दोस्तों, परिवार के लोगों को राजस्थान पुलिस ने किया फोन, तो भड़के सीजेपी के आशुतोष रांका
दोस्तों, परिवार के लोगों को राजस्थान पुलिस ने किया फोन, तो भड़के सीजेपी के आशुतोष रांका, बोले- मुझसे ही पूछ लो... आशुतोष रांका राजस्थान की राजधानी जयपुर से हैं. वह फिलहाल सीजेपी के संस्थापक सदस्य और पार्टी में प्रवक्ता क…

सौजन्य से:- ABP News
दोस्तों, परिवार के लोगों को राजस्थान पुलिस ने किया फोन, तो भड़के सीजेपी के आशुतोष रांका, बोले- मुझसे ही पूछ लो...
आशुतोष रांका राजस्थान की राजधानी जयपुर से हैं. वह फिलहाल सीजेपी के संस्थापक सदस्य और पार्टी में प्रवक्ता की भूमिका में है. अभिजीत दिपके, सौरभ दास और उन्हीं के नेतृत्व में इस प्रोटेस्ट को चलाया जा रहा है.
जंतर मंतर पर चल रहे सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रोटेस्ट के मुख्य चेहरा और सोशल मीडिया से खड़ी हुई इस पार्टी के फ्रंट लाइन नेता आशुतोष रांका ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने राजस्थान पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है. रांका ने पुलिस पर उनके परिवार वालों और दोस्तों को कॉल कर उनसे जुड़ी जानकारी जुटाने का आरोप मढ़ा है.
आशुतोष ने कहा, 'मेरे कई दोस्तों और रिश्तेदारों को राजस्थान पुलिस, सीआईडी, और आईबी की तरफ से मेरे परिवार के बारे में पूछताछ करने के लिए फोन आ रहे हैं.' आशुतोष ने आगे कहा, 'भाई मुझसे ही पूछ लो, मैं ही बता दूंगा.' आशुतोष ने इस पोस्ट में राजस्थान पुलिस को भी टैग किया है.'
कौन हैं राजस्थान के आशुतोष रांका
आशुतोष रांका राजस्थान की राजधानी जयपुर से हैं. वह फिलहाल सीजेपी के संस्थापक सदस्य और पार्टी में प्रवक्ता की भूमिका में है. अभिजीत दिपके, सौरभ दास और उन्हीं के नेतृत्व में इस प्रोटेस्ट को चलाया जा रहा है. रांका ने अपनी हायर एजुकेशन देश के शीर्ष संस्थान आईआईटी कानपुर से की है.
इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है. उन्होंने कॉरपोरेट में अपना करियर बनाने की बजाय, युवाओं, स्टूडेंट्स और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी आवाज उठाने का रास्ता चुना. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है.
6 जून से चल रहा जंतर मंतर पर प्रदर्शन
NEET यूजी पेपर लीक के बाद दिल्ली जंतर मंतर पर पिछले 6 जून 2026 से शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अन्य मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन चल रहा है. यह प्रदर्शन इंस्टाग्राम पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जारी है. इस दौरान करीबन 26 दिन तक जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल कर युवाओं के इस आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाई. हालांकि, उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. इस आंदोलन का नेतृत्व अभिजीत दिपके कर रहे हैं. उनके साथ एसएफआई, आइसा और एआईएसएफ जैसे छात्र संगठन भी इस आंदोलन में शामिल हैं. इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार करना है.
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