भाजपा कार्यालय पर रेलवे की आपत्ति, सरकारी जमीन का दावा: दोबारा राजस्व रिकॉर्ड खोजेंगे
भाजपा के कोटा शहर कार्यालय के निर्माण पर रेलवे ने आपत्ति जताई है. रेलवे ने कहा है कि यह जमीन सड़क निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन भाजपा कार्यालय बनाया जा रहा है. यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा है कि रेलवे का पहला मामला सुना है, इसलिए दोबारा राजस्व रिकॉर्ड खोजेंगे और इसकी जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी.

सौजन्य से:- ETV Bharat
रेलवे ने कोटा में भाजपा कार्यालय के निर्माण पर जताई आपत्ति, कहा-सड़क के लिए दी थी जमीन...जानिए मंत्री का जवाब
केडीए ने की भाजपा को जमीन अलॉट. मंत्री खर्रा ने केडीए से रेवन्यू रिकॉर्ड संभालने एवं रेलवे अधिकारियों से बात करने का निर्देश दिया है.
Published : July 11, 2026 at 2:48 PM IST
कोटा: रेलवे ने शहर की 80 फीट रोड पर बन रहे भाजपा के कोटा शहर और देहात कार्यालय को लेकर आपत्ति जताई है. रेलवे ने कहा कि यह जगह 80 फीट रोड पर सड़क निर्माण के लिए दी थी, लेकिन इसकी जगह भाजपा कार्यालय बन रहा है. कोटा विकास प्राधिकरण ने गलत जमीन अलॉट कर दी. यह जमीन आमजन की सुविधा के लिए दी थी, लेकिन इसका उचित उपयोग नहीं किया जा रहा है. असल में कोटा विकास प्राधिकरण ने यह जमीन भाजपा को अलॉट की थी, जिस पर निर्माण अनुमति लेकर पार्टी का कार्यालय बनाया जा रहा है. इसका शिलान्यास 2019 में किया गया था. इसके बाद 2026 में पूजन व हवन के साथ निर्माण शुरू किया गया. दूसरी तरफ भाजपा नेताओं ने कहा कि यह जमीन पूरी तरह से अलॉट और पैसा जमा करा कर ली गई है. इस बीच, कोटा आए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि रेलवे राजस्व या संबंधित नगर निकाय से भूमि मांग कर ले सकता है, लेकिन पहला मामला सुना है, जब रेलवे कह रहा है कि हमने तत्कालीन कोटा नगर विकास न्यास को यह लीज पर दी थी. केडीए अधिकारियों से खुद का रेवन्यू रिकॉर्ड संभालने एवं रेलवे अधिकारियों से बात करने का निर्देश दिया है.
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल इंजीनियर को-आर्डिनेशन महेंद्र सिंह ने कहा कि रेलवे ने यह जमीन तत्कालीन नगर विकास न्यास (UIT) और वर्तमान कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) को सड़क निर्माण के लिए दी थी ताकि आमजन को सुविधा हो. इस पर अन्य निर्माण नहीं होना था, लेकिन इस पर निर्माण किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है. हमने इस पर आपत्ति जताई है. निर्माण हटाने को कहा है. यह अतिक्रमण ही किया है. कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने कहा कि यह मामला मेरे प्रसंज्ञान में हाल में आया है. इसकी पूरी जानकारी लेता हूं. केडीए जमीन का अलॉटमेंट पूरे नियम और कायदे से ही करता है. ऐसे में किस तरह की रेलवे की आपत्ति कर रही है, यह पूरी जांच के बाद ही सामने आएगा.
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भाजपा के कोटा शहर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि हमने केडीए में पूरा पैसा जमा कराया था. इसके बाद यह जमीन हमें अलॉट हुई है. इसकी रजिस्ट्री हमारे नाम से कोटा विकास प्राधिकरण ने कर दी है. दूसरी तरफ इस पूरी लाइन में ही निर्माण पहले से ही हो रहा है. ऐसे में रेलवे अपनी जगह कैसे बता सकता है. पास में नगर निगम का बस गैराज, शॉपिंग मॉल और रोडवेज का बस स्टैंड भी है.कुछ फैक्ट्रियां भी पास की जमीन पर बनी हुई है.
रेलवे का पहला मामला सुना: इधर, एक सप्ताह में दूसरी बार कोटा आए यूडीएच मंत्री खरा ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यहां 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण किए जाने हैं. कोटा भाजपा कार्यालय के निर्माण पर रेलवे ने आपत्ति जताई है और खुद की भूमि बता दी. इस पर मंत्री ने कहा रेलवे का पहला मामला सुना है कि जब वह कह रहा है कि हमने तत्कालीन कोटा नगर विकास न्यास को यह लीज पर दी थी. पिछले दिनों रेलवे, राजस्व विभाग और केडीए की टीम ने भी सीमा ज्ञान पुराने रिकॉर्ड के आधार पर किया था. इस सीमा ज्ञान के हिसाब से यह भूमि कोटा विकास प्राधिकरण की आ रही है. रिकॉर्ड में कोटा विकास प्राधिकरण के स्वामित्व की जमीन आ रही है. मैंने केडीए अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलवे अधिकारियों से बात कर रिकॉर्ड मांगा है. किस आधार पर जमीन पर रेलवे अपना दावा कर रहा है. दूसरी तरफ केडीए अधिकारियों से भी कहा है कि वे अपना और राजस्व रिकॉर्ड खंगाल लें. उसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी.
हाईकोर्ट के निर्णय की समीक्षा: कृषि भूमि से आबादी कन्वर्जन, कच्ची बस्ती के पट्टे, स्ट्रिप ऑफ लैंड आवंटन व सरकारी भूमि या गैर खातेदारी भूमि का कब्जे के आधार पर नियमन समेत कई कार्यो पर रोक लगा दी गई है. इस पर खर्रा ने कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय आया है. विधिक राय के बाद तय करेंगे कि क्या कर सकते हैं? तब अंतिम निर्णय लिया जाएगा. शहरी सेवा शिविर में जितने काम पर रोक लगाई है, उन्हें रुकवा दिया है. शेष कार्य शिविर में चल रहे हैं. इसका क्या रास्ता निकलेगा और हाईकोर्ट की क्या मंशा है, यह समीक्षा व विधिक राय के आधार पर ही निर्णय होगा. इस दौरान जाट समाज कोटा की तरफ से कोषाध्यक्ष रवि चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी ने उनका स्वागत किया.
इन विकास कार्यों का शिलान्यास
- 60 करोड़ रुपए से चंबल गार्डन का सौंदर्यीकरण
- 20 करोड़ रुपए से किशोरपुरा मुक्ति धाम का विकास कार्य
- 30 करोड़ रुपए से विकास पथ का निर्माण
- 40 करोड़ रुपए से जवाहर नगर से एमबीएस रोड तक विकास कार्य
- 10 करोड़ रुपए से संविधान पार्क
- 11 करोड़ रुपए से वैदिक पार्क
- 15 करोड़ रुपए से मथुराधीश मंदिर का कॉरिडोर
- 100 करोड़ रुपए की लागत से कोटा शहर के विभिन्न पार्कों में सौंदर्यीकरण और विकास कार्य
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