भाजपा ने वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, जो 2028 के राजस्थान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। यह कदम राजे की लोकप्रियता और राजनीतिक महत्व को दर्शाता है, खासकर 2023-24 के चुनावों में उनके सीमित प्रचार से हुए नुकसान के बाद।

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 2027 के रण से पहले भाजपा ने अपनी नई टीम का एलान कर दिया है। इसमें एक नाम ऐसा भी है, जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। ये नाम है राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का। राजे को भाजपा ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।

भाजपा के इस कदम से एक संदेश तो साफ है कि पार्टी अपने सीनियर नेताओं के मामले में अब बहुत सावधानी बरतना चाहती है। वसुंधरा राजे राजस्थान की राजनीति में एक लोकप्रिय चेहरा हैं और भाजपा बखूबी जानती है कि राजे को सक्रिय राजनीति से दूर रखने का परिणाम क्या होता है।

राजे का राजनीतिक महत्व ज्यादा

2003 में जब राजस्थान में चुनाव हुए थे, तो भाजपा वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पहली बार चुनावी मैदान में उतरी थी। तब पार्टी को 120 सीटें मिली थीं। अगले कार्यकाल में भाजपा ने फिर से राजे पर ही भरोसा दिखाया और मोदी लहर में यह आंकड़ा 163 तक पहुंच गया।

लेकिन 2023 के चुनाव में भाजपा ने अपनी रणनीति बदल दी। राजस्थान में नए चेहरों की तलाश होने लगी और राजे को साइडलाइन किया जाने लगा। पार्टी यह तय कर चुकी थी कि राज्य में नए नेतृत्व को लाना है। ऐसे में वसुंधरा राजे को पूरे राज्य में प्रचार भी नहीं करने दिया गया।

भाजपा को हुआ नुकसान

200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में करीब 70 सीटों में वसुंधरा राजे का प्रभुत्व था, लेकिन उन्हें प्रचार के लिए केवल 54 सीटों की ही जिम्मेदारी दी गई। जब नतीजे घोषित हुए तो राजस्थान में भाजपा ने 115 सीटें जीती थीं। यह वसुंधरा राजे के नेतृत्व में लड़े गए पहले चुनाव से भी 5 कम थी।

बहरहाल पार्टी ने भजन लाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया और राजे राजस्थान की राजनीति में हाशिए पर धकेल दी गईं। अगला साल लोकसभा चुनाव का था। राजे को उम्मीद थी कि इस बार उनके दिन बहुरेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

नतीजों ने स्पष्ट कर दी बात

2024 के लोकसभा चुनाव में वसुंधरा राजे ने सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़-बारां में प्रचार किया, जहां से खुद उनके बेटे दुष्यंत सिंह चुनाव लड़ रहे थे। नतीजा ये हुआ कि जहां पिछले चुनाव में भाजपा राजस्थान की सभी 25 संसदीय सीटें जीतने में कामयाब रही थी, इस बार 11 सीटें हार गई।

इन नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजस्थान की जनता अभी नई व्यवस्था को स्वीकार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। राजस्थान में भजन लाल की सरकार ने अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है। 2028 में भाजपा फिर से चुनाव में उतरना है, ऐसे में पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।

राजे की वापसी

भाजपा आने वाले चुनावों के लिए महिला नेताओं पर फोकस करेगी, इसलिए राजे को साथ लाना उसके लिए जरूरी भी है। वसुंधरा राजे न सिर्फ राजस्थान की महिला मतदाताओं की पसंद हैं, बल्कि राज्य में उनकी लोकप्रियता भी जाता है। सामंत सोच वाला राज्य कहे जाने वाले राजस्थान में उनका शाही रसूख भाजपा के लिए चुनाव परिणाम की लॉटरी बन सकता है।

2028 में जब चुनाव होंगे, तो भाजपा की एक बड़ी चुनौती सत्ता-विरोधी लहर भी होगी और पार्टी ने इसकी काट वसुंधरा राजे में ढूंढी है। भाजपा ने उनके राजनीतिक कद को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक बढ़ाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि राज्य में अभी भी उनकी अहमियत बरकरार है। हालांकि पार्टी की यह रणनीति कितनी कारगर होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें