राजस्थान में दो साल में छात्रों का दाखिला घटा, गहलोत बोले-सरकारी शिक्षा पर कम हो रहा लोगों का भरोसा | 'Public faith in govt education is crumbling': Gehlot on 8.4 lakh student dropouts
राजस्थान में दो साल में छात्रों का दाखिला घटा, गहलोत बोले-सरकारी शिक्षा पर कम हो रहा लोगों का भरोसा जयपुर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर भाजपा सर…

सौजन्य से:- bhaskarhindi.com
राजस्थान में दो साल में छात्रों का दाखिला घटा, गहलोत बोले-सरकारी शिक्षा पर कम हो रहा लोगों का भरोसा
जयपुर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने यूडीआईएसई प्लस डाटा का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो सालों में राजस्थान में स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में 8.4 लाख से ज्यादा की कमी आई है।
यूडीआईएसई प्लस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो एकेडमिक सेशन में राजस्थान में स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है।
गहलोत ने दावा किया कि राज्य के इतिहास में पहली बार प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या सरकारी स्कूलों से ज्यादा हो गई है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होने का नतीजा बताया।
गहलोत ने कहा, "यह बहुत चिंता की बात है कि भाजपा सरकार के दौरान सिर्फ दो सालों में राजस्थान में 8.4 लाख से ज्यादा छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया। इतिहास में पहली बार, प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या सरकारी स्कूलों से ज्यादा हो गई है। यह राज्य के सरकारी स्कूलों की गिरती साख का सीधा सबूत है।"
उन्होंने कहा, "विडंबना यह है कि इस दौरान शिक्षकों की संख्या 7.8 लाख से बढ़कर 7.9 लाख से ज्यादा हो गई, लेकिन कुप्रबंधन के कारण सरकारी स्कूलों में 9.3 लाख से ज्यादा छात्र कम हो गए। आज राजस्थान में न सिर्फ स्कूलों की छतें गिर रही हैं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का लंबे समय से बना भरोसा भी टूट रहा है।"
गहलोत ने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाई-लिखाई से अलग काम सौंपना, स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर का खराब होना, मरम्मत और रखरखाव के कामों में देरी और शिक्षा का राजनीतिकरण करने से पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है।
उन्होंने कहा, "शिक्षकों को पढ़ाई-लिखाई से अलग काम सौंपना, स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर का खराब होना, मरम्मत का काम रुकना और शिक्षा में सुधार पर ध्यान देने के बजाय सिलेबस का लगातार राजनीतिकरण करना इस गिरावट की वजहें हैं। जब शिक्षा मंत्री का ध्यान शिक्षा के अलावा हर चीज़ पर हो, तो ऐसी स्थिति का होना तय था।"
गहलोत ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने उन सुधारों को कमजोर कर दिया है जिनसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई थी।
उन्होंने पूछा कि कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए बेहतरीन सरकारी शिक्षा मॉडल (जिसमें इंग्लिश-मीडियम स्कूल भी शामिल थे) को इस सरकार की अदूरदर्शी सोच ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। मुख्यमंत्री जी, राजस्थान के बच्चों का भविष्य छीनने के लिए कौन जिम्मेदार है?
यूडीआईएसई प्लस रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में कुल स्कूल पंजीकरण 2023-24 में 1.67 करोड़ से घटकर 2024-25 में 1.63 करोड़ और फिर 2025 में 1.59 करोड़ हो गया, यानी दो सालों में कुल मिलाकर 8.4 लाख से ज्यादा छात्र कम हो गए।
इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक राजस्थान सरकार ने गहलोत के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
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Created On : 9 July 2026 2:57 PM IST
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