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नाबालिग को पीछा कर दबोचा, हत्या की, शव छिपाया लेकिन चित्तौड़ से किया शुरू हुआ पीछा करने का खेल।

भूपालपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुई हत्या के मामले में पुलिस ने महज कुछ घंटों में आरोपी नाबालिग को अजमेर से डिटेन कर लिया। पुलिस ने ट्रेन से भागने के बाद भी नाबालिग का मोबाइल ट्रेस कराया और चंदेरिया के पास उसे पाया। भीलवाड़ा जीआरपी से भी अलर्ट किया गया, लेकिन अजमेर जीआरपी ने अलसुबह नाबालिग को डिटेन कर लिया। सूत्र: Udaipur News

Dainik Bhaskar के अनुसार24 जुलाई 2026 को 04:06 am बजे
नाबालिग को पीछा कर दबोचा, हत्या की, शव छिपाया लेकिन चित्तौड़ से किया शुरू हुआ पीछा करने का खेल।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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नाबालिग को अजमेर तक पीछा कर दबोचा:हत्या की, शव छिपाया...लेकिन चित्तौड़ से किया फोन, वहीं से शुरू हुई पीछा करने की कहानी

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भूपालपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुई हत्या के मामले में पुलिस ने महज कुछ घंटों में आरोपी नाबालिग को अजमेर से डिटेन कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा सुराग वही फोन कॉल बनी, जो आरोपी ने चित्तौड़ पहुंचकर अपने ठेकेदार को की थी। यदि वह कॉल

- ट्रेन से भागा, चित्तौड़ से ठेकेदार को फोन किया, मो. नंबर ट्रेस कर पकड़ा

थानाधिकारी रतन सिंह चौहान ने बताया कि झारखंड निवासी अजय कुमार पासवान (21) आयड़ के छीपा मोहल्ला में किराये के कमरे में रहता था। वह पिछले तीन महीने से एक ठेकेदार के पास आरसीसी-सेंटरिंग का काम कर रहा था। करीब एक माह पहले झारखंड का 17 वर्षीय लड़का भी काम पर आया था और अजय के साथ ही रह रहा था। बुधवार रात दोनों कमरे में शराब पी रहे थे।

इसी दौरान अजय ने नाबालिग से साथ गांव चलने की बात कही। उसके मना करने पर विवाद हो गया। अजय ने गुस्से में आकर नाबालिग का गला पकड़ लिया। इस पर नाबालिग ने पास में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से वार कर दिया। चाकू अजय के गले पर लगा और सांस की नली कट गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घबराए नाबालिग ने शव को पलंग पेटी में डालकर ऊपर से कंबल ढक दिया, कमरा बंद किया और रेलवे स्टेशन पहुंच गया।

चित्तौड़ से किया फोन, वहीं से शुरू हुई पीछा करने की कहानी

- नाबालिग रात करीब 12:30 बजे उदयपुर से असारवा-जयपुर ट्रेन में सवार हुआ। करीब दो घंटे बाद चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर उसने ठेकेदार को फोन कर बताया कि वह गांव के लिए निकल गया है। देर रात अचानक आए इस फोन से ठेकेदार को शंका हुई। उन्होंने अन्य श्रमिकों को कमरे पर भेजा। कमरे के अंदर खून फैला मिला।

- पलंग पेटी खोलने पर अजय का शव कंबल में लिपटा मिला। ठेकेदार ने रात करीब 2 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने तत्काल नाबालिग का मोबाइल नंबर ट्रेस कराया। लोकेशन चंदेरिया के पास मिली। इसके बाद भूपालपुरा थाना की टीम रवाना हुई और चंदेरिया जीआरपी को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन निकल चुकी थी।

- भीलवाड़ा जीआरपी को भी अलर्ट किया गया, लेकिन वहां केवल दो जवान होने के कारण पूरी ट्रेन की तलाशी संभव नहीं थी। आखिरकार अजमेर जीआरपी ने अलसुबह नाबालिग को डिटेन कर लिया। कुछ देर बाद भूपालपुरा थाना की टीम अजमेर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर उदयपुर ले आई। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

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