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12 घंटे से ज्यादा तक सिर में फंसी रही कुल्हाड़ी, कोटा में डॉक्टरों ने की सर्जरी, जान का खतरा बरकरार

12 घंटे से ज्यादा तक सिर में फंसी रही कुल्हाड़ी, कोटा में डॉक्टरों ने की सर्जरी, जान का खतरा बरकरार कांग्रेस नेताओं ने उपचार में देरी का आरोप लगाया है. आरोप है कि मरीज को रेफर होने के बावजूद कई घंटे तक बेड नहीं मिला. Pub…

ETV Bharat के अनुसार13 जुलाई 2026 को 07:04 am बजे
12 घंटे से ज्यादा तक सिर में फंसी रही कुल्हाड़ी, कोटा में डॉक्टरों ने की सर्जरी, जान का खतरा बरकरार

सौजन्य से:- ETV Bharat

12 घंटे से ज्यादा तक सिर में फंसी रही कुल्हाड़ी, कोटा में डॉक्टरों ने की सर्जरी, जान का खतरा बरकरार

कांग्रेस नेताओं ने उपचार में देरी का आरोप लगाया है. आरोप है कि मरीज को रेफर होने के बावजूद कई घंटे तक बेड नहीं मिला.

Published : July 13, 2026 at 10:30 AM IST

कोटा : आपसी रंजिश में बारां जिले के एक युवक के सिर पर सोते समय अज्ञात ने शनिवार रात को कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. हमला इतना भयंकर था कि कुल्हाड़ी उसके सिर में ही फंस गई, जिसके बाद उसे सबसे पहले भंवरगढ़ और उसके बाद बारां ले जाया गया. यहां से कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. करीब 12 घंटे बाद बाद उसका ऑपरेशन शुरू हुआ. इस ऑपरेशन में भी 3 घंटे लगे, तब जाकर कुल्हाड़ी को बाहर निकाला गया.

सिर की हड्डी को काटकर कुल्हाड़ी निकाला : बारां जिले के भंवरगढ़ थाना अधिकारी गोपीलाल आर्य ने बताया कि रामजीलाल सहरिया भंवरगढ़ कस्बे की सहरिया बस्ती में रहता है. वह अपने घर पर सो रहा था तभी अज्ञात व्यक्ति ने उसे पर हमला कर दिया. इस संबंध में फिलहाल उसके बयान नहीं हो पाए हैं, लेकिन मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है. कोटा मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. एस.एन. गौतम ने बताया कि बारां जिले का रामजीलाल सहरिया अस्पताल में भर्ती हुआ था, जिसके सिर में कुल्हाड़ी फंसी हुई थी. इसके संबंध में उसकी सर्जरी शुरू की गई, जिसके तहत सिर की हड्डी को काटकर कुल्हाड़ी को बाहर निकाला है, हड्डी काटने के लिए भी कटर मशीन का उपयोग लिया गया. इसमें करीब तीन घंटे का समय लग गया. कुल्हाड़ी भी कई घंटों से उसके सिर में फंसी हुई थी.

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न्यूरोसर्जन डॉ. एसएन गौतम का कहना है कि डॉ. कनिष्क गोयल और डॉ. अलंकार शर्मा ने दोपहर 3:40 पर इसका उपचार शुरू कर दिया था. उसके सिर में इन्फेक्शन का खतरा बना हुआ है, क्योंकि जंग लगी हुई कुल्हाड़ी काफी देर उसके सिर में रही है. सर्जरी के समय बीपी कम था, इसीलिए उसे मेंटेन करना मुश्किल हो रहा था. सिर में कुल्हाड़ी की चोट लगने से ब्लड लॉस भी हुआ था, इसीलिए ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी है. उसे ब्लड भी चढ़ाया गया. सांस की भी प्रॉब्लम उसे हो रही थी, इसमें ट्रेकियोस्टोमी की गई है. कुल्हाड़ी का हत्था (लकड़ी का हिस्सा) होने से श्वास नली डालने में भी दिक्कत आ रही थी. ऐसे में गले में छेद करके उसे बड़ी मुश्किल से डाला गया है, अभी मरीज की स्थिति गंभीर है और रिकवरी आने वाले चार-पांच दिन में ही क्लियर हो पाएगी.

कांग्रेस नेताओं ने उपचार में देरी का भी आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता क्रांति तिवारी ने आरोप लगाया है कि मरीज कोटा अस्पताल में भर्ती होने के लिए पहुंच गया था, लेकिन रेफर होने के बावजूद कई घंटे तक उसे बेड नहीं मिला और उपचार ही शुरू नहीं किया गया. इसकी जानकारी अंता विधायक प्रमोद जैन भाया को मिली. उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से बात की, जिसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और मरीज का इलाज शुरू हुआ है.

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