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राजस्थान: जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

Swine flu in Rajasthan- राजस्थान में इस वर्ष जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। जयपुरः देश के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली में एच1एन1 स…

Navbharat Times के अनुसार27 अगस्त 2026 को 06:55 pm बजे
राजस्थान: जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

सौजन्य से:- Navbharat Times

Swine flu in Rajasthan- राजस्थान में इस वर्ष जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

जयपुरः देश के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बाद राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने गुरुवार को बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राज्य भर में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा एच1एन1) के 146 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।

जनवरी से अगस्त के बीच स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए

प्रमुख सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच स्वाइन फ्लू के 146 मामले सामने आए। महीने के हिसाब से आंकड़े इस प्रकार थे: जनवरी में दो मामले, फरवरी में तीन, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में पांच और अगस्त में 55 मामले। अगस्त में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। राठौड़ ने साफ किया कि एच1एन1 वायरस का कोई नया या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है। आईसीएमआर की जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अभी जो वायरस फैल रहा है, वह वही स्ट्रेन है जो पहले देखा गया था।

घबराएं नहीं, डॉक्टर की सलाह

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधान रहें और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लें। स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। ज्यादातर मरीज सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जटिलताओं का ज्यादा खतरा होता है।

बार-बार हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें

विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खांसते या छींकते समय अपना मुंह और नाक रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें और साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। बुखार, खांसी या गले में खराश वाले लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना चाहिए। भरपूर आराम करने और तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी जाती है। जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, ऑक्सीजन का स्तर कम होने या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, उन्हें तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

राठौड़ ने खुद से दवा लेने (सेल्फ-मेडिकेशन) के खिलाफ़ चेतावनी दी और लोगों को सलाह दी कि वे डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं न लें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संक्रमित लोगों के ज्यादा करीब जाने से बचें और बीमार होने पर स्कूल, ऑफिस, सामाजिक समारोहों या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं।

स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर नजर

विभाग पूरे राज्य में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर नजर रख रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को स्क्रीनिंग, इलाज और रेफरल की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों और घबराहट से बचें, समय पर डॉक्टर की सलाह लें और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए साफ़-सफ़ाई और सांस से जुड़ी स्वच्छता के नियमों का पालन करें।

इनपुट-आईएएनएस

लेखक के बारे मेंरवि सिन्हारवि प्रकाश सिन्हा नवभारत टाइम्स डिजिटल (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस हैं। वर्तमान में झारखंड और बिहार की टीम में शामिल है। रवि प्रकाश सिन्हा सितंबर, 2022 में नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। वह एनबीटी डिजिटल में बिहार और झारखंड से संबंधित सेक्शन में तथ्य आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं जिससे रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंच सकें।

रवि प्रकाश सिन्हा की प्राथमिकता झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों को बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने की रही है। दोनों राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 25 साल के करियर में रवि प्रकाश सिन्हा को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।

रवि प्रकाश सिन्हा ने अक्टूबर 2000 में भोपाल में न्यूज़ एजेंसी ईएमएस से पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर की शुरुआत की। एक साल बाद उन्होंने ईएमएस के रांची प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, जेएमएम, आरजेडी और विभिन्न राजनीतिक दल, झारखंड सचिवालय, सीएम, मंत्रियों और विधानसभा रिपोर्टिंग से लेकर तमाम छोटी-बड़ी और स्पेशल खबरों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया।

इस दौरान झारखंड की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। रवि प्रकाश सिन्हा के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही- आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।

अपने दो दशक के लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित इन डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरीफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए हमेशा ऑथेंटिक सोच पर ही भरोसा करते हैं।

झारखंड के छोटे से शहर चतरा में जन्मे और पले-बढ़े रवि प्रकाश सिन्हा ने बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से B.A. और M.A. की डिग्री हासिल की। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पीजीडीएनएम में एक साल का डिप्लोमा किया। इसके बाद रिपोर्टिंग करते हुए रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी की डिग्री हासिल की।

पत्रकारिता जगत में 25 साल का अनुभव

रवि प्रकाश सिन्हा प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत है। पिछले 25 साल में रवि प्रकाश सिन्हा को कई प्रतिष्ठित अखबारों में अपना स्किल दिखाने का मौका मिला। न्यूज एजेंसी यूएनआई के हिन्दी सर्विस यूनीवार्ता के लिए अप्रैल 2004 से दिसंबर 2005 तक रांची में रिपोर्टिंग करने का अवसर भी मिला। दूरदर्शन रांची और आकाशवाणी केंद्र के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक सहायक संपादक के रूप में 17 साल का काम करने का अनुभव है। राजस्थान पत्रिका में दिसंबर 2005 से लेकर अप्रैल 2020 तक झारखंड प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का मौका मिला। इसके बाद जून 2020 से अगस्त 2022 तक एनबीटी डिजिटल के लिए रांची से रिपोर्टर के रूप में भी काम करने का मौका मिला।

इससे पहले उन्होंने करियर की शुरुआत न्यूज एजेंसी एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (ईएमएस) के साथ की। रांची एक्सप्रेस, आज, देशप्राण, आवाज, बिहार ऑब्जर्वर, प्रत्यूष नवबिहार, नव प्रदेश, दबंद हिंद, राष्ट्रीय खबर हमारी नजर, फ्रीडम फाइटर, पंच, मेट्रो रेज, श्वेत पत्र, उत्कल मेल, कोयलांचल संवाद, राष्ट्रीय सागर, राष्ट्रीय नवीन मेल, झारखंड जागरण, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल, संताल एक्सप्रेस, कौमी तंजीम, फारुकी तंजीम, जम्हूरियत टाइम्स, सियासी उफुक, जदीद भारत समेत कई अन्य हिन्दी और उर्दू अन्य समाचार पत्रों और वेबपोर्टल के लिए लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से लेखन। पत्रकारिता की शुरुआत के बाद 2001 से झारखंड की राजधानी रांची कर्म स्थल। सामाजिक और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि। पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन और चाहत।

पुस्तक लेखन

झारखंड विधानसभा, रांची के सहयोग से बिहार-झारखंड के सांसदों की जीवनी से संबंधित दो पुस्तकों (संसदीय राजनीतिक कोश, भाग-1 और भाग-2)के लेखन में समन्वयक की भूमिका

स्पेशल कवरेज

2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009, 2014, 2019 और 2024 के झारखंड विधानसभा और लोकसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।

2024 में बिहार लोकसभा चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।... और पढ़ें

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