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जयपुर में सड़क हादसे: जनसुरक्षा का मुद्दा बनता जा रहा है

जयपुर में 181 दिनों में 1733 सड़क हादसे हो चुके हैं और 469 लोगों की मौत हो गई है। सड़क सुरक्षा के लिए चल रहे अभियान और नियमों के बावजूद दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जनजागरूकता के मुद्दे अब गंभीर माने जा रहे हैं। X के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों के आधिकारिक आंकड़े सड़क हादसों की संख्या और मृत्यु दर को दर्शाते हैं।

Dainik Bhaskar के अनुसार12 जुलाई 2026 को 04:13 am बजे
जयपुर में सड़क हादसे: जनसुरक्षा का मुद्दा बनता जा रहा है

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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जयपुर शहर में 181 दिनों में 1733 सड़क हादसे, 469 लोगों की मौत

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जयपुर में सड़क हादसे लगातार भयावह होते जा रहे हैं। वर्ष 2026 के पहले 181 दिनों में राजधानी में 1,733 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 469 लोगों की मौत हो गई और 1,479 लोग घायल हुए। यानी शहर में औसतन हर दिन करीब 10 हादसे, 3 लोगों की मौत और 8 से अधिक लोग घायल हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर चल रहे अभियान और नियमों के बावजूद दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।

सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि हादसे शहर के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चारों पुलिस जिलों में लगातार लोगों की जान जा रही है। हर दिन कई परिवार सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, जबकि घायलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, नियमों के सख्त पालन और जनजागरूकता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष के पहले छह महीनों के आधिकारिक आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि राजधानी में सड़क हादसे अब केवल ट्रैफिक का नहीं, बल्कि गंभीर जनसुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं।

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