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भर्तियों में 2 प्रतिशत खेल कोटा, जालसाजी से ली नौकरी: खेल सर्टिफिकेट घोटाला; टूर्नामेंट से पहले मेडल, नौकरी के लिए बिना प्रवेश विवि टीम में दिखाया - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार11 जुलाई 2026 को 04:10 am बजे
भर्तियों में 2 प्रतिशत खेल कोटा, जालसाजी से ली नौकरी:  खेल सर्टिफिकेट घोटाला; टूर्नामेंट से पहले मेडल, नौकरी के लिए बिना प्रवेश विवि टीम में दिखाया - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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भर्तियों में 2 प्रतिशत खेल कोटा, जालसाजी से ली नौकरी:खेल सर्टिफिकेट घोटाला; टूर्नामेंट से पहले मेडल, नौकरी के लिए बिना प्रवेश विवि टीम में दिखाया

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राजस्थान में खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में 2% कोटा है। इस कोटे से नौकरी लेने के लिए इसका फायदा एआईयू (एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज) गेम्स में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है। भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ है कि टूर्नामेंट से पहले ही मेडल दिखाकर नौकरी के लिए आवेदन कराया गया। बाद में यूनिवर्सिटी में बिना एडमिशन टूर्नामेंट खेलने के सर्टिफिकेट दिए गए।

फर्जीवाड़े में जयपुर सहित कई निजी विश्वविद्यालय रडार पर हैं। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक भर्ती 2022 में इस कोटे में जो आवेदन आए उनमें से 6 अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्होंने खुद को एआईयू खेलों में मेडल धारक बताया, जबकि टूर्नामेंट 2023 में जयपुर की जगन्नाथ विवि में हुआ।

अंतिम चयन सूची में सौरव, तेजपाल, नारायण, विक्रम कुमार, शिवकुमार और नवीन का नाम था। सभी ने रस्साकशी में मेडल जीते थे। इसके अलावा प्राथमिक-उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक भर्ती 2022 में ही चयनित 6 अभ्यर्थी सॉफ्ट बेसबॉल के मेडल धारक हैं। विभाग ने कांगड़ा की अर्नी यूनिवर्सिटी से तस्दीक की तो इनका एकेडमिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। इसे विभाग ने संदिग्ध माना है। नियमों में स्पष्ट है कि एआईयू खेलों में नियमित छात्र ही भाग ले सकता है।

एआईयू के मेडल थोक में बांटे गए

वर्ष 2023 में जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में हुए टूर्नामेंट में रस्साकस्सी में पुरुष वर्ग में 270 मेडल दिए। 2022 में सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में हुए टूर्नामेंट में मिनी गोल्फ में 209 मेडल बांट दिए, जबकि कुल खिलाड़ियों की संख्या 348 थी।

फर्जी सर्टिफिकेट पर 13 कनिष्ठ लेखाकार व राजस्व लेखाकार बने

कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार संयुक्त भर्ती 2023 में खेल कोटे से फर्जी दस्तावेजों पर 13 का चयन हुआ था। एआईयू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए नियमित छात्र होना जरूरी है। फीस रसीद पर पिता का नाम और सेमेस्टर नहीं है। कुछ के माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है। सुभाष, मनोज तर्ड, सुनीता, सुनील, उमेश, सुरेश गोदारा, सुरेश जांगू, राकेश, शंकर गुर्जर, प्रियांशु, सोमराज, ट्विंकल और दिनेश का रिकॉर्ड गड़बड़ है।

5 उदाहरण, जो विभिन्न भर्तियों में चयन संदिग्ध बताते हैं...

1. एकसाथ 2 समेस्टर की परीक्षा ली

सुभाष : रस्साकशी में मेडल; सुरेश ज्ञान विहार विवि में पीजीडीएसएम में सितंबर 2022 में दाखिला। फर्स्ट-सेकंड समेस्टर की परीक्षा एक साथ दिसंबर 2024 में हुई। फर्स्ट सेमेस्टर का परिणाम आने से पहले सेकंड की परीक्षा कराई।

2. टूर्नामेंट के 1 साल बाद का सर्टिफिकेट

मनोज तर्ड : क्वान-की-डो खेल; 2022-23 में पीजीडीएसएम का छात्र। प्रतियोगिता चंडीगढ़ में फरवरी 2023 में हुई। सहभागिता प्रमाण पत्र मिला 2024 में। रसीद पर पिता का नाम, वर्ष नहीं।

3. टूर्नामेंट से 12 दिन पहले दाखिला...

सोमराज; रस्साकशी। दाखिले की दिनांक 2 जनवरी 2023 है। 14 जनवरी से टूर्नामेंट में खेला। खेल सहभागिता प्रमाण पत्र भी विश्वविद्यालय की ओर से 5 माह बाद जारी किया गया।

4. टूर्नामेंट के दो माह पहले दाखिला

उमेश कुमार; मिनी गोल्फ : सुरेश ज्ञान विहार विवि ने 2022-23 का छात्र बताया। दाखिला 12 जनवरी 2023 का। मार्च में एआईयू टूर्नामेंट में मिनी गोल्फ खेला।

5. अगस्त 2024 में रिजल्ट अवेटेड बताया,

प्रियांशु; ड्रॉप-रोबाल : अगस्त 2024 में रिजल्ट अवेटेड बताया। मार्कशीट में परीक्षा दिसंबर 2024 है। खेल प्रमाण पत्र अप्रैल 2023 का है। सहभागिता पत्र सितंबर 2024 का।

सभी छात्रों के एडमिशन सही हैं। एसओजी और विभाग को भी हम बता चुके हैं। रसीद मैन्युअल कटती है, जिसमें गलती रह गई होगी। अभ्यर्थियों को जॉइनिंग से रोका गया था, वह समस्या भी जल्द दूर हो जाएगी। जांच में मदद कर रहे हैं। हर जानकारी एजेंसी को दी जा रही है। -अरुण माथुर, खेल प्रभारी, सुरेश ज्ञान विहार विवि, जयपुर

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