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जयपुर लौट रहा हूं, 10 शानदार सरकारी स्कूल बताइए; CJP नेता की राजस्थान के शिक्षा मंत्री दिलावर को चुनौती

जयपुर लौट रहा हूं, 10 शानदार सरकारी स्कूल बताइए; CJP नेता की राजस्थान के शिक्षा मंत्री दिलावर को चुनौती रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को टैग करते हुए लिखा- “मदन दिलावर जी, आपके लिए एक ऑफर…

Hindustan के अनुसार19 अगस्त 2026 को 03:55 pm बजे
जयपुर लौट रहा हूं, 10 शानदार सरकारी स्कूल बताइए; CJP नेता की राजस्थान के शिक्षा मंत्री दिलावर को चुनौती

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर लौट रहा हूं, 10 शानदार सरकारी स्कूल बताइए; CJP नेता की राजस्थान के शिक्षा मंत्री दिलावर को चुनौती

रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को टैग करते हुए लिखा- “मदन दिलावर जी, आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं और मेरी टीम वहां का भी दौरा करेगी। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही।”

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए उनके कार्यकाल के दौरान बने या बेहतर हुए 10 सरकारी स्कूलों की जानकारी मांगी है। रांका का कहना है कि वे बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद जयपुर लौट रहे हैं और अब अपनी टीम के साथ राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे।

रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को टैग करते हुए लिखा- “मदन दिलावर जी, आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं और मेरी टीम वहां का भी दौरा करेगी। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही।”

रांका के इस बयान के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति, सुविधाओं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस फिर गरमा गई है। यह चुनौती ऐसे समय में सामने आई है, जब सरकारी स्कूलों के निरीक्षण और स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

पहले सरकारी स्कूलों में पहुंची थी CJP की टीम

दरअसल, राजस्थान में CJP नेताओं की ओर से सरकारी स्कूलों का दौरा किए जाने के बाद यह मामला पहले भी चर्चा में आ चुका है। पार्टी से जुड़े नेताओं ने अलग-अलग सरकारी स्कूलों में पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं, भवनों, साफ-सफाई, विद्यार्थियों और शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया था।

इन दौरों के दौरान सामने आई तस्वीरों और नेताओं के बयानों के जरिए सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश और गतिविधियों को लेकर सख्ती की थी।

विभाग की ओर से कहा गया था कि स्कूलों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश से विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूल की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। स्कूलों में निरीक्षण और अन्य गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश भी दिए गए थे।

बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर पहले ही हो चुका है विवाद

शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने सरकार पर निशाना साधा था। उनका आरोप था कि स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री रोकने के पीछे सरकार की मंशा सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना है।

वहीं सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। इसी विवाद के बीच अब आशुतोष रांका ने राजस्थान लौटने के बाद सरकारी स्कूलों के दौरे का ऐलान किया है।

‘10 स्कूल बताइए, हम भी दौरा करेंगे’

रांका की चुनौती का सीधा निशाना शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में बेहतर काम हुआ है तो शिक्षा मंत्री ऐसे 10 स्कूलों की जानकारी दें, जिन्हें विभाग अपनी उपलब्धि के तौर पर दिखा सकता है।

रांका ने स्पष्ट किया कि वे अकेले नहीं, बल्कि अपनी पूरी टीम के साथ इन स्कूलों का दौरा करेंगे। इससे आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

सरकारी स्कूल लंबे समय से सियासी मुद्दा

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। सरकार की ओर से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, नए भवनों के निर्माण, स्मार्ट क्लास, डिजिटल संसाधनों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे किए जाते रहे हैं।

दूसरी ओर विपक्षी दल और विभिन्न संगठन कई सरकारी स्कूलों में भवन, शौचालय, पेयजल, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों का निरीक्षण केवल प्रशासनिक गतिविधि नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बनता रहा है।

अब रांका की ओर से 10 बेहतर सरकारी स्कूल बताने की चुनौती के बाद निगाहें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा विभाग के जवाब पर हैं। यदि विभाग ऐसे स्कूलों की सूची सामने रखता है तो रांका और उनकी टीम के संभावित दौरे पर भी नजर रहेगी। वहीं यदि दौरे के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर रोक-टोक होती है, तो यह मामला एक बार फिर राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

फिलहाल रांका के बयान ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही बहस को नया मुद्दा दे दिया है। अब देखना होगा कि शिक्षा मंत्री इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं और क्या रांका की टीम को उनके बताए 10 स्कूलों का दौरा करने का मौका मिलता है।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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