राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- ईसरदा बांध से पाइप लाइन से रामगढ़ बांध में लाएंगे पानी
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- ईसरदा बांध से पाइप लाइन से रामगढ़ बांध में लाएंगे पानी एसीएस जल संसाधन विकास विभाग ने कहा कि यह प्रोजेक्ट, 2028 तक पूरा हो जाएगा Published : July 23, 2026 at 8:43 PM IST जयपुरः राजस्थान ह…

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राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- ईसरदा बांध से पाइप लाइन से रामगढ़ बांध में लाएंगे पानी
एसीएस जल संसाधन विकास विभाग ने कहा कि यह प्रोजेक्ट, 2028 तक पूरा हो जाएगा
Published : July 23, 2026 at 8:43 PM IST
जयपुरः राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार को रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने के मामले में राज्य सरकार ने अपनी योजना बताई है. राज्य सरकार के महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने जल संसाधन विकास विभाग के प्रोजेक्ट का हवाला देते हुए कहा कि ईसरदा बांध से 105 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए रामगढ़ बांध में पानी लाया जाएगा.
एसीएस जल संसाधन विकास विभाग ने कहा कि यह प्रोजेक्ट, 2028 तक पूरा हो जाएगा और यह पानी पीने के काम में आएगा. राज्य सरकार ने यह भी बताया कि पहले यह पानी चैनल के जरिए लाने का प्लान था, लेकिन इसमें पानी को रास्ते में रोके जाने की संभावना थी. इसके चलते अब ईसरदा बांध से पानी पाइप लाइन के जरिए आएगा. राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने एजी को सभी संबंधित विभागों की ओर से शपथ पत्र के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि रामगढ़ बांध में पानी किस तरह से आ पाएगा?.
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यह भी बताने के लिए कहा है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में कितने रेफरेंस हुए और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है?. एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह निर्देश रामगढ़ बांध सहित प्रदेश के अन्य जल स्रोतों में अतिक्रमण से जुडे़ स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में दिया. वहीं, खंडपीठ ने सभी विभागों के संबंधित अफसरों को उपस्थिति से छूट देते हुए जिला कलेक्टर को ही आगामी सुनवाई पर वीसी के जरिए पेश होने के लिए कहा है.
सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालन में जिला कलेक्टर, प्रमुख राजस्व सचिव, एसीएस जल संसाधन विकास विभाग, एसीएस सिंचाई व जेडीसी वीसी के जरिए पेश हुए. अदालत ने उनसे पूछा कि रामगढ़ बांध क्षेत्र में जो एनीकट हैं, उनका क्या कर रहे हैं?. इस पर अदालत को बताया गया पूर्व आदेश के पालन में 2 मीटर से ज्यादा ऊंचाई के एनीकट हटा दिए थे.
जिस पर न्याय मित्र अधिवक्ता डॉ. अभिनव शर्मा ने कहा कि बाणगंगा नदी बांध को भरने का मुख्य स्रोत थी, लेकिन नदी के बहाव क्षेत्र में ही अतिक्रमण व एनीकट बने हुए हैं. पूर्व में 2018 की रिपोर्ट में भी 441 एनीकट होने की जानकारी है. अदालत ने सभी पक्षों को सुनकर एजी को शपथ पत्र पेश करने का निर्देश देते हुए आगामी सुनवाई गुरुवार को तय की है. हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2011 को रामगढ़ बांध सहित प्रदेश के जल बहाव क्षेत्रों में अतिक्रमण मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेकर राज्य सरकार, जेडीए, नगर निगम सहित अन्य विभागों को विस्तृत आदेश दिया था.
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