पंचायत और नगर निकाय चुनाव की समय सीमा का शेड्यूल हाईकोर्ट के सामने पेश, मतदान की प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी होने की संभावना
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे, उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे। सरकार का कहना है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 90 दिनों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा।

सौजन्य से:- bhaskarhindi.com
राजस्थान में निकाय के बाद कराए जाएंगे पंचायत चुनाव, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपा शेड्यूल
जयपुर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने लंबे समय से लंबित पंचायत और नगर निकाय चुनावों का रोडमैप हाईकोर्ट के सामने पेश कर दिया है। हाईकोर्ट ने सरकार से चुनाव कराने की स्पष्ट समय-सीमा बताने को कहा था।
सरकार की ओर से दिए गए शेड्यूल के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी। सबसे पहले 17 अगस्त को नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे, उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे।
सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के 16 जुलाई के निर्देशों के बाद 19 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग, ओबीसी आयोग, स्थानीय स्वशासन विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में तय किया गया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा। इसके बाद 15 अगस्त तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा।
हाईकोर्ट ने सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि चुनाव का तय कार्यक्रम मांगा था। इसके जवाब में सरकार ने कोर्ट को यह पूरा शेड्यूल सौंपा। सरकार के अनुसार, आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 90 दिनों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा।
अगर हाईकोर्ट इस प्रस्तावित शेड्यूल को मंजूरी दे देता है, तो पंचायत और नगर निकाय चुनाव कई चरणों में कराए जाएंगे और 15 नवंबर तक मतदान की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
यह मामला हाईकोर्ट तक तब पहुंचा, जब पंचायत और नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर अलग-अलग जनहित याचिकाएं दाखिल की गई।
पंचायत चुनाव में देरी के खिलाफ गिरराज सिंह देवांदा ने याचिका दायर की थी, जबकि नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि संविधान के अनुसार समय पर चुनाव कराए जा सकें।
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Created On : 20 July 2026 5:47 PM IST
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