होमक्राइमसावन के बाद क्या भादों भी रहेगा सूखा? ट्रफ लाइन खिसकी, राजस्थान में कई जिलों में गहराया जल संकट
क्राइम

सावन के बाद क्या भादों भी रहेगा सूखा? ट्रफ लाइन खिसकी, राजस्थान में कई जिलों में गहराया जल संकट

Rajasthnan Monsoon Update:राजस्थान में मानसून सुस्त पड़ने से लगभग 17 जिलों में जलसंकट जैसे हालात हो गए हैं। इस बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से 16 प्रतिशत कम हो गया है। पाली सबसे सूखा जिला दर्ज हुआ है। हालांकि 3-4 सितंबर स…

Navbharat Times के अनुसार29 अगस्त 2026 को 06:32 am बजे
सावन के बाद क्या भादों भी रहेगा सूखा? ट्रफ लाइन खिसकी, राजस्थान में कई जिलों में गहराया जल संकट

सौजन्य से:- Navbharat Times

Rajasthnan Monsoon Update:राजस्थान में मानसून सुस्त पड़ने से लगभग 17 जिलों में जलसंकट जैसे हालात हो गए हैं। इस बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से 16 प्रतिशत कम हो गया है। पाली सबसे सूखा जिला दर्ज हुआ है। हालांकि 3-4 सितंबर से हल्की राहत संभव है।

जयपुर: राजस्थान में सावन बीतने के साथ ही मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। मौसम के जानकारों के अनुसार सावन के बाद भादों के शुरुआती हफ्ते में भी अच्छी बारिश की संभावना काफी कम है। बता दें कि प्रदेश में इस सीजन में अब तक सामान्य बारिश (352.22 मिमी) की तुलना में केवल 295.1 मिमी वर्षा ही दर्ज की गई है, जो कि सामान्य से 16.21प्रतिशत कम है। जयपुर समेत राज्य के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात निर्मित हो रहे हैं।

जानिए क्या हैं मानसून सुस्त होने के मुख्य कारण

ट्रफ लाइन का खिसकना: मौसम विभाग जयपुर केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी में खिसक गई है।

नमी की कमी: बंगाल की खाड़ी से आने वाले नमी वाले वेदर सिस्टम केवल पूर्वी भारत तक ही सीमित रह गए हैं, जिससे राजस्थान में बारिश थम गई है।

जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम

जयपुर मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में सिंतबर के पहले सप्ताह बारिश की स्थिति बेहद सामान्य रहेगी। कुछ इलाकों में छुटमुट बारिश और बूंदाबादी हो सकती है। बारिश रुकने से मौसम शुष्क हो गया है। बताया जा रहा है कि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में दिन का तापमान 40डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों तक इसके 40डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने रहने की संभावना है। अगले एक हफ्ते तक किसी नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के आसार नहीं हैं। बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में मानसून कमजोर रहेगा। हालांकि 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा शुरू होने का अनुमान है।

ये हैं सबसे कम बारिश वाले 5 प्रमुख जिले

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें