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बारिश ने जयपुर की सड़कों की मजबूती पर उठाए सवाल, 8-10 फीट गहरे गड्ढे बन गए

जयपुर में हुई तेज बारिश ने शहर की सड़कों की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। कई सड़कें धंस गईं और 8 से 10 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए।

Live Hindustan के अनुसार7 जुलाई 2026 को 10:24 am बजे
बारिश ने जयपुर की सड़कों की मजबूती पर उठाए सवाल, 8-10 फीट गहरे गड्ढे बन गए

सौजन्य से:- Live Hindustan

जयपुर में बारिश से 10 फीट गहरे गड्ढों में समाईं सड़कें, कार धंसी

शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी और शांति नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंस गई। इनमें से एक जगह सड़क का लगभग 20 फीट चौड़ा हिस्सा अचानक जमीन में समा गया

राजधानी जयपुर में हुई तेज बारिश ने शहर की सड़कों की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। महज कुछ घंटों की करीब 2 इंच बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सड़कें धंस गईं और 8 से 10 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए। सबसे हैरान करने वाली घटना गोपालपुरा बाइपास पर सामने आई, जहां सड़क धंसते ही एक इनोवा कार गड्ढे में जा गिरी। वहीं मानसरोवर इलाके में सड़क का करीब 20 फीट चौड़ा हिस्सा जमीन में समा गया। हालात ऐसे बने कि पुलिस को रात में ही रास्ते बंद करने पड़े और सुबह तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही।

मानसरोवर में सड़क का 20 फीट हिस्सा धंसा, दो जगह बने बड़े गड्ढे

बारिश के बाद सबसे ज्यादा नुकसान मानसरोवर क्षेत्र में देखने को मिला। शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी और शांति नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंस गई। इनमें से एक जगह सड़क का लगभग 20 फीट चौड़ा हिस्सा अचानक जमीन में समा गया, जिससे पूरा रास्ता असुरक्षित हो गया।

इसके करीब 50 मीटर आगे भी सड़क धंसने की दूसरी घटना सामने आई। लगातार पानी बहने से मिट्टी का कटाव हुआ और द्रव्यवती नदी की बाउंड्री वॉल से सटी सड़क के नीचे की जमीन खिसक गई। देखते ही देखते यहां भी बड़ा गड्ढा बन गया, जिससे आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा।

गोपालपुरा बाइपास पर गड्ढे में गिरी इनोवा कार

गोपालपुरा बाइपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने भी सड़क अचानक धंस गई। सड़क के किनारे बने गहरे गड्ढे में वहां खड़ी एक इनोवा कार फंस गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रात में ही बैरिकेडिंग कर सड़क को बंद कर दिया।

इसके बाद क्रेन की मदद से काफी मशक्कत के बाद कार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

परमहंस धाम के सामने 10 फीट गहरा गड्ढा, ड्रेनेज लाइन टूटी

सोमवार सुबह गोपालपुरा बाइपास पर रिद्धि-सिद्धि चौराहे के पास परमहंस धाम के सामने भी सड़क धंसने की घटना सामने आई। यहां ड्रेनेज लाइन टूटने से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और लगभग 8 फीट चौड़ा तथा 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया।

नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा और मिट्टी के कट्टे डालकर गड्ढा भरने का काम शुरू कराया। हालांकि मरम्मत कार्य के चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और लंबा जाम लग गया।

पेड़ गिरने से भी बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था

भारी बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। स्टेच्यू सर्किल के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे सोमवार सुबह यातायात बाधित हो गया। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

शहर के कई अन्य इलाकों में भी जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को सुबह कार्यालय और स्कूल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

रातभर हुई झमाझम बारिश, कई इलाकों में अच्छी बरसात

मौसम विभाग के अनुसार रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 82 मिमी बारिश मौजमाबाद (फागी-दूदू क्षेत्र) में रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा सांगानेर में 69 मिमी, जोबनेर में 58 मिमी, फागी में 54 मिमी, जालसू में 52 मिमी, चाकसू में 46 मिमी, जेएलएन मार्ग पर 44.5 मिमी, कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 33 मिमी, तूंगा में 28 मिमी, कालवाड़ में 25 मिमी, किशनगढ़-रेनवाल में 22 मिमी, कोटखावदा में 20 मिमी और फुलेरा में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पहली तेज बारिश में खुली तैयारियों की पोल

मानसून की शुरुआती तेज बारिश ने जयपुर में प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी। कई प्रमुख सड़कों का धंस जाना, ड्रेनेज सिस्टम का फेल होना और सड़कों के नीचे मिट्टी का कटाव यह संकेत देता है कि बारिश से पहले किए गए रखरखाव और निर्माण कार्यों में गंभीर खामियां हैं।

फिलहाल पुलिस और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हैं। क्षतिग्रस्त मार्गों पर बैरिकेडिंग कर लोगों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों और क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरने से बचें, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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