राजस्थान की “माँ योजना”: 30 हजार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों में मुफ्त इलाज किया
राजस्थान की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) के तहत 30 हजार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवाया है। हालांकि, कर्नाटक और तमिलनाडु में इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कर्नाटक और तमिलनाडु को छोड़कर देश में कहीं भी राजस्थान के नागरिक इलाज करा सकते हैं।
जयपुर। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य ( मां योजना ) योजना के तहत प्रदेश के पात्र परिवारों को अब राज्य से बाहर भी बेहतर एवं कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थी देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से संबद्ध अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं। 6 महीने में प्रदेश के 30 हजार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों के अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का फ्री इलाज करवाया है।
इस योजना में हालांकि तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल नहीं है। इसका मतलब हुआ कि थलपति विजय के राज्य में अगर कोई राजस्थानवासी योजना का लाभ उठाकर इलाज कराना चाहता है तो यह सुविधा नहीं मिलेगी। इसके अलावा कर्नाटक भी इस योजना में शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समन्वय से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
'मां योजना' में 2000 से ज्यादा इलाज शामिल
योजना में 2,179 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार भी शामिल है। कर्नाटक और तमिलनाड के अलावा सभी राज्यों में सुविधा उपलब्ध है। पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रदेश के मरीजों को गुजरात, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की। इसके बाद पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में स्थित पीएमजेएवाई से संबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार का लाभ उठा रहे हैं।
करीब 6000 क्लेम सेटल
इस व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र परिवारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक के कैशलेस निःशुल्क उपचार का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक इस प्रावधान के अंतर्गत 5,959 क्लेम प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है। इन क्लेम्स के माध्यम से मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी, सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न जटिल उपचारों का लाभ प्राप्त किया है।
लाभार्थियों द्वारा सर्वाधिक उपचार गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में कराया गया है। वर्तमान में इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16 हजार से अधिक सरकारी तथा 14 हजार से अधिक निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्यप्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823, उत्तर प्रदेश के 6,182 तथा दिल्ली के 184 अस्पताल शामिल हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ का कहना है कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र नागरिक आवश्यकता पड़ने पर राज्य की सीमाओं से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।
लेखक के बारे मेंअमित कुमारअमित कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर/सीनियर जर्नलिस्ट हैं। वर्तमान में सरकारी योजना सेक्शन के जरिए आम जनता तक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचा रहे हैं। अमित कुमार की प्राथमिकता भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर रीडर्स तक पहुंचाना है। अमित कुमार जनवरी, 2025 से नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। इसके साथ बिहार-झारखंड और राजस्थान टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वह NBT Digital में सरकारी योजनाओं, बिहार-झारखंड और राजस्थान से संबंधित सेक्शन की प्लानिंग से लेकर तथ्यों पर आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं, जो रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंचा सकें।खबरें बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने पर उनका फोकस है। इन राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 20 साल के करियर में अमित कुमार को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।अमित कुमार ने सितंबर, 2006 में खेल जगत में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत की। फिर देश के प्रमुख अखबारों से डिजिटल की दुनिया तक कई पड़ाव आए। इस दौरान नेशनल, इंटरनेशनल, देश के विभिन्न राज्यों की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। अमित कुमार के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही। आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।अपने करियर के दो दशक लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित, इन-डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाना ही प्राथमिकता रही। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरिफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए वह हमेशा ऑथेंटिक सोर्स पर भी भरोसा करते हैं।देश की राजधानी दिल्ली में ही जन्मे और पले-बढ़े अमित कुमार ने CBSE Board से 10वीं और 12वीं पास की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही हिंदी भाषा में M.A. किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। अमित कुमार शुरू से ही कुछ नया सीखने को लेकर आतुर रहे हैं। यही चीज उनके 2 दशक लंबे करियर में भी झलकती है।पत्रकारिता जगत में 20 साल का अनुभवअमित कुमार नवभारतटाइम्स.कॉम में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पिछले 20 साल में अमित कुमार को अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, दैनिक हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नई दुनिया, जनसत्ता और हरिभूमि जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अपनी स्किल को संवारने का मौका मिला। 2019 में अमर उजाला के साथ डिजिटल का सफर शुरू किया। यहां नेशनल-इंटनेशनल खबरों पर इन-डेप्थ काम करते हुए सफर के अगले पड़ाव टीवी9 भारतवर्ष और न्यूज-24 बने। यहां न्यूज टीम को लीड किया।करियर के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स 2010, क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 और बैडमिंटन ओपन जैसे कई बड़े इवेंट्स में रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। देश-विदेश की बड़ी खबरों पर काम करते हुए अयोध्या राम मंदिर फैसला, लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, बिहार और झारखंड विधानसभा चुनाव, बजट, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स कवर किए। अमित कुमार को पॉजिटिव इम्पैक्ट वाली स्टोरीज लिखना पसंद है। उनकी प्राथमिकता ऐसा कंटेंट लिखने की रहती है, जो लोगों के लिए मददगार साबित हों। अमित कुमार को लिखने और पढ़ने के साथ घूमने का शौक है। देश के छोटे-छोटे गांवों तक जाना वहां की जीवनशैली से रूबरू होना खासतौर से पसंद है।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Government schemesकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान में फिर से पुलिसकर्मी बनकर ठगी: जानें कैसे दोनों बदमाशों ने महिला के जेवरों को लूटा

घर के पास शौच विवाद: युवक की तलवार से गर्दन काटी

Rajasthan: अपराधियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 2 दिन में 1259 हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई; 221 तस्कर गिरफ्तार


