महल-किले तो बहुत देखे, अब चलिए राजस्थान की 'लेपर्ड कैपिटल' जवाई, जहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों में खुलेआम घूमते हैं तेंदुए - rajasthan offbeat location jawai leopard capital of india
महल-किले तो बहुत देखे, अब चलिए राजस्थान की 'लेपर्ड कैपिटल' जवाई, जहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों में खुलेआम घूमते हैं तेंदुए आलीशान महल, विशाल किले और पीली रेत, कुछ ऐसी ही छवि बनती है जब राजस्थान का नाम सुनते हैं। ...और पढ़ें…

सौजन्य से:- Jagran
महल-किले तो बहुत देखे, अब चलिए राजस्थान की 'लेपर्ड कैपिटल' जवाई, जहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों में खुलेआम घूमते हैं तेंदुए
आलीशान महल, विशाल किले और पीली रेत, कुछ ऐसी ही छवि बनती है जब राजस्थान का नाम सुनते हैं। ...और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। राजा-महाराजाओं का राज्य राजस्थान अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए खासतौर से जाना जाता है। आलीशान महल, विशाल किले और पीली रेत, कुछ ऐसी ही छवि बनती है जब राजस्थान का नाम सुनते हैं। लेकिन इस राज्य में ऐसी बहुत सी जगहें हैं जो लोगों की नजरों से छिपी हुई हैं और इनमें एक जगह जवाई भी है। अगर आप घूमने का प्लान कर रहे हैं तो जवाई जैसी ऑफबीट लोकेशन बेस्ट है।
राजस्थान की ऑफबीट लोकेशन जवाई
जवाई अरावली पहाड़ियों के बीच राजस्थान के पाली जिले में स्थित एक शानदार लोकेशन है। अगर आप नेचर के साथ समय बिताना चाहते हैं और साथ में वाइल्डलाइफ का बहतरीन एक्सपीरियंस लेने की सोच रहे हैं तो इस बार जवाई जाने का मन बनाएं। यहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों में तेंदुओं को आसानी से घूमते देखा जा सकता है।
जवाई में घूमने लायक जगहें
राजस्थान की ऑफबीट लोकेशन जवाई में कई जगहें हैं जहां घूमने का प्लान किया जा सकता है:
जवाई लेपर्ड सफारी
राजस्थान का जवाई भारत की तेंदुओं की राजधानी भी कहा जाता है। यहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों और गुफाओं में तेंदुओं को बड़ी ही आसानी से स्पॉट किया जा सकता है। फैमिली या दोस्तों के साथ यहां जंगल सफारी यादगार होगी।
जवाई बांध
क्या आपने कभी मारवाड़ के अमृत सरोवर के बारे में सुना है? अगर नहीं तो बता दें कि जवाई बांध को ही यह नाम दिया गया है। यहां से बर्ड वाचिंग का लुत्फ उठाते हुए प्रकृति के सुंदर नजारे लिए जा सकते हैं। वहीं, सनसेट देखने के लिए भी यह लोकेशन फेमस है।
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देवगिरि गुफा मंदिर
देवगिरि गुफा मंदिर में विराजमान भगवान शिव और आशापुरा माता प्रकृति और तेंदुओं के रक्षक माने जाते हैं। यह जगह रहस्यमयी इसलिए भी है क्योंकि यहां तेंदुओं और इंसान सदियों से शांति से रह रहे हैं। मंदिर की संरचना की बात करें तो यह मंदिर खड़ी चट्टान से तराशी गई गुफा से बना है।
रबारी जनजाति
कल्चर को जानने के शौकीन हैं तो यहां रबारी जनजाति से मिलने-जुलने और उनकी संस्कृति को जानने का अनुभव लिया जा सकता है। जहां एक तरफ रबारी जनजाति तेंदुओं को अपने रक्षक के तौर पर देखते हैं तो दूसरी तरफ तेंदुए भी इन लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते। इन दोनों के ही संबंध को जानना वाकई में अनूठा अनुभव होगा।
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