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14 करोड़ की संपत्ति, सरकारी जॉब और दो मौतें... मां की सुपारी देने वाली आयुषी की कहानी में ट्विस्ट

Sign In Advertisement X जयपुर की आयुषी... कुछ दिन पहले तक यह नाम शायद ही किसी ने सुना होगा. लेकिन अब यही नाम राजस्थान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल…

AajTak के अनुसार11 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
14 करोड़ की संपत्ति, सरकारी जॉब और दो मौतें... मां की सुपारी देने वाली आयुषी की कहानी में ट्विस्ट

सौजन्य से:- AajTak

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जयपुर की आयुषी... कुछ दिन पहले तक यह नाम शायद ही किसी ने सुना होगा. लेकिन अब यही नाम राजस्थान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है. पुलिस का आरोप है कि एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा आयुषी ने अपनी ही मां नीरज शर्मा की हत्या के लिए सुपारी दी. कथित तौर पर सात लाख रुपये में हत्या की डील हुई. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कहानी की परतें खुलती जा रही हैं.

मां की हत्या की जांच चल ही रही थी कि नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा सामने आए. उन्होंने ऐसा दावा किया जिसने पूरे केस का रुख बदल दिया. उनका आरोप है कि परिवार में यह पहली संदिग्ध मौत नहीं थी. इससे पहले अप्रैल 2025 में आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ की मौत भी सामान्य नहीं थी. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि उस मौत की भी नए सिरे से जांच हो. यानी अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि मां की हत्या किसने करवाई. सवाल यह भी है कि क्या इस परिवार में हुई दो मौतों के बीच कोई कड़ी है?

14 करोड़ की संपत्ति... क्या यहीं से शुरू हुई कहानी?

परिजनों का दावा है कि परिवार के पास करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. विजय वशिष्ठ राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे. आरोप है कि उनकी मौत के बाद आयुषी ने सबसे पहले अनुकंपा नियुक्ति की बात की. फिर संपत्ति अपने नाम कराने की भी चर्चा होने लगी.

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मामा का आरोप है कि संपत्ति और सरकारी नौकरी को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया. हालांकि, पुलिस जांच जारी है. पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर कहा कि उसे लगता था कि मां अपने स्पेशल चाइल्ड बेटे को ज्यादा प्यार करती थीं. वह खुद को परिवार में अकेला महसूस करती थी. उसने यह भी कहा कि मां से उसके रिश्ते लंबे समय से खराब थे और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे. लेकिन क्या सिर्फ पारिवारिक नाराजगी किसी को हत्या की साजिश तक ले जा सकती है? यही सवाल अब पुलिस भी समझने की कोशिश कर रही है.

'जब पापा को मार दिया...'

केस में सबसे सनसनीखेज दावा आयुषी के मामा ने किया है. उनका कहना है कि एक दिन झगड़े के दौरान आयुषी ने अपनी मां से कथित तौर पर कहा था- 'जब पापा को मार दिया, तो तुम क्या चीज़ हो...' परिजनों का दावा है कि इस कथित धमकी के बाद नीरज शर्मा ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लिखा था- 'बस दो दिन की जिंदगी बची है.'

आयुषी के मामा राकेश शर्मा का आरोप है कि उनके बहनोई विजय लंबे समय से बीमार जरूर थे, लेकिन उनकी हालत में सुधार हो रहा था. बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया और फिर उनकी मौत हो गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी गई और अंतिम संस्कार भी जल्दबाजी में कर दिया गया. यही वजह है कि अब वे आयुषी के पिता की मौत की भी जांच की मांग कर रहे हैं.

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बलराम... हर कहानी में यही नाम क्यों?

इस केस में एक और नाम बार-बार सामने आ रहा है- बलराम. परिजनों का आरोप है कि आयुषी का चचेरा भाई बलराम हर बड़े फैसले में उसके साथ था. पुलिस भी उसे तलाश रही है. जयपुर पुलिस का कहना है कि आयुषी बेहद तेज दिमाग वाली है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, कई सवालों पर वह सामान्य जवाब देती है, लेकिन बचपन या कुछ निजी बातों पर अचानक चुप हो जाती है. यही वजह है कि अब उससे मनोवैज्ञानिकों की मदद से पूछताछ की जाएगी, ताकि उसके व्यवहार और कथित मकसद को बेहतर तरीके से समझा जा सके.

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इस कहानी में एक मां की हत्या है. एक पिता की मौत पर उठते सवाल हैं. करोड़ों की संपत्ति है. सरकारी नौकरी का विवाद है. परिवार के भीतर टूटते रिश्ते हैं. और कई ऐसे आरोप हैं, जिनकी सच्चाई तक पहुंचना अभी बाकी है. फिलहाल पुलिस मां की हत्या के मामले की जांच कर रही है. वहीं, परिजनों की शिकायत के आधार पर पिता की मौत और संपत्ति विवाद से जुड़े आरोपों की भी जांच की बात कही गई है.

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इस मामले में डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा है कि परिजनों की ओर से पिता की मौत और अन्य आरोपों को लेकर जो शिकायत दी गई है, उसकी भी जांच की जाएगी. साथ ही, आयुषी से मनोवैज्ञानिकों की मदद से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि उसके व्यवहार और संभावित मकसद को बेहतर तरीके से समझा जा सके.

फिलहाल इस मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. क्या पिता की मौत स्वाभाविक थी या परिजनों के आरोपों में दम है? क्या संपत्ति और सरकारी नौकरी इस पूरे विवाद की वजह बने? क्या परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव चल रहा था? और क्या मां की हत्या किसी षड्यंत्र का हिस्सा थी? इन सवालों के जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएंगे.

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