जनकपुरी महोत्सव 2026: इस बार दिखेगा राजमहलों का संगम, जनकपुर से जोधपुर तक की झलक; 20 अगस्त को भूमि पूजन
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सौजन्य से:- Amar Ujala
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जनकपुरी महोत्सव 2026: इस बार दिखेगा राजमहलों का संगम, जनकपुर से जोधपुर तक की झलक; 20 अगस्त को भूमि पूजन
Wed, 19 Aug 2026 11:42 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:42 AM IST
सार
आगरा में जनकपुरी महोत्सव के लिए 20 अगस्त को जनक महल का भूमि पूजन होगा, जिसके बाद निर्माण और सजावट का काम शुरू किया जाएगा। इस बार जनक महल में नेपाल के जनकपुर के साथ उदयपुर और जोधपुर के राजमहलों की वास्तुकला की झलक दिखेगी।
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विस्तार
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जनकपुरी महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 20 अगस्त को जनक महल का विधि-विधान से भूमि पूजन किया जाएगा। इसके बाद महल के निर्माण और सजावट का काम शुरू होगा। इस बार जनक महल को नेपाल स्थित जनकपुर महल की तर्ज पर भव्य रूप देने की तैयारी है।
श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि जनक महल के निर्माण का कार्य पुरुषोत्तम टेंट वाले करेंगे। महल की सजावट और रोशनी के साथ आयोजन स्थल को भी आकर्षक रूप दिया जाएगा।
वहीं, रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2025-26 की जनकपुरी में पहली बार माता सीता का स्वरूप युवती ने निभाया था लेकिन इस बार भी युवक को ही माता सीता का स्वरूप बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पूरी कमेटी का निर्णय है। रामलीला में जिस परंपरा का निर्वहन पहले से होता चला आ रहा है, उसी परंपरा को आगे भी निभाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि रामलीला धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा आयोजन है इसलिए पात्रों के चयन और मंचन में भी परंपरा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस बार जनक महल की भव्य सजावट के साथ माता सीता के स्वरूप का मंचन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
नेपाल, उदयपुर और जोधपुर के महलों का दिखेगा संगम
जनकपुरी महोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए इस बार जनक महल को विशेष स्वरूप दिया जा रहा है। पुरुषोत्तम टेंट के सचिन गोयल ने बताया कि जनक महल के निर्माण की जिम्मेदारी कोलकाता से आने वाले कारीगरों को दी गई है। कारीगर महल को पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के समन्वय के साथ तैयार करेंगे। सचिन गोयल ने बताया कि इस बार जनक महल में नेपाल के जनकपुर स्थित जनक महल की शैली के साथ उदयपुर और जोधपुर के राजमहलों की वास्तुकला दिखेगी। तीनों महलों की प्रमुख विशेषताओं को मिलाकर जनक महल का स्वरूप तैयार किया जाएगा। बारीक नक्काशी, आकर्षक प्रवेश द्वार, राजस्थानी स्थापत्य शैली और जनकपुर की पारंपरिक शैली का समावेश किया जाएगा।
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श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि जनक महल के निर्माण का कार्य पुरुषोत्तम टेंट वाले करेंगे। महल की सजावट और रोशनी के साथ आयोजन स्थल को भी आकर्षक रूप दिया जाएगा।
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वहीं, रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2025-26 की जनकपुरी में पहली बार माता सीता का स्वरूप युवती ने निभाया था लेकिन इस बार भी युवक को ही माता सीता का स्वरूप बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पूरी कमेटी का निर्णय है। रामलीला में जिस परंपरा का निर्वहन पहले से होता चला आ रहा है, उसी परंपरा को आगे भी निभाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि रामलीला धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा आयोजन है इसलिए पात्रों के चयन और मंचन में भी परंपरा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस बार जनक महल की भव्य सजावट के साथ माता सीता के स्वरूप का मंचन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
नेपाल, उदयपुर और जोधपुर के महलों का दिखेगा संगम
जनकपुरी महोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए इस बार जनक महल को विशेष स्वरूप दिया जा रहा है। पुरुषोत्तम टेंट के सचिन गोयल ने बताया कि जनक महल के निर्माण की जिम्मेदारी कोलकाता से आने वाले कारीगरों को दी गई है। कारीगर महल को पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के समन्वय के साथ तैयार करेंगे। सचिन गोयल ने बताया कि इस बार जनक महल में नेपाल के जनकपुर स्थित जनक महल की शैली के साथ उदयपुर और जोधपुर के राजमहलों की वास्तुकला दिखेगी। तीनों महलों की प्रमुख विशेषताओं को मिलाकर जनक महल का स्वरूप तैयार किया जाएगा। बारीक नक्काशी, आकर्षक प्रवेश द्वार, राजस्थानी स्थापत्य शैली और जनकपुर की पारंपरिक शैली का समावेश किया जाएगा।
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