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डोडा किंग की गिरफ्तारी: पुलिस ने दबोचा, 'काली डायरी' खोलेगी कई राज

पंजाब के कुख्यात डोडा किंग बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर को राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से 83.930 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और तस्करी में इस्तेमाल की गई लग्जरी कार जब्त की गई है.

ABP News के अनुसार13 जुलाई 2026 को 07:07 am बजे
डोडा किंग की गिरफ्तारी: पुलिस ने दबोचा, 'काली डायरी' खोलेगी कई राज

सौजन्य से:- ABP News

180 की रफ्तार होने के बावजूद भाग नहीं सका 'डोडा किंग', पुलिस ने दबोचा, काली डायरी खोलेगी कई राज

Doda King Arrested: राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के कुख्यात 'डोडा किंग' बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर को गिरफ्तार कर लिया है.

- राजस्थान ANTF ने कुख्यात डोडा किंग बलदेव को गिरफ्तार किया.

- तेज रफ्तार भागने पर कार दुर्घटनाग्रस्त, डोडा पोस्त भी जब्त.

- पुलिस को मिली 'काली डायरी' से तस्कर नेटवर्क के राज खुलेंगे.

राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के कुख्यात 'डोडा किंग' बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर को गिरफ्तार कर लिया है. करीब तीन साल से फरार और 25 हजार रुपये के इनामी इस तस्कर को 'ऑपरेशन मदपाण्डुकी' के तहत कोटा ग्रामीण के चेचट इलाके से पुलिस ने दबोचा है.

उसके कब्जे से 83.930 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और तस्करी में इस्तेमाल की गई लग्जरी कार भी जब्त की गई है. पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया अपराधी 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार लेकर भागा, लेकिन ज्यादा देर तक बच नहीं सका.

180 की रफ्तार भी नहीं बचा सकी गिरफ्तारी से

दरअसल, ANTF द्वारा पीछा करने पर बलदेव ने मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार की स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तक पहुंचा दी. इसके बाद वो एक्सप्रेस-वे छोड़कर गांव की गलियों में घुस गया, लेकिन रास्ता बंद होने पर उसकी कार दीवार से टकरा गई.

कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बलदेव और उसका साथी झाड़ियों और नदी के बहाव क्षेत्र की ओर भाग निकले. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरे इलाके की घेराबंदी कर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया. आखिरकार बलदेव झाड़ियों में छिपा मिला और गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है.

पहले करता था मजदूरी

जांच में सामने आया कि पांचवीं पास बलदेव पहले मजदूरी करता था, लेकिन वर्ष 2017 में तस्करी के धंधे में उतर गया. वो राजस्थान और मध्य प्रदेश से सस्ते दामों में डोडा पोस्त खरीदकर पंजाब और हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेचता था. पुलिस के अनुसार, वो हर महीने 8 ट्रिप लगाता था और हर बार नई गाड़ी व नया साथी लेकर आता था, ताकि पुलिस उसकी पहचान न कर सके.

'काली डायरी' खोलेगी राज?

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को एक 'काली डायरी' भी मिली है. अधिकारियों का दावा है कि इसमें पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क, सप्लायरों, खरीदारों और पैसों के लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज है. माना जा रहा है कि इस डायरी के आधार पर आने वाले दिनों में कई बड़े तस्करों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.

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