फोन खोया तो सिर्फ मोबाइल नहीं, बैंक और निजी डेटा भी खतरे में...राजस्थान पुलिस ने बताए बचाव के 10 कदम
फोन खोया तो सिर्फ मोबाइल नहीं, बैंक और निजी डेटा भी खतरे में...राजस्थान पुलिस ने बताए बचाव के 10 कदम राजस्थान पुलिस की विशेष साइबर एडवाइजरी जारी. बताया कि फोन गुम होते ही कौन से कदम तुरंत उठाएं. Published : September 6,…

सौजन्य से:- ETV Bharat
फोन खोया तो सिर्फ मोबाइल नहीं, बैंक और निजी डेटा भी खतरे में...राजस्थान पुलिस ने बताए बचाव के 10 कदम
राजस्थान पुलिस की विशेष साइबर एडवाइजरी जारी. बताया कि फोन गुम होते ही कौन से कदम तुरंत उठाएं.
Published : September 6, 2026 at 2:08 PM IST
भरतपुर/डीग: मोबाइल फोन गुम होना अब सिर्फ जेब से डिवाइस निकलने भर की घटना नहीं है. उसी फोन में बैंक खाते, यूपीआई, ओटीपी, ई-मेल, सोशल मीडिया और निजी दस्तावेजों तक पहुंच होती है. ऐसे में फोन चोरी या गुम होते ही की थोड़ी सी देरी आर्थिक नुकसान और निजी डेटा के दुरुपयोग का रास्ता खोल सकती है. इसी खतरे को देखते राजस्थान पुलिस ने आमजन के लिए विशेष साइबर एडवाइजरी जारी की. इसमें बताया कि फोन गुम होते ही कौन से 10 कदम तुरंत उठाने चाहिए, ताकि मोबाइल के साथ आपकी डिजिटल पहचान और जमा-पूंजी भी सुरक्षित रहे.
डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने बताया कि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा आमजन को साइबर अपराधों से बचाने को लगातार जागरूक कर रही है. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि आज स्मार्टफोन बातचीत का साधन भर नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल, सोशल मीडिया, ओटीपी और निजी दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाला डिजिटल साधन बन चुका है. लिहाजा, मोबाइल गुम होने पर सिर्फ उसकी तलाश करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उससे जुड़े डिजिटल खातों को तत्काल सुरक्षित करना जरूरी है.
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फोन गुम होते ही सबसे पहले करें रिमोट लॉक: मोबाइल गुम होने के बाद सबसे पहला काम उसे रिमोटली लॉक करना होना चाहिए. एंड्रॉयड फोन के लिए किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से 'फाइंड माई डिवाइस' और आईफोन के लिए 'फाइंड माई आईफोन' की मदद ली जा सकती है. इससे फोन को दूर से लॉक कर अनाधिकृत इस्तेमाल की आशंका कम की जा सकती है. फोन की लोकेशन उपलब्ध होने पर उसे ट्रैक करने का प्रयास किया जा सकता है.
बैंकिंग और यूपीआई तुरंत सुरक्षित करें: मोबाइल में बैंकिंग ऐप, यूपीआई या डिजिटल वॉलेट चल रहे हैं तो फोन गुम होते ही वित्तीय खातों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए. संबंधित बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के जरिए मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट को अस्थायी रूप से ब्लॉक या सुरक्षित करवाएं. किसी अनजान व्यक्ति के फोन या मैसेज पर भरोसा करके बैंक की जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए. बैंक से संपर्क के लिए हमेशा उसके अधिकृत माध्यम का ही इस्तेमाल करें.
खाते के हर ट्रांजेक्शन पर रखें नजर: मोबाइल गुम होने के बाद बैंक खाते और यूपीआई में होने वाले लेनदेन की नियमित जांच करते रहें. अगर कोई ऐसा ट्रांजेक्शन दिखाई देता है जो आपने नहीं किया है या संदिग्ध लगता है तो तुरंत बैंक को सूचना दें. साइबर ठगी की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए संदिग्ध लेन-देन सामने आते ही शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
सिम कार्ड तुरंत करवाएं बंद: मोबाइल नंबर आज कई ऑनलाइन खातों की सुरक्षा की चाबी है. बैंकिंग, ई-मेल और दूसरे अकाउंट में ओटीपी तथा अकाउंट रिकवरी के लिए इसी नंबर का इस्तेमाल हो सकता है. फोन के साथ सिम भी गुम हो गया तो मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर उसे तत्काल बंद करवाएं. इसके बाद उसी नंबर का डुप्लीकेट या रिप्लेसमेंट सिम लिया जा सकता है. नया सिम चालू होने के बाद महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स की दोबारा जांच करना भी जरूरी है.
