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हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव की 19 याचिकाएं खारिज की: तकनीकी गलतियों के आधार पर रद्द हुए नामांकन, कोर्ट ने कहा- चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं - Jodhpur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार9 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव की 19 याचिकाएं खारिज की:  तकनीकी गलतियों के आधार पर रद्द हुए नामांकन, कोर्ट ने कहा- चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं - Jodhpur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव की 19 याचिकाएं खारिज की:तकनीकी गलतियों के आधार पर रद्द हुए नामांकन, कोर्ट ने कहा- चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं

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राजस्थान हाईकोर्ट ने नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ी 19 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन याचिकाओं में उम्मीदवारों ने अपने नामांकन रद्द होने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद वह नामांकन रद्द करने के मामलों में दखल नहीं दे सकता।

जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह छूट दी है कि वे चुनाव नतीजे आने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त 2026 को राजस्थान की 309 नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। 31 अगस्त तक नामांकन भरे गए और 1 सितंबर को रिटर्निंग अधिकारियों ने इनकी जांच की।

तकनीकी गलतियों के आधार पर रद्द हुए नामांकन

इस दौरान कई उम्मीदवारों के नामांकन अलग-अलग वजहों से रद्द कर दिए गए। इसके बाद चूरू की निधि सैन, सिरोही की सुंदर माली, पाली की हिना देवी, जैसलमेर की सोनू और पुष्पा देवी समेत कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि नामांकन पत्र छोटी और तकनीकी गलतियों के आधार पर रद्द किए गए। कुछ मामलों में नोटरी के दस्तखत नहीं थे, गवाह के दस्तखत छूट गए थे या नगर पालिका का थोड़ा बकाया था।

वकीलों ने राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 13(3) का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई बड़ी गलती नहीं है, तो नामांकन रद्द नहीं करना चाहिए।

वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील विकास बालिया और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने याचिकाओं पर ही सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनाव अधिसूचना जारी होते ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 243जेडजी(बी) और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 30(2) के तहत चुनाव प्रक्रिया के बीच कोर्ट के दखल पर रोक है।

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