राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: सरकार का चुनाव तारीखों का ऐलान जल्दी मुश्किल, हाईकोर्ट का निर्देश अभी भी बकाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव संबंधी विस्तृत कार्ययोजना और संभावित चुनाव कार्यक्रम के साथ अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, सरकार-निर्वाचन आयोग को बतानी होगी चुनावों की तारीख
Mon, 20 Jul 2026 08:05 AM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Mon, 20 Jul 2026 08:05 AM IST
सार
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों पर आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम पेश करना है। सुनवाई से चुनाव की तस्वीर साफ हो सकती है।
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विस्तार
क्या आज राजस्थान में पंचायत व निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान होगा? इस बड़े सवाल का जवाब आज राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ में होने वाली अहम सुनवाई में मिलेगा।
पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग, स्वायत्त शासन विभाग व राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव संबंधी विस्तृत कार्ययोजना और संभावित चुनाव कार्यक्रम (शेड्यूल) के साथ अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आज सरकार को कोर्ट के समक्ष चुनाव की तारीखों का ऐलान करना होगा।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजेश्वर सिंह से उस पत्र पर जवाब मांगा था, जिसमें चुनाव कराने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया था। अदालत ने पूछा था कि पहले से तय समय-सीमा होने के बावजूद अतिरिक्त समय की जरूरत क्यों पड़ी। सुनवाई के दौरान सीईसी ने अदालत को बताया था कि यह पत्र राज्य सरकार के आग्रह पर भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग समय पर चुनाव कराने के लिए कई बार सरकार को पत्र लिख चुका है।
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ओबीसी आयोग को सात दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने के लिए जो आवेदन किया गया था, उसमें कहा गया था कि ओबीसी आयोग की 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद 31 अगस्त तक राज्य सरकार आरक्षण निर्धारित कर राज्य निर्वाचन आयोग को भेज देगी।
लेकिन हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में ओबीसी आयोग को राजनीतिक आरक्षण संबंधी रिपोर्ट सात दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे और स्पष्ट किया था कि आयोग को 14 अगस्त तक का समय नहीं दिया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार को पदवार और वर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने तथा राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे।
सीईसी ने कहा- आरक्षण तय करना सरकार का अधिकार
सुनवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बयान जारी कर कहा था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और महिला आरक्षण तय करना राज्य निर्वाचन आयोग का नहीं, बल्कि राज्य सरकार का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जैसे ही पदवार और वर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करेगी,राज्य निर्वाचन आयोग दो दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम जारी कर देगा। राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण को लेकर कोई निर्णय लेना है, तो उसका अधिकार भी राज्य सरकार के पास है।
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पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पंचायती राज विभाग, स्वायत्त शासन विभाग व राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव संबंधी विस्तृत कार्ययोजना और संभावित चुनाव कार्यक्रम (शेड्यूल) के साथ अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आज सरकार को कोर्ट के समक्ष चुनाव की तारीखों का ऐलान करना होगा।
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पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
गुरुवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजेश्वर सिंह से उस पत्र पर जवाब मांगा था, जिसमें चुनाव कराने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया था। अदालत ने पूछा था कि पहले से तय समय-सीमा होने के बावजूद अतिरिक्त समय की जरूरत क्यों पड़ी। सुनवाई के दौरान सीईसी ने अदालत को बताया था कि यह पत्र राज्य सरकार के आग्रह पर भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग समय पर चुनाव कराने के लिए कई बार सरकार को पत्र लिख चुका है।
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ओबीसी आयोग को सात दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने के लिए जो आवेदन किया गया था, उसमें कहा गया था कि ओबीसी आयोग की 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद 31 अगस्त तक राज्य सरकार आरक्षण निर्धारित कर राज्य निर्वाचन आयोग को भेज देगी।
लेकिन हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में ओबीसी आयोग को राजनीतिक आरक्षण संबंधी रिपोर्ट सात दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे और स्पष्ट किया था कि आयोग को 14 अगस्त तक का समय नहीं दिया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार को पदवार और वर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने तथा राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे।
सीईसी ने कहा- आरक्षण तय करना सरकार का अधिकार
सुनवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बयान जारी कर कहा था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और महिला आरक्षण तय करना राज्य निर्वाचन आयोग का नहीं, बल्कि राज्य सरकार का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जैसे ही पदवार और वर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करेगी,राज्य निर्वाचन आयोग दो दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम जारी कर देगा। राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण को लेकर कोई निर्णय लेना है, तो उसका अधिकार भी राज्य सरकार के पास है।
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