सभी जरूरी पासवर्ड बदलें: किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से जी-मेल या अन्य ई-मेल, सोशल मीडिया और दूसरे महत्वपूर्ण ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदल दें. साथ ही अकाउंट में दर्ज रिकवरी ई-मेल और मोबाइल नंबर की भी जांच करें. अगर किसी अकाउंट में अनजान रिकवरी नंबर या ई-मेल जुड़ा दिखाई दे तो उसे तत्काल हटाकर अपनी सुरक्षा सेटिंग्स दुरुस्त करें.
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पुराने डिवाइस से करें लॉग आउट: अपने ऑनलाइन खातों की 'लॉग-इन डिवाइस' सूची में जाकर देखें कि किन-किन डिवाइस पर आपका अकाउंट खुला हुआ है. गुम हुए मोबाइल या किसी अनजान डिवाइस का एक्सेस दिखाई दे तो वहां से लॉग आउट कर दें. यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मोबाइल गुम होने के बावजूद कई ऐप और ऑनलाइन अकाउंट पहले से लॉग-इन रह सकते हैं.
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन रखें चालू: ई-मेल, सोशल मीडिया और दूसरे महत्वपूर्ण ऑनलाइन खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी दोहरी सुरक्षा व्यवस्था चालू रखना साइबर सुरक्षा की अतिरिक्त लेयर देता है. इसमें पासवर्ड के अलावा दूसरी पहचान की जरूरत होती है, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ पासवर्ड के आधार पर अकाउंट में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है.
पुलिस में शिकायत करना भी जरूरी: मोबाइल गुम या चोरी होने पर नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं. मोबाइल का आईएमईआई नंबर शिकायत में महत्वपूर्ण होता है. मोबाइल खरीदते समय उसका आईएमईआई नंबर नोट करके सुरक्षित रखना चाहिए. मोबाइल के बॉक्स, बिल या उपलब्ध दस्तावेजों में भी आईएमईआई नंबर दर्ज हो सकता है.
आईएमईआई को सीईआईआर पर कराएं ब्लॉक: पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद मोबाइल के आईएमईआई नंबर को सीईआईआर यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर के माध्यम से ब्लॉक करवाया जा सकता है. इससे गुम या चोरी हुए मोबाइल के नेटवर्क पर दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलती है. इसलिए मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद में सिर्फ इंतजार करने के बजाय पुलिस शिकायत और आईएमईआई ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करनी चाहिए.
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एक नजर में सुरक्षा कदम
- फोन को तुरंत रिमोट लॉक करें: ‘फाइंड माई डिवाइस’ या ‘फाइंड माई आईफोन’ का इस्तेमाल करें
- बैंकिंग और यूपीआई सुरक्षित करें : मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट को ब्लॉक करवाएं
- बैंक खाते पर नजर रखें: हर ट्रांजेक्शन जांचें और संदिग्ध लेन-देन की तुरंत सूचना दें
- सिम कार्ड बंद करवाएं: मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर गुम सिम को तत्काल ब्लॉक करवाएं
- उसी नंबर का डुप्लीकेट सिम लें: नंबर दोबारा सक्रिय कर जरूरी खातों की सुरक्षा जांचें
- सभी महत्वपूर्ण पासवर्ड बदलें: ई-मेल, सोशल मीडिया और अन्य जरूरी अकाउंट सुरक्षित करें
- पुराने डिवाइस से लॉग आउट करें: अकाउंट में मौजूद अनजान या पुराने डिवाइस का एक्सेस हटाएं
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें: महत्वपूर्ण ऑनलाइन खातों में दोहरी सुरक्षा सक्रिय रखें
- पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं: मोबाइल गुम या चोरी होने की सूचना देकर आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें.
- आईएमईआई को सीईआईआर पर ब्लॉक करवाएं: गुम या चोरी हुए मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए
डिजिटल सुरक्षा कितनी जरूरी: राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी का सबसे अहम संदेश है कि मोबाइल गुम होने के बाद सबसे पहले डिजिटल सुरक्षा पर ध्यान दें. फोन की तलाश बाद में भी की जा सकती है, लेकिन अगर किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ फोन लग गया और उसमें बैंकिंग या दूसरे महत्वपूर्ण अकाउंट खुले रह गए तो नुकसान तेजी से हो सकता है.
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