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निकाय चुनाव के नाम पर ठगी कर सकते हैं साइबर अपराधी, जानें कैसे करें बचाव ?

निकाय चुनाव के नाम पर ठगी कर सकते हैं साइबर अपराधी, जानें कैसे करें बचाव ? राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है. Published : August 24, 2026 at 8:54 PM IST जयपुरः नगर निकाय एवं पंचायती राज…

ETV Bharat के अनुसार24 अगस्त 2026 को 03:57 pm बजे
निकाय चुनाव के नाम पर ठगी कर सकते हैं साइबर अपराधी, जानें कैसे करें बचाव ?

सौजन्य से:- ETV Bharat

निकाय चुनाव के नाम पर ठगी कर सकते हैं साइबर अपराधी, जानें कैसे करें बचाव ?

राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है.

Published : August 24, 2026 at 8:54 PM IST

जयपुरः नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के दौरान साइबर ठग मतदाताओं, चुनाव प्रत्याशियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को निशाना बनाकर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रामक सूचनाएं फैला सकते हैं.

इसको लेकर डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर आमजन को सतर्क रहने की अपील की है. एडीजी, साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं वी.के. सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की साइबर क्राइम शाखा द्वारा जारी साइबर एडवाइजरी के अनुसार चुनाव के दौरान विशेष रूप से फर्जी लिंक, OTP, QR कोड, फिशिंग ई-मेल और डीपफेक-फेक न्यूज के प्रति सावधानी बरतने की अपील की गई है.

वोटर लिस्ट में देखें अपना नाम के लिंक से ठगीः साइबर ठग WhatsApp या SMS के जरिए 'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें', 'आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' जैसे संदेश भेजकर फर्जी लिंक पर क्लिक करने को कह सकते हैं. ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करें. मतदाता सूची या मतदान संबंधी जानकारी के लिए केवल State Election Commission, Rajasthan और CEO Rajasthan की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें.

अधिकारी बन मांग सकते हैं ओटीपीः उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर वोटर कार्ड अपडेट, सत्यापन अथवा अन्य चुनावी प्रक्रिया के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति को OTP, बैंक विवरण, UPI PIN या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करें. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर नेताओं के नाम से फर्जी वीडियो, ऑडियो, भाषण एवं डीपफेक सामग्री वायरल की जा सकती है. किसी भी सामग्री को बिना आधिकारिक पुष्टि के सच न मानें और उसे आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें.

प्रत्याशी और कार्यकर्ता अपना अकाउंट रखें सुरक्षितः उन्होंने चुनाव प्रत्याशी एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं से भी कहा है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट जैसे Facebook, Instagram, X और WhatsApp अकाउंट पर Two-Step Verification (2FA) अनिवार्य रूप से सक्रिय रखें. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें तथा किसी अनजान लिंक के माध्यम से लॉगिन संबंधी जानकारी साझा न करें. डोनेशन एवं फंड रेजिंग के नाम पर प्राप्त होने वाले UPI लिंक और QR कोड की अच्छी तरह जांच करें. किसी को पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी अपना UPI PIN दर्ज नहीं करना पड़ता. QR कोड स्कैन करने अथवा PIN डालने से पहले लेन-देन की पूरी जानकारी जांच लें.

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WhatsApp ग्रुप एडमिन भी रहें सतर्कः उन्होंने WhatsApp ग्रुप एडमिन को भी सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे प्रचार एवं चुनाव संबंधी WhatsApp ग्रुप में केवल भरोसेमंद सदस्यों को ही संदेश पोस्ट करने की अनुमति दें. ग्रुप सेटिंग में “Only Admins” विकल्प का उपयोग कर भ्रामक अथवा आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार की आशंका को कम किया जा सकता है. यह भी निर्देश दिए गए हैं कि चुनावी डेटा अथवा EVM/VVPAT से संबंधित संवेदनशील जानकारी किसी निजी डिवाइस या असुरक्षित नेटवर्क/Public Wi-Fi पर साझा न करें. अनजान ई-मेल आईडी से प्राप्त चुनाव संबंधी सर्कुलर, लिंक अथवा अटैचमेंट को बिना सत्यापन के ओपन न करें.

ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायतः किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो वह बिना देरी किए 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं. इसके साथ ही नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है.

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