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निकाय चुनाव 2026: जयपुर के 150 वार्डों में 2500 आवेदन, इनमें आधे युवा और महिलाएं, 150 को टिकट देना असली चुनौती

निकाय चुनाव 2026: जयपुर के 150 वार्डों में 2500 आवेदन, इनमें आधे युवा और महिलाएं, 150 को टिकट देना असली चुनौती जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की दावेदारी सामने आई है. Published :…

ETV Bharat के अनुसार26 अगस्त 2026 को 10:22 am बजे
निकाय चुनाव 2026: जयपुर के 150 वार्डों में 2500 आवेदन, इनमें आधे युवा और महिलाएं, 150 को टिकट देना असली चुनौती

सौजन्य से:- ETV Bharat

निकाय चुनाव 2026: जयपुर के 150 वार्डों में 2500 आवेदन, इनमें आधे युवा और महिलाएं, 150 को टिकट देना असली चुनौती

जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की दावेदारी सामने आई है.

Published : August 26, 2026 at 3:04 PM IST

जयपुर : नगर निगम चुनाव में भाजपा के टिकट के लिए बड़ी संख्या में आए आवेदनों ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी. जयपुर के 150 वार्डों के लिए 2500 से ज्यादा आवेदन मिलने के बाद अब दावेदारों की छंटनी शुरू हो गई. खास बात है कि इनमें 50 फीसदी महिलाएं और युवा आवेदक हैं. महिलाओं और युवाओं की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी ने भाजपा के सामने टिकट वितरण को लेकर नए समीकरण खड़े कर दिए. माना जा रहा है कि पार्टी इस बार संगठन में सक्रियता के साथ नए चेहरों को मौका देने की रणनीति अपना सकती है. यदि टिकट वितरण में महिलाओं और युवाओं को अपेक्षित प्रतिनिधित्व मिलता है तो जयपुर के कई वार्डों में अनुभवी चेहरों की जगह नई पीढ़ी चुनाव मैदान में नजर आ सकती है. ऐसे में भाजपा का टिकट फॉर्मूला चुनावी नतीजों पर भी असर डाल सकता है.

महिला और युवा फैक्टर बदलेगा तस्वीर: इस बार भाजपा टिकट की दौड़ में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने पार्टी के सामने नए समीकरण खड़े कर दिए हैं. जयपुर संभाग के निकाय प्रभारी और जयपुर नगर निगम चुनाव के पर्यवेक्षक प्रभुलाल सैनी ने बताया, करीब 50 फीसदी आवेदन महिलाओं और युवाओं के हैं. ये अच्छी बात है कि महिलाएं और युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है. महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या में दावेदारी को बदलती राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है.

स्वभाव और जीतने की क्षमता पर टिकट: भाजपा ने उम्मीदवार चयन का फॉर्मूला साफ कर दिया है. जयपुर संभाग के निकाय प्रभारी और जयपुर नगर निगम चुनाव के पर्यवेक्षक प्रभुलाल सैनी बोले कि टिकट वितरण में किसी नेता के दबाव या प्रभाव को आधार नहीं बनाया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्याशी चयन दबाव, प्रभाव और अभाव के आधार पर नहीं, बल्कि उसके स्वभाव और जीतने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा. सैनी का यह बयान टिकट के लिए लॉबिंग कर रहे बड़े नेताओं के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है. उन्होंने कहा, पार्टी ऐसे दावेदारों को प्राथमिकता देगी, जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ हो. जनता के बीच स्वीकार्यता हो और जो चुनाव जीतकर पार्टी को मजबूत कर सकें. पार्टी बड़े नेताओं की सिफारिश के बजाय जमीनी सक्रियता और जिताऊ क्षमता टिकट चयन में अहम भूमिका निभाएगी.

अब शुरू होगी असली परीक्षा: आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जयपुर शहर भाजपा ने दावेदारों की स्क्रूटनी शुरू कर दी. हर वार्ड से तीन-तीन नामों के पैनल बनाए हैं. इनमें संगठन से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है. अब ये पैनल प्रदेश नेतृत्व के सामने रखे जाएंगे और 29 अगस्त की बैठक में नामों पर अंतिम मंथन होगा. भाजपा प्रदेश मुख्यालय में 27 से 29 अगस्त तक संभागवार बैठकें प्रस्तावित हैं. इनमें संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, पर्यवेक्षक, निगम प्रभारी, संभागीय निकाय संचालन समिति सदस्य, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सांसद, सांसद प्रत्याशी, विधायक और विधायक प्रत्याशी शामिल होंगे. टिकट चयन का फैसला केवल स्थानीय संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश स्तर पर व्यापक राजनीतिक और संगठनात्मक मंथन होगा.

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बड़े नामों से लेकर नए चेहरे तक दावेदार : टिकट आवेदकों में भाजपा के पुराने और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में नए चेहरे शामिल हैं. कई वार्डों में एक-एक टिकट के लिए दर्जनों दावेदार हैं. पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब 2500 से ज्यादा नामों में से 150 वार्डों के लिए जिताऊ चेहरे चुनना है. दावेदारी के बीच राजनीतिक संदेश सामने आया है. कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सीताराम अग्रवाल ने अपने भतीजे महेश के लिए भाजपा से टिकट मांगा है. अग्रवाल विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में डिप्टी सीएम दीया कुमारी के सामने चुनाव लड़ चुके हैं. अग्रवाल लोकसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुए थे, अब उनके भतीजे की दावेदारी ने दलबदल के बाद भाजपा में आए नेताओं और उनके परिवारों को टिकट देने की पार्टी रणनीति पर चर्चा छेड़ दी.

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