जयपुर का डेथ स्पॉट बना 200 फीट बाइपास, 24 घंटे में 5 मौतें
जयपुर का डेथ स्पॉट बना 200 फीट बाइपास, 24 घंटे में 5 मौतें लगातार दो दिन में हुए इन हादसों ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और रोड इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ब्…

सौजन्य से:- Hindustan
जयपुर का डेथ स्पॉट बना 200 फीट बाइपास, 24 घंटे में 5 मौतें
लगातार दो दिन में हुए इन हादसों ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और रोड इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाया जाता तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं।
जयपुर के अजमेर रोड पर 200 फीट बाइपास का वह हिस्सा अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि लोगों के लिए खौफ का पर्याय बनता जा रहा है। महज 24 घंटे के भीतर इसी जगह दो भीषण सड़क हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को एक बार फिर तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक टैक्सी पर सवार 19 वर्षीय युवती को कुचल दिया। हादसा इतना दर्दनाक था कि ट्रेलर का टायर युवती के सिर और चेहरे के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
लगातार दो दिन में हुए इन हादसों ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और रोड इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाया जाता तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं।
24 घंटे में दूसरा बड़ा हादसा
बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे श्याम नगर थाना क्षेत्र में जयपुर-अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाइपास के पास यह हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार दौसा जिले के गीजगढ़ निवासी 19 वर्षीय भारती सैनी जयपुर में अजमेर रोड स्थित महिंद्रा एसईजेड (SEZ) के एक वेयरहाउस में काम करती थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने भांकरोटा जाने के लिए ऑनलाइन बाइक टैक्सी बुक की थी।
बाइक चालक नवदीप उसे लेकर हीरापुरा बाइपास से गुजर रहा था। इसी दौरान सड़क पर निर्माण कार्य और किनारे खड़े वाहनों की वजह से उसे बाइक दाईं ओर मोड़नी पड़ी। तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही भारती सड़क पर गिर गई और ट्रेलर उसे कुचलते हुए निकल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चालक नवदीप घायल हो गया।
एक दिन पहले परिवार उजड़ गया था
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मंगलवार को भी इसी स्थान पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे परिवार को कुचल दिया था। उस हादसे में तीन मासूम बच्चों और उनके पिता की मौत हो गई थी, जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के कारण उसका इलाज चल रहा है।
लगातार दो दिनों में एक ही जगह हुए इन हादसों ने इस स्थान को शहर के सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट में शामिल कर दिया है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना की सूचना तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को दी गई थी, लेकिन पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद और एम्बुलेंस लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि युवती का चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। आसपास मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर शव को ढकने और घायल युवक की मदद करने की कोशिश की, लेकिन समय पर राहत नहीं मिलने से लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।
रोड इंजीनियरिंग पर उठे सवाल
लगातार दो बड़े हादसों के बाद ट्रैफिक पुलिस ने भी माना है कि यह स्थान तकनीकी रूप से बेहद जटिल है। यहां शहर की ओर से आने वाला ट्रैफिक और फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहन एक साथ अजमेर रोड पर मिलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने कहा कि दोनों हादसे बेहद दुखद हैं और इस ब्लैक स्पॉट की रोड इंजीनियरिंग की जांच कराई जा रही है। ट्रैफिक पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करेगी ताकि सड़क की डिजाइन और यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा सकें।
सिर्फ जांच नहीं, समाधान की जरूरत
जयपुर में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं केवल तेज रफ्तार का नतीजा नहीं हैं। कई जगहों पर अधूरा निर्माण, अव्यवस्थित ट्रैफिक, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क डिजाइन की खामियां भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं।
200 फीट बाइपास पर लगातार दो दिनों में हुई पांच मौतों ने साफ कर दिया है कि केवल हादसों के बाद जांच बैठाना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि ब्लैक स्पॉट की तत्काल पहचान कर वहां स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी और परिवार को अपनों की जान न गंवानी पड़े। जयपुर के इस हिस्से ने पिछले 24 घंटे में जो तस्वीर दिखाई है, उसने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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